.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

.

Notice Board


Sponsored Ads

Sponsored Ads

Sponsored Ads

13 मई 2017

|| बचुबापु गढवी ||-कवि धार्मिकभा गढवी

*|| बचुबापु गढवी ||*
*(दुहा)*
गोला थइ ग्या गढवियो, गाता केवा गान
जनमे क्यारे जगतमां, बीजो बचुदान *(१)*
खट थई ग्या छे खत्रियो, मटियल एना मान
धरजो अमने हे धरा, बीजो बचुदान *(२)*
*(छंद:- हरिगीत)*
उपासना क्षात्रत्वनी ने शौर्य रसने सांभळी
सरकार सारी थरथरी गइ शासको ग्या खळभळी
जाहेरमां प्रतिबंध राख्यो कही जोखम जानना
वहमां छता सत वेण वागे बाण बचूदानना *(३)*
चारणत्वनी ते चोट राखी गीत गाया ना कदी
भगवान ते भडवीर कीधा वांक पण कायम वदी
खत्री बधा खुंखार करियल कही जोखम खानना
वहमां छता सत वेण वागे बाण बचूदानना *(४)*
इतिहास आखो अर्थमां कइ सत्यने समजावतो
स्वसर्जने जीवी गयो तुं को किधु ना चावतो
कायर कहे भुंडा भणे सत बोलवामां भानना
वहमां छता सत वेण वागे बाण बचूदानना *(५)*
वढवाण जालावाड जीवण नामथी जन्मयो हतो
सामे भले हो स्टेट बेठा भरसभामां भूपतो
रत दोकडा खोटा करे वख्खाण नाही दानना
वहमां छता सत वेण वागे बाण बचूदानना *(६)*
आर्याव्रती उजळी किरतने अम लगी तुं आपतो
परताप पृथ्विराज केरा नाम कायम जापतो
वाणी अत्ति तीखी हती ई चीरती पड कानना
वहमां छता सत वेण वागे बाण बचूदानना *(७)*
*(छंद:- छप्पय)*
बोले बचुदान, खानको हरदम खटके
बोले बचुदान, राणको कायम रटके
बोले बचुदान, तानमां हरदम टोके
बोले बचुदान, गानको कदी न गोखे
बस दो दशका दुनिया मही, जीवन गर जाजु होत
सब पलटे शासन प्रांतना, ने बिग्रह थात बहोत *(८)*
_*-कवि धार्मिकभा गढवी रचित*_
*संपर्क:- 9712422105*

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads