.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

.

Notice Board


Sponsored Ads

Sponsored Ads

Sponsored Ads

8 जुलाई 2016

देव गढवीनी रचना

वरसे छे हररोज वरसाद मारी लागणी नो
तारा ह्दय नी आ वांझणी धरती ऊपर
ऐकाद बावणीयुं पण ऊगे तो मने लीलुंछम लागशे

हुं क्यां मांगु छुं के आप तारो तमाम समय मने
एक पल नी आप साची लागणी तो ऐ पण घणी
ऐ एक पल थकी जींदगी आखी लागणीसभर लागशे

आम जोवा जइशुं तो विश्वास केणववो मुश्किल
मुक्त मन थी मलो जो फक्त ऐक वार "देव"
तो दील ना एकाद खुणे थोड़ो पण विश्वास जागशे
✍🏻देव गढवी
नानाकपाया-मुंदरा
        कच्छ

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads