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"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

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1 जनवरी 2019

पू.आई श्री सोनल मां ना प्रवचनो (पोस्ट ता.01-01-2019)

पू.आई श्री सोनल मां ना प्रवचनो (पोस्ट ता.01-01-2019)

जय माताजी
*पोष सूद -2 ऐटले सोनल बीज (08-01-2018) ऐ निमिते हवे दररोज पू.आई श्री सोनल मां ना मुखे जे प्रवचनो थयेल तेमना केटलाक अंशो आप बधा समक्ष मुकववानो नानकड़ो प्रयास करेल छे*

चारण जयां होय अने जे कोई धंधामां होय, विधार्थी होय, खेडूत होय, पशुपालक होय, मजूर होय, वेपारी होय, वकील, डॉकटर, गमे ते व्यवसायमां होय, के पेन्शन होय, गमे त्यां होय त्यां चारण जातिना स्वयं सेवक बनी जवुं जोईऐ, जातिने जो आगळ लाववी हशे, तेनुं गौरव प्रगटाववुं हशे, तो चारणे व्यसनो छोडवा ज पडशे, सादा बनवुं ज पडशे, पोतानी संपत्ति माथी यथाशकित जाति उन्नतिमा आपवुं ज पडशे तन-मन-धन थी जाति सेवा करवानां व्रत लेवा ज पडशे. आवुं करशुं अने ते पण तुरतो तरत करशुं , तो ज आपणे बीजा समाजोनी हरोळमां उभा रहेवानी पात्रता प्राप्त करी शकशुं. तो ज आपणे बीजाओने प्रेरणाना पाठ भणावी शकशुं.
                   - पू. आई श्री सोनल मां

संदर्भ ::- सोनल संजीवनी मांथी

         *वंदे सोनल मातरम्*

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