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"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

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29 मार्च 2018

आई श्री पुरामा साहित्य सवर्धन संस्थान -राजकोट

आई श्री पुरामा साहित्य सवर्धन संस्थान -राजकोट

205 वी.वी.कॉम्प्लेक्स 2 जा माळे भूतखाना चोक
ढेबर रोड़ राजकोट -गुजरात पिन-360002
मो 97239 38056
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आईश्री सोनलमा 1974 ना तुलाविधिमा बोलेला शब्दो के कोई दी नामेय नो छपाणा
होय तेवा कवियो ना चित्रों एटले साहित्य छपाय आई मा नो आ संकल्प ऐने चरितार्थ करवो एज अमारा प्रकाशन नो  उदेश्य छे
चारण भाषा साहित्य अने संस्कृति कायमी धोरणे जीवंत रहे अने प्रोत्साहन मळे अने प्रकाशित थातु रहे ऐ माटे अमे "आई श्री पुरामा स्मृती प्रकाशन" नी एक ख़ास योजना ने आपनी समक्ष मुकिये छिये जेमा आजीवन ग्राहक सभ्य बनिने  फ़क्त एकवार ज रुपिया 11000 भरिने आप आजीवन ग्राहक  तरीके आ प्रकाशन द्वारा प्रकाशित थता पुस्तक नी एक नकल कायमी धोरणे पोस्ट के कुरियर द्वारा अमे आपने सरनामे पंहोचाडी आपिशु .

पहोंच नम्बर                                                                     ता.

श्री•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••

सरनामु••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
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••••••••••••••••••••••••••••••••••••••मो•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
आपना तरफथी आजीवन ग्राहक सभ्य  तरीके (रु,11000 )रोकड़ा/ड्राफथी/चेकथी मळेल छे ,आपनो खूब खूब आभार
••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ,ली .चारण प्रवीणभा, एच मधुडा राजकोट
                                                                  नाणा लेनारनी सही

◆◆◆◆आ लिस्ट ने आगळ वधारों◆◆◆◆

आई श्री पुरामा स्मृती प्रकाशन-राजकोट द्वारा चारण साहित्य जीवन्त राखवानो अनेरो प्रयास घणा वरसो थी करवामा आवे छे  अने 35 जेटला पुस्तकों आत्यार सुधिमा प्रकाशित थया छे,
परम् पूज्य आई श्री सोनलमा नो 1974 नो आ सँकल्प हतो ,
आपणु साहित्य अने संस्कृति अने भव्य वारसो आवनारी पेढ़ी ने उपयोगी बने ऐ माटे आ आई श्री पुरामा स्मृति प्रकाशन एक योजना लई ने आव्यू छे जेमा एक वखत 11000 रुपिया भरिने आजीवन ग्राहक सभ्य बनी शको छो आ सभ्य ने पुरामा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित थता अने भविष्य मा प्रकाशित थनार नी एक प्रति ए पुस्तक आजीवन मोकलवामा आवशे ,,

आजीवन ग्राहकों सभ्य( 11000)नोंधावेल छे

1 श्री दशरथदान इशरजी रोहड़िया-पालनपुर

2 श्री जे,बी,जाडेजा साहेब -साजड़ियाली

3 श्री अनुभा देविदानभा जामंग -बावळी

4 श्री किशोरभा राणाभा गामणा-राजकोट

5 श्री के,बी,जाला साहेब -समला

6 श्री बळुभा गुमानसिंह जाला राज धनाळा

7 श्री हरिश्चंद्रसिंह पृथ्वीराजसिंह जाडेजा -सांगणवा

8 श्री हरीदानभाई नाजभाई सुरु-गांधीनगर

9 श्री नरहरदान अजीतसिंह देथा-गांधीनगर

10- श्री शामजीभाई भीमजीभाई खुट -राजकोट

11 श्री पोपटभाई भवानभाई शिंगाळा राजकोट

12 हमीरभा जशाभा मधुडा राजकोट

13 श्री विराभाई         आहिर

14 श्री नरहरदान के लीला आदित्याणा

15 श्री संजयभाई प्रवीणदान बोक्षा सुरेन्द्र नगर

16 वशुभा कानाभा रतनु राजकोट

आपडु पोतिकु साहित्य जीवंत रहे ऐ माटे आपडे सव प्रयास करीने आ लिस्ट ने आगळ धपाविये

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