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3 जून 2017

|| गणेश वंदना || || कर्ता मितेशदान गढवी(सिंहढाय्च) ||

||रचना : गणेश वंदना ||
||कर्ता:मितेशदान महेशदान गढ़वी(सिंहढाय्च) ||
|| छंद:मोतिदाम ||

*गजानन नाम   रटु   परथम,*
*शुभाशीश याचु नमोय अगम,*
*प्रति सेवकारो तू   तारणहार,*
*नमें मीत   वंदन   वारमवार*(1)

*उमानंद नाथ पिता महादेव,*
*पूजात प्रथम गुणाय  सदैव,*
*मूषक सवार चले   गजोदर*
*हरे हर दोष  दरे     दरीदर*(2)

*करे तिरपुंडय कुंडल    कान,*
*शिरेधर मुकुट शोभन    शान,*
*पीताम्बर धारण तारण   लोक*
*रिद्धिसीद्धि मान अपावण रोक,*(3)

:|| दुमिला ||:
*दरीदर दटावण मेर करा गजराज गुणा गणराव जपा,*
*परथम सुमिरण नाम तिहाराय भेर सदाय करो किरपा,*
*उमिया शिव नंदन राय गजोदर वंदन वंदन नित करा,*
*गुणाधिश तव गुणागान गावन ध्यावण मंगल मीत सरा,*(4)

🙏-----मितेशदान(सिंहढाय्च)----🙏

*कवि मीत*

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