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7 अक्तूबर 2016

आईश्री साचाय मां

.       जय माताजी
थरपाकर मध्य,प्रगट पिरुहित गाम ,
      त्यां चतुर चारण वसे, मेघ मल्ल जेनुं नाम ;
मेघ मल्ल घर महासती, देवी देवलबाई,
    तेने पेटे प्रगटी, शकित साचाय आई ;
संवत अगीयारसो पांत्रिस, सातमने सोमवार ,
    उजजवल आसो मास मां, अंबालीन अवतार ;
धन जननी देवल ने, घन मेघ मल्ल तात ,
    जिण घर जनमी जगदंबा, शकित साचाय मात ;
चोराड जेनो मोसाळ छे, शीख काछेली नाम ,
     सिहोत साचाय शकित अंबा, त्रण छे जेनां नाम ;
देथा मधुडा आलैया, सोढा ने मेघ मल्ल,
    चावडाने परमार तणां, आई साचाय उज्जवल ;
ऐ सौनी कुळदेवीने, सौनी पुरी ममकाम ,
    अंबा साचाय आई ने, वारंवार प्रणाम ;
वीरा मधुडा ने स्पपन मां, आई ई कर्यो आदेश,
    थरपाकर छोड़ीने, वसावतु कच्छ देश ;
सवंत तेरसो सत्यासी, श्रावण मास सुख धाम,
   ते दीवी रे वसाव्यु, कष्टहर काठडा गाम ;
सागर कांठे साक्षी पुरे, वीरा वाळी सांण ,
    वीरो तळाव विख्यात छे, जेनी सौने छे जाण ;
सारंग मालदेव नो , अमर छे ईतिहास ,
   आई ऐ वाळी आप्या, गयेल गाम ग्रास ;
रचियता नुं नाम ख्याल नथी
संदर्भ :- आईश्री साचाय मां ना मंदिर काठडा ता.मांडवी-कच्छ खातेना मंदिरे लागेल तकती मांथी
टाईप :- www.charanisahity.in
➡ आ रचना माटे तकतीनो फ़ोटो मोकलाववा बदल श्री भावेशभाई शंभुभाई कानाणी  काठडा वाळानो आभार
 वंदे सोनल मातरम् 

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