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11 जुलाई 2022

स्व. श्री बचुभाई गढवीनी पुण्यतिथि

स्व. श्री बचुभाई गढवीनी  पुण्यतिथि

समर्थ वार्ताकार श्री बचुभाई गढवी नुं टूंकमां परिचय
नाम :- जीवाभाई रोहडीया (उर्फे बचुभाई गढवी)
पितानुं नाम :- भावसंगभाई रोहडीया
मातानुं नाम :- जीवुबा
जन्म :- ता.21-03-1932
जन्म स्थळ :- देदादरा
अवसान ::- 11-07-1995

वधारे माहिती माटे ::- Click Here

बचुभाई गढवीना स्वर मां ऑडियो डाउनलोड करवा माटे ::- Click Here

17 मार्च 2021

पद्मश्री दुला भाया काग (भगत बापु)नी पुण्यतिथी

आजे पद्मश्री दुला भाया काग (भगत बापु)नी  पुण्यतिथी  छे


आजे काग बापु ना टुंकमां परिचय साथे तेमना स्वरमां अप्राप्य ऑडियो मुकवानो नानकडो प्रयास करेल छे.

पद्मश्री कवि दुला भाया काग (भगत बापु ) नो संक्षिप्तमां परिचय  

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नाम          :- दुला भाया काग
पितानुं नाम :- भाया काग
जन्म तारीख :- 25-11-1902
जन्म स्थळ  :- मजादर 
अभ्यास    :- पांच धोरण
काव्य ग्रंथ :- कागवाणी भाग 1 थी 7
भारत सरकार द्रारा ता.26-01-1962 ना रोज पद्मश्री ऐवोर्ड थी पुरस्कृत करवामां आवेल
अवशान :- फागण - सुद-4 अने ता. 22-02-1977

GUJARATI MA PDF FILE MATE :- Click Here

काग बापुनी रचनाओ माटे  :-  Click Here

पद्मश्री दुला भाया काग (भगत बापु)नी 44 मी पुण्यतिथी  ऐ कोटी कोटी वंदन


आजे दुला भाया काग(भगत बापु)ना स्वरमां नीचे मुजबना ऑडियो मुकवानुं नानकडू प्रयास करेल छे.


ओडियो 




➡ ओडियाना नाम  पर क्लिक करशो ऐटले Download Anyway ऑप्शन आवशे तेना पर क्लिक करशो ऐटले डाउनलोड थई जाशे

➡ आ अप्राप्य ऑडियो कुरियर मारफते मोकलाववा बदल श्री वेरशीभाई वरमल रे. भाटिया ता. काल्याणपुर जी द्रारका वाळा अने ई-मेइल मारफते मोकलवा बदलश्री गांगाभाई गढवी जाम खंभाड़ीया वाळा नुं खूब खूब आभार

      वंदे सोनल मातरम्





विडियो 

1-TARI SHITAL CHHAYADI


2-KAG BAPU NO PARICHAY


3- BHARAT MILAP

4- JAM AJAJI NI VAAT






2 फ़रवरी 2021

वजा भगत (काठडा ता.मांडवी कच्छ) नी पुण्यतिथी


आजे पोष वद-5  ऐटले समाज सेवक अने कच्छीमां गीता ना सर्जक श्री वजा भगत (काठडा ता.मांडवी कच्छ) नी  पुण्यतिथी छे.

आजे तेमनुं संक्षिप्तमां जीवन चरित्र

नाम             :- वरजांग (वजा भगत)
पितानुं नाम   :- गोपाल कानाणी
मातानुं नाम   :- जेतबाई
जन्म            :- वैशाख सुद-3 ता.03-05-1916
अवसान       :- पोष वद-5 ता.27-01-1989

श्रीमद् भगवत गीताना 18 अध्यायो नो कच्छी भाषामां सर्जन करेल अने 1982 मां आ छपावी कच्छी प्रजाने आध्यात्मिक ग्रंथ नी भेट आपेल.

वधारे माहिती माटे (Pdf File) Click Here


वजा भगतनी  पुण्य तिथी ऐ कोटी कोटी वंदन


11 नवंबर 2020

प.पु. आईश्री हीरबाई मानी पुण्यतिथि

 आजे आसो वद -11  ऐटले  प.पु. आईश्री हीरबाई  मानी पुण्यतिथि 


प.पु. आईश्री हीरबाई  मांनो संक्षिप्त परीचय
नाम                      : हीरबाई मां 
पितानु नाम           :  राणशीभाई दादाभाई गढवी (कानाणी) 
मातानु नाम           : मालबाई  
जन्मस्थल            : काठडा , ता.मांडवी  , जी. कच्छ
स्वधामगमन       : वि.सं 2075 , आसो वद  -11
                              ता. 03-11-2018 

संदर्भ : श्री विरेन्द्रभाई कानाणी द्रारा मळेल माहिती मुजब 

वधारे माहिती माटे PDF :- Click Here

24 मई 2020

क्रांतिकारी प्रतापसिंह बारहट(चारण) की जयंती एवं शहादत दिवस

क्रांतिकारी प्रतापसिंह बारहट(चारण) की  जयंती एवं  शहादत दिवस


शहीद प्रतापसिंह बारहट्ट (चारण)   

उनका जन्म राजस्थान के उदयपुर में हुआ थे। वे केसरी सिंह बारहठ के पुत्र थे। प्रारंभिक शिक्षा कोटा, अजमेर और जयपुर में हुई। क्रांतिकारी मास्टर अमीरचंद से प्रेरणा लेकर देश को स्वतंत्र करवाने में जुट गए।

वे रासबिहारी बोस का अनुसरण करते हुए क्रांतिकारी आन्दोलन में सम्मिलित हुए। रास सिंह बिहारी बोस का प्रताप पर बहुत विश्वास था। ३ दिसम्बर १९१२ को लॉर्ड हर्डिंग्स पर बम फेंकने की योजना में वे भी सम्मिलित थे। उन्हें बनारस काण्ड के सन्दर्भ में गिरफ्तार किया गया और सन् १९१६ में ५ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा हुई। बरेली के केंद्रीय कारागार में उन्हें अमानवीय यातनाएँ दी गयीं ताकि अपने सहयोगियों का नाम उनसे पता किया जा सके किन्तु उन्होने किसी का नाम नहीं लिया। ७ मई १९१८ को जेल में ही उनकी मृत्यु हो गई। बरेली जेल में चार्ल्स क्लीवलैंड ने इन्हें घोर यातनाएं दी ओर कहा - "तुम्हारी माँ रोती है " तो इस वीर ने जबाब दिया - " में अपनी माँ को चुप कराने के लिए हजारों माँओ को नहीं रुला सकता। " और किसी भी साथी का नाम नहीं बताया।


"वीरां प्रताप जननीम् सततम् स्मरामि''
....................................................
यह वे शब्द हैं जो आजादी के पुरोधा और अमर शहीद ठाकुर केसरीसिंह बारहठ ने अपने पुत्र अमर शहीद कुंवर प्रतापसिंह बारहठ की शहादत पर वीर माता माणिक्य कंवर के प्रति ऐसा पुत्र जनने पर आभार प्रकट करते हुए कहे थे।
............................................................
......................................
मैं अपनी एक मां को हंसाने के लिए हजारों माताओं को नहीं रूला सकता
............................................................
...................................
पराधीनता के पाश को काटने के लिए सर्वस्व बलिदान की भाव-भूमि पर खड़े भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन में निहित आनंद-मठ की संतानों की अप्रतिम उत्सर्ग भावना को शाहपुरा के बारहठ परिवार ने चरितार्थ कर दिखाया था। प्रतापसिंह बारहठ समूचे देश में विरले ही क्रांतिकारी हैं जिनका जन्मदिन व पुण्यतिथि एक ही दिन की है। शाहपुरा जिला भीलवाड़ा में जन्मे कुंवर प्रतापसिंह बारहठ की जन्मतिथि 24 मई 1893 तथा आत्मोत्सर्ग 24 मई 1918 को हुआ है। प्रताप का बचपन व प्रांरभिक शिक्षा कोटा में हुई। प्रताप ने आजादी के आंदोलन में प्राणोत्सर्ग का निश्चय कर मां से धोती फट जाने के बहाने तीन रुपए का प्रबंध करने की विनती की और मां ने रुपए का प्रबंध कर उन्हें दिए। तब वीर माता यह नहीं जानती थी कि उसके पुत्र को यह रुपए धोती के लिए नहीं आजादी के आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रस्थान करने को चाहिए। दिल्ली के चांदनी चौक में लार्ड हॉर्डिंग्स पर बम फेंकने के बाद वीरवर प्रताप के पकड़े जाने पर वीर माता को प्रताप की यह बात समझ आई। तब उस वीर माता का जो कथन था वह आज भी रगों में उबाल ला देता है। उन्होंने कहा था कि यदि प्रताप मुझे अपनी मंशा जाहिर करता तो मैं उसे तिलक लगाकर विदा करती।
घर से निकलने के बाद प्रताप क्रांतिकारी दल में शामिल हो गए। जहां उनका रास बिहारी बोस, मास्टर अमीरचंद जैसे क्रांतिकारियों से संपर्क हुआ और अल्प समय में ही वह विपल्वकारी क्रांति पुजारी प्रताप उनका विश्वासपात्र बन गया। और इसके बाद ही उन्होंने वीरवर काका जोरावरसिंह बारहठ के साथ मिलकर दिल्ली के चांदनी चौक में लार्ड हॉर्डिंग पर उस समय बम फेंका जब वह भारत वर्ष की अस्मिता को रौंदने के उद्देश्य से हाथी पर बैठकर अपनी अंग्रेजी शान को दर्शाने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद प्रताप लंबे समय तक भूमिगत रहकर क्रांतिकारी गतिविधियों को अंजाम देते रहे। फिर वह काला दिन भी आया जब अपने एक परिचित की गद्दारी के कारण जोधपुर के निकट आसानाडा रेलवे स्टेशन पर धोखे से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें बरेली जेल में भेजा गया, जहां अंग्रेजों ने भारत मां के उस वीर सपूत को घोर यातनाएं दीं और पिता केसरी सिंह व चाचा जोरावर सिंह को छोड़ देने जैसे प्रलोभन देकर तोड़ना चाहा।
"प्रताप को कहा गया कि तुम्हारी मां तुम्हारे लिए रोती है। तब उस वीर सपूत द्वारा दिया गया जवाब अंग्रेज अफसरों को अंदर तक हिला गया। प्रताप ने निड़र होकर बड़े साहस के साथ उत्तर दिया कि मैं अपनी एक मां को हंसाने के लिए हजारों माताओं को नहीं रूला सकता। ऐसा था आजादी का वरण करने वाला वो महान योद्धा।"
अंग्रेजों के जुल्म की इंतहा यही पर खत्म नहीं हुई, उन जालिमों ने कुंवर प्रताप के आत्मोत्सर्ग करने बाद भी उनकी पार्थिव देह को अपमानित करने का प्रयास किया और प्रताप के हिंदू होने के बावजूद ब्रिटिश अधिकारियों ने उनकी पार्थिव देह को बरेली जेल परिसर में कब्र खोद कर दफना दिया। प्रताप को अंतिम बार भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी में लगे अंग्रेज अफसर मिस्टर आर्मस्ट्रांग, तत्कालीन इंस्पेक्टर जनरल पुलिस, इंदौर, के सैलून में देखा गया था। जब वे पुलिस हिरासत में थे। मिस्टर आर्मस्ट्रांग प्रताप के पिता केसरीसिंह बारहठ के विरुद्घ चल रहे राजद्रोह के केस का इंनेस्टीगेशन इंचार्ज था। उस समय पिता-पुत्र के बीच कुछ पल संवाद हुआ, जिसमें पिता ने प्रताप को ताकीद किया कि यदि उसने अंग्रेजों से किसी भी प्रकार का समझौता किया तो जेल से निकलने पर मेरी पहली गोली तेरे ही सीने पर चलेगी।
कु. प्रतापसिंह की शहादत पर पिता केसरीसिंह बारहठ ने बहिन को हजारी बाग जेल से एक पत्र लिखा जिससे स्पष्ट होता है कि प्रताप के बलिदान को उन्होंने अपने परिवार की ऐतिहासिक उपलब्धि माना। केसरीसिंह बारहठ ने अपने पत्र में लिखा था कि -
"भारत में जन्म लेने के साथ ही जो कर्तव्य प्रत्येक भारतीय को अविच्छिन्न प्राप्त होते हैं, जो ऋण- वह पुरुष हो या स्त्री- सब पर रहता है, उस ऋण से मुक्ति पाने में ही हमारा कल्याण है। तुम यह जानकर अवश्य संतुष्ट होंगी कि भारत के इस प्रमुख प्रदेश में जागृति होने का शुभारंभ अपने कुटुंब की महान आहुति से हुआ है।"
मित्रों इस भावुक क्षण की अनुभूति भी कितनी करुण, कितनी उत्तेजक है जब शहीद प्रताप को जन्म देने वाली वीर माता माणिक्य कंवर के प्रति स्वयं ठाकुर केसरीसिंह बारहठ ने श्रद्धा अर्पित करते हुए लिखा कि- वीरां प्रताप जननीम् सततम् स्मरामि
ऐसे महान परिवार और उसके महान सपूत अमर शहीद कुंवर प्रतापसिंह बारहठ को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन......

क्रांतिकारी केसरीसिंह  तथा शहीद प्रतापसिंह बारहट्ट (चारण) ना तैल चित्रोना अनावरण ::- Click Here


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2 अप्रैल 2020

चारण महात्मा ईशरदासजी बापु नी पुण्यतिथी निमित्ते ई-बुक हरिरस

आजे चैत्र सुद - 9 (राम नवमी ) ऐटले चारण महात्मा  ईशरदासजी बापु नी  पुण्यतिथी छे आ निमित्ते ई-बुक स्वरूपे हरिरस पुस्तक मुकववानो नानकडो प्रयास करेल छे 





चारण महात्मा  ईशरदासजीनुं टुंक मां जीवन चरीत्र 

नाम                :- ईशरदासजी बारहट 
पिता               :- सुराजी 
माता               :- अमरबा 
जाती               :- चारण 
शाखा               :- रोहडिया 
जन्म               :- विक्रम सवंत 1515 श्रावण सुद - 2 
जन्म स्थळ      :- भाद्रेश ता.बाडमेर जी.जोधपुर राजस्थान 
निर्वाण             :- विक्रम सवंत 1622  चैत्र सुद - 9 (रामनवमी) संचाणा मां समुद्र गमन 


                      चारण महात्मा  ईशरदासजी रचित पुस्तको
 

  1. हरिरस
  2. देवियाण
  3. छोटा हरिरस
  4. गुण निंदा स्तुति
आ पुस्तक ई-बुक स्वरूप मुकवा मंजुरी आपवा बदल तथा आ बुक नी PDF FILE कुरीयर मारफते मोकलाववा हुं हरिरस पुस्तकना  संपादक :- श्री लष्मणभाई  पिंगळशीभाई  गढवी - जामनगर वाळानुं खूब खूब आभार मानु छु.
                                           
                                            MP3 AUDIO

चारण महात्मा  ईशरदासजी नी वात -नारायण स्वामी बापुना स्वरमां :- Click Here

सांगा गौड़ अने  ईशरदासजी नी वात -ईशरदान ना स्वर :-  Click Here

चारण महात्मा  ईशरदासजी जीवन चरीत्र(PDF FILE ) :- Click Here


                                   देवियाण - किर्तीदन गढवी 


 देवियाण - जीतु दाद  गढवी 




आई श्री करणी मां नो निर्वाण दिवस

आजे चैत्र सुद - 9 (राम नवमी)

राम नवमी
आई श्री आवड मां नी जन्म जयंती
आई श्री करणी मां नो निर्वाण दिवस
चारण महात्मा ईसरदास नी पूण्यतिथी

आईश्री करणी मां नी टूंक मां माहिती
नाम :- आई श्री करणी
पितानुं नाम :- मेहाजी किनीया
मातानुं नाम :- देवलबाई
जन्म :- वि. सं 1444 आसो सुद-7
स्वाधामगमन :- संवत 1595 चैत्र सुद-9
संदर्भ :- मातृदर्शन लेखक :- पिंगलशीभाई पायक पाना नं-112 थी 125


1 अप्रैल 2020

मेरुभा मेघाणंद गढवी (लीला)नी पूण्यतिथि

मेरुभा मेघाणंद गढवी (लीला)नी पूण्यतिथि 
नाम :- मेरुभा
पितानुं नाम :- मेघाणंद गढवी (लीला)
जन्म :- ता.09-03-1906 (छत्रावा)
स्वर्गवास :- 01-04-1977 (पोरबंदर)
संदर्भ :- गुर्जर साहित्यनो झरूखो - निरंजन हरिशंकर पंड्या

मेरुभा गढवीना स्वरमां अप्राप्य ऑडियो

LANGEET  - Click Here


  1. BHAN BE BHAN MA
  2. DEVA DATARA
  3. HARIRAS-MOTIDAM
  4. HARIRAS - CHHAPAY
  5. JAWALA MUKHU STUTI
  6. PAVAN CHARAKHO

मेरुभा मेघाणंद गढवी (लीला) ना स्वरमां वीडियो 


जवाला मुखी छंद
https://youtu.be/5qWz16NvA5Y

आ वीडियो संकलन बाय :- दिनेशदान ईश्वरदान चारण 
गाम :- सेगरस  ता. कुतियाणा जी. पोरबंदर 
मो :- 9913862873

10 नवंबर 2019

प.पु. आईश्री सोनल मां नुं निर्वाण दिवस


आजे कारतक सूद -13   प.पु. आईश्री सोनल मां नुं आजे  निर्वाण दिवस छे. नीचे मुजब माहिती आपवानुं नानकडू प्रयास करेल छे.


आई श्री सोनल मांनो संक्षिप्त परीचय
नाम : सोनबाई हमीर मोड
पितानु नाम           : हमीर माणसुर मोड
मातानु नाम           : राणबाई माणसुर घांघणिया
जन्मदिन              : वि.सं 1980 , पोष सुद -2
                                ता. 08-01-1924
जन्मस्थल            : मढडा , ता. केशोद , जी. जुनागढ
कुळ                      : चारण कुळ
गौत्र                      : तुंबेल गौत्र
मुळ शाखा             : मवर ( गुंगडा )
पेटा शाखा             : मोड
कुळ ऋषि             : शिव
कुळदेवी               : रवेची
स्वधामगमन       : वि.सं 2031, कारतक सुद -13
                              ता. 27-11-1974
समाधी स्थळ       : कणेरी , ता. केशोद , जि. जुनागढ

संदर्भ : आईश्री सोनल कथामृत लेखक :- आशानंदभाई गढवी झरपरा ता. मुंदरा-कच्छ

आजे नीचे मुजबना पुस्तको ई- बुक तरीके मुकेल छे.

(1 ) आईश्री सोनल ईश्वरी लेखक श्री पचाणभाई विश्रामभाई आलगा ::- Click Here

(2) सोनल चरित्र :- लेखक :- श्री आशानंद सुराभाई गढवी झरपरा-कच्छ (ई-बुक) :- Click Here

(3) आईश्री  सोनल कथामृत :- लेखक :- श्री आशानंद सुराभाई गढवी झरपरा-कच्छ (ई-बुक) :- Click Here

(4) आई श्री सोनल वंदना :- लेखक :- श्री प्रविणभा हरुभा मधुुडा - राजकोट  :- Click Here

ई - बुक डाउनलोड माटे मार्गदर्शन 

बुक ना नाम सामे लखेल Click Here  पर क्लिक करशो एटले बुक डाउनलोड थई जाशे 

                               सहकार माटे  आभार 

                               वंदे सोनल मातरम् 

24 अक्टूबर 2019

प.पु. आईश्री हीरबाई मां नुं प्रथम निर्वाण दिवस

आजे आसो वद -11  (ता.24-10-19)  प.पु. आईश्री हीरबाई  मां नुं प्रथम  निर्वाण दिवस छे. 

प.पु. आईश्री हीरबाई  मांनो संक्षिप्त परीचय
नाम                      : हीरबाई मां 
पितानु नाम           :  राणशीभाई दादाभाई गढवी (कानाणी) 
मातानु नाम           : मालबाई  
जन्मस्थल            : काठडा , ता.मांडवी  , जी. कच्छ
स्वधामगमन       : वि.सं 2075 , आसो वद  -11
                              ता. 03-11-2018 
संदर्भ : श्री विरेंद्रभाई कानानी द्रारा मळेल माहिती मुजब 

वधारे माहिती माटे PDF :- Click Here

22 सितंबर 2019

वीर शहिद माणसी गढवी नी पुण्यतिथि

वीर शहिद माणसी गढवी नी पुण्यतिथि 

आजे ता.22-09-19 ऐटले वीर शहिद माणसी गढवी नी पुण्यतिथि  आजना दिवसे ता.22-09-2004 ना रोज माणशी गढवी शहीद थया हता. तो आजे तेमना विशे टूंकमां माहिती आपवानो नानकडो प्रयास करेल छे.

वीर शहीद माणशी गढवीनुं टुंकमां परिचय

नाम :- गढवी माणशी
पितानुं नाम :- गढवी राजदेभाई
मातानुं नाम :- सुमाबाई
शाखा :- सेडा
जन्म तारीख :- 14-02-1979
जन्म स्थळ :- झरपरा-कच्छ
पत्त्नीनुं नाम :- सोनलबेन
शहीद तारीख :- 22-09-2004
स्थळ :- पुंच सरहद जम्मू काश्मीर

VEER SHAHID MANSHI GADHAVI

वीर शहीदनी वधारे माहिती  (PDF File) :- Click Here

वीर शहीद माणशी गढवीने कोटी कोटी वंदन





संदर्भ :- कच्छना चारण रत्नों मांथी

लेखकश्री :- आशानंद गढवी झरपरा-कच्छ



                           वंदे सोनल मातरम्






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                         सहकार बदल आपनो आभार
                               

                               वंदे सोनल मातरम

16 सितंबर 2019

भजन सम्राट नारायणनंद सरस्वती (नारायण स्वामी) नी निर्वाण तिथी

आजे भादरवा  वद-बीज  ऐटले भजन सम्राट नारायणनंद सरस्वती (नारायण स्वामी) नी निर्वाण तिथी 



नाम :- शकितदान लांगावदरा
पितानुं नाम :- महिदान लांगावदरा
मातानुं नाम :- जीवुबाबेन
जन्म :- अषाढ़ सुद-2 विक्रम सवंत-1994
ब्रह्मलीन :- भादरवा  वद-बीज 
                  ता.16-09-2000

वधारे माहिती माटे (PDF)  :- Click Here

तेमना भजनोनी (PDF) माटे :- Click Here

नारायण स्वामी बापुना स्वरमां नीचे मुजबना भजनो मुकेल छे .


  1. मढडा वाळी माता ने वंदन
  2. BAYATH PROGRAM
  3. DHUNAI PROGRAM-1988
  4. GURUJI NA NAME NI
  5. MALKOS
  6. GAM BHARUDIYA VARI
  7. MUNJA NATH
  8. MORJAR PROGRAM
  9. NATHI REVATU
  10. PALITANA PROGRAM PART-7
  11. मानव नडे छे मानवी
  12. भैरवी
  13. चारण बोर्डिंग मांडवी नो प्रोग्राम
  14. गझल
  15. दिलाना दर्द
  16. समजण जीवन
  17. मन के तरंग
  18. मोटा भाड़िया स्टेज प्रोग्राम -1986
  19. NIND GAI MORI
  20. PRABHATIYA
  21. BHADA-KUTCH PROGRAM-1986
  22. FARADI KUTCH PROGRAM-1987
  23. KODAY KUTCH PROGRAM-1985
  24. KODAY KUTCH PROGRAM-1985-2
  25. FARADI KUTCH PROGRAM-1992
  26. BHUJPUR KUTCH PROGRAM
  27. KALIYUG NI AEDHANI
  28. STUTI
  29. BHAJAN
  30. GYAN GANGA
  31. BHULO MAN BHAMRA
  32. ARJUN NE SAGPAN YAAD AAVE
  33. KAVI SHANKARDAN NI VAAT
  34. GANDA NI VANZAR
  35. AAM DESH NI AARYRANI
  36. JAHAL NI CHINTHI
  37. LAFRA PROGRAM-1994
  38. ISHRDAS NO AAKHYAN - MOTA BHADIYA KUTCH
  39. SHIVRATRI PROGRAM
  40. SHIVRATRI PROGRAM-2
  41. SONALA VATKADI
  42. STUTI BACHAVO UMATHA AAVO NARAN SWAMI
  43. JAY GANESH - NARAYAN SWAMI BAPU
  44. SHAMBHU SHARNE PADI

3 मार्च 2019

ब्रह्मलीन महंत श्री अलमस्त गीरीजी महाराजजी नी 18मी पुण्यतिथि

प्रात:स्मरणीय ब्रह्मलीन महंत श्री अलमस्तगीरीजी महाराजजी नी 18मी पुण्यतिथिऐ गुरुमहाराज ना चरणोमां कोटि कोटि वंदन
जय अलमस्तगीरीजी महाराज।
जय भावेश्वर महादेव।
।। ॐ नमो नारायण।।

27 फ़रवरी 2019

चारण संत प.पू.ब्रह्मलिन श्री निरंजन बापुनी 11 मी निर्वाण निर्वाण तिथी

आजे चारण संत प.पू.ब्रह्मलिन श्री निरंजन बापुनी 11 मी  निर्वाण तिथी
निरंजन बापुनी निर्वाण तिथीऐ बापुना चरणोमां कोटि कोटि वंदन



नाम :- निरंजनबापु
पूर्वाश्रमनुं नाम :- खेतशी

पितानुं नाम :- गोपालभाई रामभाई गढवी (जाम)
मातानुं नाम :- कामईबाई
गाम :- नाना लायजा ता.मांडवी-कच्छ


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