.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

.

Notice Board


Sponsored Ads

Sponsored Ads

Sponsored Ads

9 अगस्त 2016

सूर्य वंदना -09-08-16 रचना जोगीदान गढवी(चडीया)

तन कळस्यो त्रंबा तणो,रसणां सुरज रांण
जळ चडावे जोगडो, भाव दुहे नीत भांण

हे भगवान सुर्य नारायण मारुं आ तन छे ई त्रांबानो लोटो छे,(कारण क्यारे संसार नी लील वळे छे माटे सोनानो न कही सकुं)अने रसणा (जीभ) पर तारुं नाम छे, हे नारायण हुं भाव थी आपने दोहा रुपी जळ चडावुं छुं, मारा वंदन नो स्विकार करज्यो नाथ मारा आपने नित्य वंदन छे.
🌅🌞☀🙏🏼☀🌞🌅

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads