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11 फ़रवरी 2016

|| हनुमंत थापा ने श्रद्धा सुमन ||. रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)

.    || हनुमंत थापा ने श्रद्धा सुमन ||
.   रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)
दीधो विरोये देस पर , आतम खुल्ले आम
जुक जुक करियें जोगडा, सहिदो लाख सलाम
देह दब्यो खट दिन्न लग, आयो तबे न अंत
जीव्यो पवन से जोगडा, हद नामा हनुमंत

हाक हजी हनुमंत नी, अवनी फरती आंण
जीव्यो बर्फ मे जोगडा, पवन गोद दिय प्रांण

पांचेक रातु पोढीयो, बरफां ढंक बखोल
खखडी सांकळ खोल, जो घर हाल्यो जोगडा
मातृ भोम काजे मर्यो, सहिद कहुं के संत
जुग जुग करसे जोगडा, हिंद याद हनुमंत
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