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"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

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19 जुलाई 2018

रावळपीर दादा नी कच्छी वंदना

💐 *रावळपीर दादा नी कच्छी वंदना* 💐

🙏🏻 *ढाळ=वंदन वंदन आशापुरा मातने* 🙏🏻

वलो रे वलो पीर आंजो वलसरो
शोभे नाथ धोरम जो अवतार रे
धरीया जे कांठे
वलो रे वलो पीर आंजो वलसरो..(टेक)

(आइ) देवल कुखे दादा अवतर्या
अजरामल जा थीव्या बेडा पार रे
धरीया जे कांठे
वलो रे वलो...

शेषावतार दादा आंजो अवतरण
परचा आंजा जग-विख्यात रे
धरीया जे कांठे
वलो रे वलो...

बोदल घोडो आंजे लाडलो
घोडा आंजा मनजा आतम-राम
धरीया जे कांठे
वलो रे वलो...

हेतसें हलों रावळपीर आसरे
'राम' के न कजा (अइं) निरास रे
धरीया जे कांठे
वलो रे वलो..

💐 *रचना=राम बी गढवी* 💐
*नविनाळ=कच्छ*
*फोन=7383523606*

👏🏻 *शेषावतार श्री रावळपीर दादा ना चरणे नमन* 👏🏻

💐 *वंदे सोनल मातरमं* 💐

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