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19 मार्च 2016

किस देश वसे प्रितम मेरा रचना :- थार्या भगत

किस देश वसे प्रितम मेरा, कहो पवनदेव प्यारा.  टेक
दशे दिशा तुं आचे जावे, दामोदर कयों न दिखावे.
संग न लावे न पाती बतावे, मेरा अंतर जरे अंगारा.    १
निश्र्चें देख आये नाथको, बेपरवा भया भारी.
ॐकार ध्वनि अनहद उच्चारी, सब जग करे पसारा.   २
तुम देखा शेषकी शय्या तपासी, वैकुंठ होंगे अविनाशी.
मुजसे कब मिले सुखराशी, सोइ लावो समाचारा.         ३
थार्यो कहे शोधी लावो साही, मेरे दिलको धीरज नाही.
हजार वार पडुंमौं पाही, बतावो प्रभु का द्वारा.    ४

रचना :- थार्या भगत झरपरा-कच्छ

टाईप :- सामरा .पी. गढवी

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