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8 सितंबर 2016

कवित :- दिलजीत बाटी

*कवित*
*स्व रचित भकत माळ*

बडे भकतराज भये आगे
कूल चारणमे,
ताके जूज नाम मेने यामे
दरसायो हे,

दश अवतार हूको सूजश
चरित्र गायो
दास नरहर काव्य सबसे
सवायो हे,

हरीरस देवीयाण अरु
दाण लीला रची
सूराजीके सूत ईश प्रभू
पद पायो हे,

कहे *दिलजीत*बाटी ऐसी हे
हमारी ज्ञाती
वोहे बडभागी जीन्हे यामे
जन्म पायो हे,

*दिलजीत*बाटी ना
जै माताजी *ढसा जं.*
*9925263039*

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