.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

.

Notice Board


Sponsored Ads

Sponsored Ads

Sponsored Ads

1 मई 2016

गमती आ गरवी गुजरात रचना :-जोगीदान गढवी (चडीया)

...      || गमती आ गरवी गुजरात ||
.  राग : कसुंबी नो रंग /वाया विरम गाम
.    रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)
हारे मने गमती आ गरवी गुजरात ..(०२)
हे जेनी भारत मां नोखी छे भात....टेक
हे..ज्यां विरो ने सहीदो ना उभा छे पाळीया...
घोडा नी खेली घमसांण...(०२)
हे,.ज्यां जाडेजा जेठवा ने खळके रत खाळीया..
खाचर वाळा ने खुमांण...(०२)
हे ..ज्यां बहादुरो बंका दे दुनिया मां डंका ने..
पंकाता हाले प्रखीयात......हारे मने गमती आ गरवी गुजरात..||01||
हे..ज्यां घुघवे घेघुर घोर सागर घुघवाट ने ..
नदीयुं ना खळ खळतां नीर...(०२)
हे..ज्यां साबर मही तापी ने भादर बनास भरी..
गजवे हीरण आखी गीर...(०२)
हे ऐवां ओझत ने आजी पण रेवा थी राजी जे..
तरबोळे खेडुत जगतात.....हारे मने गमती आ गरवी गुजरात..||02||
हे ज्यां पोरहा नुं पादर ने लोडण नां लोई थी...
खीमरा नी खांभी खरडाई...(०२)
हे..ज्यां रांणो ने कुंवर ना रढीयाळा राहडा ने..
मांणेक नी मुंछो मरडाई...(०२)
हे..रंग विहळ ना वट ने नरसी ना नट ने जे..
मांमेरां भरतो मलकात.......हारे मने गमती आ गरवी गुजरात..||03||
हे..ज्यां सोमनाथ द्वारिका ने ड़ंणकंता सावजो..
गीरनारी गरवो दातार...(०२)
हे ज्यां सोनल ने मोंगल सी सगती पण भगती थी
अंबा खुद लेती अवतार...(०२)
हे जेंणे जंगल ने जगव्यो ते सावज ने भगव्यो ई
चारण नी बाळा चरचात.....हारे मने गमती आ गरवी गुजरात..||04||
हे,.ज्यां नरमद ने दलपत ना गौरव लई गावता..
गांधी पण नरसी नां गीत...(०२)
हे..ज्यां हेमु परफुल काग नारण मेघांणी ने ..
मेरुभा मनडा ना मीत...(०२)
हे..रंग चारण जातो जे ईतिहासी वातो ने ..
जगवे छे रातो नी रात.....हारे मने गमती आ गरवी गुजरात..||05||
हे..ज्यां प्रिति मां प्रेत थतो मूग्ती विंण मांगडो ने..
होथल ने ओढा नुं हेत...(०२)
हे..ज्यां खांडणीये खांडी ने माथां खवरावतां..
देवायत दीकरा देत...(०२)
हेवा..चारण जोगीदाने गरजावी नीज गांने ..
व्हाली रा' नवघण नी वात.....हारे मने गमती आ गरवी गुजरात..||06||
रचना : जोगीदान गढवी (चडीया) मो.नं. 9898360102

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads