.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

Sponsored Ads

Sponsored Ads

.

Notice Board


Sponsored Ads

23 जुलाई 2017

राम बी. गढवीनी रचना

🙏🏻 *एकदिवस एवुं लाग्युं के सोनल मां रोता हता..एनुं कारण पुछ्युं तो माताजी नो जवाब* 🙏🏻

🙏🏻🙏🏻 *ढाळ -- शुं रे मांगु सोनबाइ* 🙏🏻🙏🏻

माडी तुं केम रोवे सोनबाइ,केम रोवे सोनबाइ
तने रुदन न शोभे आइ,आजे केम रोवे सोनबाइ

लोबडीयाळी नवलाख आवी,एमां सौथी वाली छो आइ
तुं आविने अंधकार मटाड्या,(अमने)वरण अढारे ओळ्ख्यो आइ
.....केम रोवे सोनबाइ

जनमदिवस तारो हतथी उजवे,(त्यारे) आनंद अंतरथी थाय
साचो मारग तें बताव्यो,तें (अमने) कुखाज मेलाव्या आइ
......केम रोवे सोनबाइ

🙏🏻 *सोनबाइ मांनो जवाब* 🙏🏻

सुखी थया सौ चारण एनो,मने हरख घणाे थाय
(पण) पुंजी पाछळ पागल बन्या,लीधो आशरो असत नो भाइ......माटे आज रोती हुं सोनबाइ
.....केम रोवे सोनबाइ...

सत्यने काजे समर्पण करता,जेथी चारणज्ञाती वखणाय
(पण)परहित त्यजीने करता पोतानुं,(हवे)राज रमतुं रमता भाइ ......माटे रोती हुं सोनबाइ
......केम रोवे सोनबाइ...

सिनेमाना गाणा गाती,आवी न शोभे चारणबाइ
(एना)वेणला खोटा ने नेणला ओछा,आने कोण केसे आइ ......माटे रोती हुं सोनबाइ
......केम रोवे सोनबाइ...

जनमथी जेने 'कविराज' कहे,जेनी वाणी खुब वखणाय
सन्मान न थाय तो चलावी लेजो,जोजो अपमान कदी न थाय......माटे रोती हुं सोनबाइ
......केम रोवे सोनबाइ...

दिकरीयुं ने भणावो भले,(साथे) ज्ञान अस्मिताना अपाय
शिव-शक्ति ना उपासक तमे छो,(राम) साचा चारण थाजो भाइ......माटे रोती हुं सोनबाइ
......केम रोवे सोनबाइ...

💐 *रचना - राम बी. गढवी* 💐
*नविनाळ - कच्छ*
*फोन नं. 7383523606*

💐 *वंदे सोनल मातरमं* 💐

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads