.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

Sponsored Ads

Sponsored Ads

.

Notice Board


Sponsored Ads

11 दिसंबर 2015

ममता नो मेहरामण || रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)

.                   || ममता नो मेहरामण ||
.                 रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)
बेटा तारां मांडवडा नां मंगळ गीत..काळज ककळावे रे..
बेटा हवे घडी रे बघडी मां मारा पेट..विदाय वेळा वाशे रे..
बेटा ज्यारे थाक्यो रे पाक्यो आवुं घेर..पांणीडां हेते पावे रे
हवे उंबरो निहाळुं मारा आंत्य..पांपण्य पांणी पाशे रे..
बेटा ज्यारे वाळुं रे करी ने म्हारा व्हाल, थोडोक आडो थावुं रे
त्यारे आंखडीयुं भींजावे तारी याद..भणकारा तारा भाशे रे
बेटा तुंतो हउकली करी ने मारा हेत..बापु ने बीवडावे रे
ऐनो पड्यो रे फड़को मारा पेट्य..जनमारो केम जाशे रे..
बेटा तने जरीक ना विहारे जोगीदान..छांनो छांनो रोशे रे..
बेटा पछी गगळा गळे थी तारां गीत..हालरडां हुलाशे..रे..
,.

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads