.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

Sponsored Ads

Sponsored Ads

.

Notice Board


Sponsored Ads

27 दिसंबर 2015

|| नरसी केरा नाथ || .  रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)

.         || नरसी केरा नाथ ||
.  रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)
बंधन कां थ्युं बापजी, तने, केदारा नुं कान.
नरसी नाथ निधान, जंखे चारण जोगडो.१
साधु थीये समाधमां, हरीवर नावे हाथ.
जुने पधारे जोगडा, नरसी केरो नाथ.२
साच बताव्यो स्यामजी, पारथ ने पण पाथ.
ज्वाळे सितळ जोगडा, नरसी केरो नाथ.३
स्नेहे गायी स्यामळा, गीता सरखी  गाथ.
जे नत वांचे जोगडो, नरसी केरा नाथ.४
देतो मारा देव तुं, शंकर ने पण साथ.
जंखु दरशन जोगडो, नरसी केरा नाथ.५
भरीये साचा भावथी, भगती केरां भाथ.
जनम छेल्ले जोगडो, नरशी केरा नाथ.६
सामो आवीन शामळा, बाप भरीले बाथ.
जांणी बाळक जोगडा, नरसी केरा नाथ.७
नीर वहावे नेंणला, मुकीयें पगमां माथ.
जादव वंदुं जोगडो ,नरसी केरा नाथ.८
(देवकी ना आठमा संतान..जन्म माटे पण आठम
आंम आठ ना चाहक कान ने आठ दोहा थी वंदन)

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads