.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

.

Notice Board


Sponsored Ads

Sponsored Ads

Sponsored Ads

31 जुलाई 2019

|| सूर्यवंदना || || मितेशदान गढ़वी ||

*||  सुर्यवंदना ||*
*|| मितेशदान गढ़वी ||*

*(21-07-2019)*

*वरह्यो क्याक व्रहाद,कृपा कहु केनी काश्यप,*
*जळबंबा जळहाद,तर्या नय जपिया जप तप,*
*गळळळ गरजे गाम,क्याक गरजे कलपांती,*
*नारायण हर नाम,भजे तद भळके भांती,*
*आधार समोवड आपविण,नय बुंद जडे नाराण,*
*पट निहर  प्रौढ़ अवनी परे,पिंजे मित हर दल प्राण*

*(22-07-2019)*

*भव तम खोळे भान,ध्यान राखण तु धरनु,*
*भव तम खोळे भान,भान अभिमान ही भरनु*
*भव तम खोळे भान,देव आदि जग दाता*
*भव तम खोळे भान,परम सुख पोषण पाता*
*परमेश पितामह प्राणपति,अमरेष उमंग अधीर*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,खेडयो जग आभ खमीर*

*(23-07-2019)*

*तिमिर भले पर तेज,सेज छाये तव समतु,*
*इलम धरा सभी एज,भेज नही बनकर भमतु,*
*तेज तुही तिमिराण,अलग भाष्ये रूप आखु,*
*कला अलग किरपाण,जळहळ्यु एक ही झाखु,*
*दोधार तेग रूप दाखिया,तुह तिमिर तेज तलवार*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,भव जन मित ठारे भार*

*(24-07-2019)*

*सत रंगी सुर सात,अश्व पण सात आपना,*
*सत वारी समरात,जीवन दिन सात जापना,*
*सत ईशर गुण सेव,धरा जन आप ही धारे,*
*साथ न्याय अरु शांत,मनु जीव कदे न मारे,*
*सद गुण सत ज्ञाने समरियो,सत चाल्यो उण संसार*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,अणधारण मित अणसार*

*(25-07-2019)*

*दिनकर देव दयाल,न्याल नारायण नामी,*
*दिनकर देव दयाल,धरा पुंजत नभ धामी,*
*दिनकर देव दयाल,कळा अरविंद कृपाला,*
*दिनकर देव दयाल,विमल दल मित विशाला,*
*नव ग्रह वडील नारायणा,बहु भात्य भजत जे भाव,*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,घटघट साजा कर घाव*

*(26-07-2019)*

*हरिवर हैये हाम,सुरज बन जीवन सारे,*
*त्रिकम काम तमाम,त्रिपुण्डी गुण को तारे*
*तेज प्रथा धर ताप,चाप सब चक्र चलावे*
*आप कला अणमाप,मीत मन ईश मिलावे*
*परभु अम प्रीतम प्राणीया,तुज चक्र तणा हर तेज,*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,अम आतम भरताय एज*

*(27-07-2019)*

*उजियारा उपराज,अधर अज़वास उजारा,*
*उजियारा उपराज,धनी सुर वंश धजारा,*
*उजियारा उपराज,कवच धर बनी जकड कळ,*
*उजियारा उपराज,फलक तरुपरे झगित फळ,*
*एक आभपरा अविनाश अमो,भाळु मित भळके भाण,*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,आछट दई वायु आण*

*(28-07-2019)*

*भयो चंद्र पर भान,भयो अधुनिक भुवन भल,*
*भयो दैव नही भान,जयो वैज्ञान कह्यो जल,*
*भयो आप नही भान,पयो नही मात गुण पल,*
*भयो जाप नही भान,थयो पापे प्रमाण थल,*
*है परमेश्वर तू  हयात,आ धर मन अवडा आट,*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,घड़जो मित नवणा घाट,*

*(29-07-2019)*

*नारायणहर नाम,सकळ संतोष समावे,*
*नारायणहर नाम,भरम ब्रह्मांड भगावे,*
*नारायणहर नाम,विकट में वीर व्रतावे*
*नारायणहर नाम,पुर्ण हर रोग पतावे,*
*जपता नारायण जापने,सरजावे मेहूल सुख,*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,दरी नाखे मित भव दुःख*

*(30-07-2019)*

*जटा धुरंधर जोग,समानी बेय भया सज,*
*एक धरा एक आभे,केसरी काळ तणा कज,*
*भुरी जटा भगवान,रमण आभे राजत रण,*
*एक जटाधर आन,वरहतो घे घे गिरी वण*
*नभधर पोषण नारायणा,डणके मित डालामथ्थ*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,बहोळा गण भरता बथ्थ,*

*(31-07-2019)*

*झळळळ आभे जोर,कळळ कळ ग्रजत आभ कड़ी,*
*खळळ नीर सम खोर,अळळ वसु धळळ आफडी,*
*थळळ थाय थडकाट,भळळ भेकार भुवन भरे,*
*झळळ जोर जळकाट,झरर अंगार धर झरे,*
*कैलाश नाथ मित कॉपियों,इ हल्यो हिमालय तेज,*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,आ धरासुर तांडव एज*


*🙏---मितेशदान(सिंहढाय्च)---🙏*

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads