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19 नवंबर 2018

अहेवाल

अहेवाल 

ता.18-11-2018 ना रोज आईश्री देवल मां ना निवासस्थान भाडा ता.मांडवी कच्छ खाते भारतनी महान विभुती श्री गौधाम महातीर्थ पथमेड़ा (ता.सांचोर जी.झालोर , राजस्थान) ना स्थापक परम श्रेध्धेय गौऋषी श्री दत्त शरणानंदजी महाराज पधारेल. भव्य सामैयु करवामां आवेल. त्यारबाद धर्मसभा राखवामां आवेल जेमां (1) डायाभाई  भांचळीया (मोटी खाखर), (2) कविश्री आल (शेखडीया-कच्छ), (3) अनुभा जामंग (बावडी), (4) रविराजभाई भांचळीया (बोटाद), आ तमाम द्रारा चारणी साहित्य, लोक साहित्य,चरजो, वगेरे रजु करेल. त्यारबाद महाप्रसाद राखवामां आवेल.

आईश्री देवल मां उदबोधन मा उपस्थित सर्वे समाजना लोकोने हाले कच्छमां अछत नी परिस्थिति तेमज  नारायणसरोवर खाते श्री दत्त शरणानंदजी महाराज द्रारा नंदी अभ्यारण्य बनाववामा आवशे. कच्छनी जनता आ भगीरथ कार्यमां सहकार आपजो ऐवी अपील करवामां आवेल.

प्रवचन वीडियो :- Click Here

प्रवचन ऑडियो  :- Click Here

आ अवसरे श्री विजयभाई के. गढवी (प्रमुखश्री अखील कच्छ चारण सभा) तेमज इतर समाजना आगेवानो सहित बहोळी संख्यामा गौ भक्तो उपस्थित रहेला. कार्यक्रमने सफळ बनाववा स्वयं सेवको जहेमत उठावेल.


श्री गोधाम महातीर्थ, पथमेड़ा परिचय
श्री गोपाल गोवर्धन गौशाला गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा की स्थापना एवं गोसेवा कार्यकारिणी का गठन करके उसमें संपूर्ण हिंदुऒं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चत किया हैं। इसके बाद गोधाम महातीर्थ के दिशा-निर्देश में पश्चिमी राजस्थान एवं गुजरात के विभिन्न क्षेत्रो में गोसेवा आश्रमों व गो सरंक्षण केन्द्रों तथा गो सेवा शिविरों की स्थापना करना प्रारम्भ किया गया। इस अभियान द्वारा गोपालक किसानों एवं धर्मात्मा सज्जनों के माध्यम से गोग्रास संग्रहण करके गोसेवा आश्रमों में आश्रित गोवंश के पालन हेतु पहुँचाना प्रारम्भ किया गया। उपरोक्त अभियान के प्रथम चरण में क्रुर कसाइयों के चंगुल से तथा भयंकर अकाळ की पीड़ा से पीड़ीत लाखों गोवंश के प्राणों को सरंक्षण मिला हैं।


श्री गोधाम महातीर्थ, पथमेड़ा द्वारा श्री गोपाल गोवर्धन गोशाला- पथमेड़ा, श्री मनोरमा गोलोकतीर्थ-नन्दगांव, श्रीमहावीर हनुमान गोशालाश्रम-गोलासन, श्रीखेतेश्वर गोशालाश्रम-खिरोड़ी, श्रीठाकुर गोशालाश्रम-पालड़ी तथा श्रीराजाराम गोशालाश्रम-टेटोड़ा सहित राजस्थान तथा गुजरात के कई गाँवों में स्थापित गोसेवा आश्रमों में प्रतिवर्ष दस से बारह हजार वेदलक्षणा गोवंश का पालन पोषण करके तैयार किया जाता है। इनकी सेवा में पौष्टिक आहार, हरा चारा, औषधि, स्नान, आदि से प्रेम द्वारा पूर्ण देखभाल की जाती है.

वेबसाईट :- http://www.pathmedagodham.org
         
वंदे गौमाता

वंदे सोनल मातरम








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