.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

.

Notice Board


Sponsored Ads

Sponsored Ads

Sponsored Ads

25 अक्तूबर 2015

मोगल भैरवी रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)

.               || मोगल भैरवी ||
.     रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)
.    राग: कसुंबीनो रंग/वाया विरम गाम
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ...टेक.
हे ऐवा घांघणीया देवसूर चारण घर चंडीका..जनमी तुं सगती जोराळ...
हे ऐवा भव भव ना भरियेला भावो लई भेळा मां..छोरुं नी लेजे संभाळ..
हे ऐवी चारण गण चरताळी..माता तुं ममताळी..हैया नी भाळी हेताळ....
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ....(०२)....||01||
हे ऐवा कांकण ने भेळीयो ने.. सोयरो रे सोहतो..नव खंडे तारो नेजाळ..
हे ऐवी खुल्ली लट काळीयुं ने तरवारा ताळीयुं..कर मां ते दुशमन नो काळ...
हे ऐवा दैत्यो ने डमवा ने..रण घेली रमवा ने..परगट छे तुंरे परचाळ..
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ....(०२)....||02||
हे ऐवी डणकंती डुंगरे ने..गजवे तुं गाळीया..घड़कावे घरणीं घ्रुजाळ..
हे ऐवा खांडा तरहूर लई खेले तुं खल्लक मां..मल्लक मां माडी मुछाळ...
हे ऐवी अहूरो पर अट हांसे..वेरी ना दळ वासे..व्रेमंडी खेले विकराळ...
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ....(०२)....||03||
हे एवा झणणणणण झांझर ने.,नैपुर रणकार मात..खणकंतो कांबी खणकार..
हे ऐवा धणणणणण धरणी ने ..अंबर पण ध्रुजता..थातां तुज पग नो थड़कार..
हे ऐवी जगदंबा जयकारी..अंबा तुं अवतारी..वारी हुं चारण विगताळ..
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ....(०२)....||04||
हे ऐवुं ओखाधर ओपतुंय थानक थड़ थाहरुं..रांणेहर रुडुं रढीयाळ..
हे ऐवा चारण जोगीदानो हैया थी चिंतवी..ढुकडुं मा तारे ढेढाळ..
हे ऐवी ब्ह्रंमांडे भमनारी.. संचालन करनारी..अंबर धरणी ने पाताळ..
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ....(०२)....||05||

चारण चंडीका भगवती मोगल ना जन्म दीन नी समस्त मोगल छोरुं ने शुभःकामना...सह मोगल वंदन...

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads