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2 अप्रैल 2016

|| काल हस्युं के केम ||. रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)

©.         || काल हस्युं के केम ||
.   रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)
दीन दुखी ने देखतां, जरा,  रुदीये लावो रेम
जगमां आपण जोगडा, काल हस्युं के केम.१
माफी दईयें मानवा, खुट्टल ने कई खेम
जांणे जगमां जोगडा, काल हस्युं के केम.२
रसणां कायम राम रख, निती मता नुं नेम
जीवन अमुलख जोगडा, काल हस्युं के केम.३
साजण आजे सामटो, प्रितम ले कर प्रेम
जोडे हरदम जोगडा, काल हस्युं के केम.४
हळवुं मळवुं हेतसुं, जीववुं सजजन जेम
जांणे ना कोई जोगडा, काल हस्युुं के केम.५
काढ हवे तुं कायमी, तारा, टाबर काजे टेम
जीवतर हाल्यु जोगडा, काल हस्युं के केम.६
मितरु हारे मस्त रई , तम मन रंगे तेम
जिवो प्रफुल्लीत जोगडा, काल हस्युं के केम.७
काट रखो नई काळजे, हैये करवुं हेम
जोबन धन तो जोगडा, काल हसे के केम.८
हसे न त्यारे हाथमां, फोटा चडशे फ्रेम
जीवन ल्हाव आ जोगडा, काल हसे के केम.९
करवुं निस चीत कायमी, आतम बोले ऐम
जीवतर सपनुं जोगडा, काल हस्युं के केम. १०
रंज कपट नव राखीयें, व्हालां जन सुं व्हेम
जो हर स्वासे  जोगडा, काल हस्युं के केम. ११
जोगीदान गढवी मो.नं. 9898360102

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