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"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

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7 दिसंबर 2017

पू.आई श्री सोनल मां ना प्रवचनो

जय माताजी
*पोष सूद -2 ऐटले सोनल बीज (20-12-2017) ऐ निमिते हवे दररोज पू.आई श्री सोनल मां ना मुखे जे प्रवचनो थयेल तेमना केटलाक अंशो आप बधा समक्ष मुकववानो नानकड़ो प्रयास करेल छे*

चारणो बीजाओनां दु:खे दुखाता, ऐवा तपस्वी हता. आपणी नानकड़ी नात तेमां वाडाना भेद अने उंचा नीचानी वातो...... ऐ बधूं जूनी पुराणी रूढ़िओने लीधे थई गयुं छे खरी रीते कोई ऊंचु नीचुं नथी. *चारण ऐक धारण* छे अने आपणी स्थिति नबळी छे ते आपणे पुरुषार्थ करीने सुधारीऐ. सुधारानुं पहेलुं पगथियुं ते उंचा विचार छे. विचार ऐ बधानुं बीज छे. आपणे उंचा विचारोना बीज वाववा. ऐमांथी महान वृक्षो थशे. नानकड़ा बीज मां मोटो वडलो पड्यो होय छे, तेम शुभ विचारना नाना बीज मां उन्नतिनुं वृक्ष होय छे. माटे सौथी पहेला शुभ विचारनां शुभ विधाना बीज वावो. बाळकोने भणावो. चारण मांगवाने रवाडे चडयो, तेथी माणसाई गई, साच गयुं अने टेक गई, लुखो रोटलो खावो पण मांगवुं नहिं, ऐ चारणोऐ द्रढ करवुं. संपत्ति वधारवी होय, जीवन उंचा बनाववां होय, तो जीवनमां पवित्रता राखजो, आचार पाळजो, पुरुषार्थ करजो अने संप राखजो भाईओ बहेनोने मारी भलामण छे.
             *-  पू.आई श्री सोनल मां*

संदर्भ ::- सोनल संजीवनी मांथी
(पोस्ट तारीख ::- 07-12-2017)
         *वंदे सोनल मातरम्*

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