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24 जनवरी 2016

|| गेली गतराड || . रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)

.                         || गेली गतराड ||
.            रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)
.   राग: .वरांणा रे वाळी खेलती तुं वैराट मा.(विलंबित)
ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी, हाक थी कंपे हाथी हजारो ना हाड रे
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...टेक
खोड्य मां रे आवेलुं पेड़ुंय खेलवा , मांगीयो ऐणे बाप मारु नो बाळ रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||01||


ऐकरंगा मारु ये बेटो आपीयो, रंग छे चारण कुंळ उजाळ्युं राय रे...
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||02||


नटडा रे बाळक ने लई ने निकळ्या, पुजता पोग्या दीलीयांणे दरबार रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||03||


पादश्या नी पेलो बाळुडा न पुजीयो, बादसा ने तो जोवतां लागी जाळ रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||04||


बादसाये बान्यो रो पाता बाळ ने, जोत जोता मां जोध थीयेलो जुवान रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||05||


पाता रे मारु धोडाय पलांणीया, बळीयो सारण आवियो विंधी बजार रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||06||


शेरीयुं मां भाळी रे नागण सुंदरी, वदीयुं वेवि साळ नी मोटी वात रे ..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||07||


आदु थी दीकरीयुं नागोय आपता, घडीयां तोरण घडीयो विधी घाट रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||08||


परणीं ने गेली पाता ने पुछती, जोगणी हारे सीद थासे संसार रे...
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||09||


मुकीयां रे हेठां पानेतर मोडीयो, हाक करी ने आपीयुं खांडु हाथ रे...
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||10||


सगती नो साचो पाता तुं सायबो, समरे तारे साथ दीयुं भव सात रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||11||


परण्ये जो बिजे के नारी ने पेखसे, गांडो करुं हुं गेली तने गतराड रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||12||


खंचकातो आव्यो ज्यां मारु खोडमा, जोगणीं एनी याद मां जोडाजोडरे.
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||13||


मेंणलां रे पाता ने कुडां मारीयां, हठ थी बीजे करीया पीळा हाथ रे...
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||14||


फरीयो रे फेरा त्यां माथु फेरीयुं, बांधीयो सांकळ बारणा दीधां बंध रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||15||


बावळी ना बाटी न मारुं ज्यारे बाखड्या, भ्रखीतांमारु भड़ बाटी थ्या भुंड  रे.
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||16||


सांभळी रे पोकुं सुरो थियो साबदो, जोगणी पाता जोड्य मां जोगी दान रे.
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||17||


खेलवा रे मांड्यो खांडा नाय खेलने, चुड चंडी नो जांणे उठ्यो जमरांण रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||18||


वळीयो रे ज्यारे वेरी नेय वाढतो, कंथ गेली नो कंपवा मांड्यो काय रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||19||


मुकीयुं रे खांडु ने देयुं मेलीयुं, खांडीया धरे खोड्य नो पुरो खेल रे..
जोगण जोगानी.. ग्रजना रे केवी गेली गतराड नी,...||20||

(मॉं भगवती आई श्री गेली गात्राड ने मारां हजारो वंदन.सह.पाता मारु अने मां गेली गतराड ना जीवन प्रसंग ने संक्षिप्त मां वणीलई जांणवानी ईच्छा वाळा साहीत्य चाहको नी सेवामां..........)
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