.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

Buy Now Kagvani

Sponsored Ads

Sponsored Ads

.

Notice Board


Sponsored Ads

27 अप्रैल 2016

पंखीडानो मेळो रे :- रचना कवि श्री काग

भगतबापुनी रचना :-

पंखीडानो मेळो.

पंखीडानो मेळो आ रचना आई श्री सोनल मां ना स्वर मां MP3 AUDIO DOWNLOAD     :-  Click Here

पंखीडांनो मेळो रे... बेठो एेक झाडवे  रे...
करशो नहि... घडीकने माटे कलेश
मीठुं झोलु लेजो रे... हमणा सुरज उगशे
उडी जाशो चणवाने जुदे जुदे देश रे...

              पंखीडानो मेळो रे...- टेक
ओवाळनां लाकडां रे...भाग्ये भेळा थई गयां रे...
अे तो दीसे ... पलक तणो रुडो जोग
लोढें लेवाशो रे... पाछां ज्यारे पूरमा रे...
थशे पछी जनमो जनमनो विजोग रे....
                  पंखीडानो मेळो रे...- 1
अेक ज वाडानां रे... गायुं केरा वाछरु रे...
खेली लेजो हांसल अेटलुं ...होय
वाडाथी वछुट्यां रे....कोई मेवाड ने कोई माळवे रे...
भवोभव भेळुं थवानुं न होय...
             पंखीडानो मेळो रे...- 2
अेक ज डबामां रे... मुसाफर आवी मळ्यां रे...
करशो मा कुसंप के बोलाचाली कोय...
हमणां स्टेशन आवशे रे.... गाडी उपडी उतावळी रे....
पछी कदी साथे बेसवानुं न होय ...
     
               पंखीडानो मेळो रे...- 3
वेलडीयुंना फुलडां रे.... म्हेकी लेजो बे घडी रे...
वेल्युं माथे ....घडीक तमारो छे वास रे....
कां तो खरी जाशो रे...कां तेलमां तळाता हशो रे....
बळी जाजो "काग" के राखवा सुवास ...
             पंखीडानो मेळो रे...- 4

रचियता :- भगतबापु 

टाईप :- मनुदान गढवी

           वंदे सोनल मातरम्

कोई टिप्पणी नहीं:

Buy Now Kagvani

Sponsored Ads