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"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
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9 अप्रैल 2017

सोनल चडीं सदा अमपर रहेम द्रष्टि राखजे

सोरठ धरा मा शोभतु गोकुण जेवु गाम छे ।
आई सोनल अवतरी मढणा मही मुकाम छे   ॥

चारण कुल तारण तरण तु कष्ट सघणा कापजे ।
सोनल चंडी सदा अमपर रहेम द्ष्टी राखज॥े

दैतां हरण अशरण शरण   मंगल करण तु मात छो ।
भागीरथी छो के भवानी आई अंबा मात छो      । ।

सराकड़ीये थई सोनल एम विजय तू वरतावाजे       ।
सोनल चडीं सदा अमपर रहेम द्रष्टि राखजे     । ।

भुप नवघण तणे भाले  एक दि आवि हती ।
चकलीतणु लई रुप साथे सिंध मां चाली हती । ।

वाराही थई आ विश्वनि बुडती नाव बचावजे  ।
सोनल चडीं सदा अमपर रहेम द्रष्टि राखजे  ॥

छे निराकार छता साकार रुपे शोभती ।
त्रिशूलवाणी माहाकाणी रणे दैत्यां रोणती । ।

चाचर केरा चोकमां जई गीत मधुरस गावजे    ।
सोनल चडि सदा अमपर रहेम द्रष्र्टि राखजें......॥

शक्ति बनी चामुड देवी चंड मुंड़ चोडया हता ।
करी कोप रणमां कारमां खप्पर लई खोण्या हता ॥

करी नाश अशुरा कुणनो तु सत धरमने स्थापजे ।
सोनल चडी सदा अमपर रहेम द्रष्टि राखजे ॥

वाघेश्वरी विश्वभरी के आध्यशक्ति इश्वरी ।
परमेश्वरी सर्वेश्वरी के आई छो आरासुरी ॥

"कवि कान " कहे मुजपरे कायम नजर अभृत नाखजे ।
सोनल चंडी सदा अमपर रहेम द्रष्टी राखजे ॥

जय माताजी.......

शुप्रभात..........

। । 🚩 वंदे सोनल मातरम् 🚩। ।

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