.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

.

Notice Board


Sponsored Ads

Sponsored Ads

Sponsored Ads

19 मई 2017

वस्त्रावतार

.                 *|| वस्त्रावतार ||*
.      *रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)*
.     *ढाळ: सुना समदर नी पाळे ने मळतो*

.                         दोहो
*दिकरा समवड देर तें, आंम करी मुंज आळ*
*कौरव कूळ नो काळ, जातेज ओर्यो जोगडा*

.                        गीत
पांचाळीय आज पोकारे रे, धगेलां आंहु नी धारे
माधा छे विपदा मारे, वेळासर आव्य ने वारे..टेक

हसतीना पुर हिलोळे रे..बेडो मारो तळीयो बोळे (02)
मेंगळ काज जुंड ने मार्यो एम तारा विंण कोंण उगारे...वाला हवे आव्य ने वार..01

धणीं पांच धुडर्या धारी...जोवे नई आबरु मारी (02)
पितांबर नाम ने तारा बेनडी तारी आज पोकारे रे...विहामां तुं आव्य ने वारे..02

बेठा अहीं धर्म बेली रे...सुंणे नही वातडी छेली (02)
मोढे एने मेश ढाळेली  ई एक ना साचां वेंण उचारे...विरा मारा आव्य ने वारे..03

त्रिकम विर वाट छे तारी रे.. सामळीया पुरजे सारी (02)
जोगीदान चडीयो जादव राय.. हाथीपूर एक होंकारे..वेळाहर पोगीयो वारे...04

(हाथी=हस्ती, हाथीपुर =हस्तिनापुर ,दिल्ही)

जोगीदान गढवी चडीया, मो,नं.
9898 36 0102

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads