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25 अगस्त 2016

राजा नो पण राजा छो तू राजा रणछोड़ रचना :जोगीदानभाई पिंगलशीभाई नरेला.भावनगर

राजा नो पण राजा छो तू राजा रणछोड़
.                         : रचना :
जोगीदानभाई पिंगलशीभाई नरेला.भावनगर
राजा नो पण राजा छो तु, राजा रणछोड़,
द्वारिका नो नाथ मारो, राजा रणछोड़
सुदामा ना तांदुल चाख्या विदुरजी नी भाजी
साथे रमता साथे जमता ते यादी थय ताजी
कीधा महेल बधा कंचनना क्या उडी गई कोड(2)........ द्वारिका नो नाथ...1
हैयडे नहि किंमत हिरानी मस्ती प्रिय भक्ति मिरानी.
विंटेल आंगली ऐ वीरानी लाख गणि किंमत लिरानी
दौडी दौडी द्रोपदी ने आपिती सहाय अजोड (2)............द्वारिका नो नाथ..2
स्वीकारी ते नरसैयानी हेते हरिवर हुंडी
अंतरयामी गयो ओळखी ऐनी भक्ती ऊंडी
सन्मुख दे दर्शन शमलियोमन मा नोय मरोड (2) .......द्वारिका नो नाथ...3
जोगी नी छो जीवादोरी दिव्य जीवन दे दोरी
महाप्रभु मे मलवा माटे धार्यो मारग धोरी
दीनबन्धु तारा दर्शनना करजे पूरा कोड (2)   ...........द्वारिका नो नाथ.....4
            धर्मदीप ऐ. नरेला
 घरे - घर कृश्ण जन्म उजवजो

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