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"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

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30 मई 2015

धोरण-10 -12 पछी शु ?


 मित्रो धोरण-10  पछी शु ? आ विशेनी थोड़ीक माहिती 
     धोरण-10(S.S.C) बाद विधार्थी पोतानी कारकिर्दीना उपलब्ध विविध विकल्पों पैकी कोई ऐक योग्य विकल्पनी पसंदगी करे छे, के जेनाथी तेनुं कार्यक्षेत्र (Field) नक्की थाय छे.
 धोरण-10 (S.S.C) पछी कारकिर्दीनी तको
✏ धोरण-11 - 12 (विज्ञान प्रवाह)
✏ धोरण-11 - 12 (सामान्य प्रवाह)

 डिप्लोमां ऐन्जिनियरीँग
     ✏ सिविल
       ✏ मिकेनिकल
        ✏ इलेकिट्रकल
         ✏ कम्प्युटर
          ✏ इन्फर्मेशन टेकनोलोजी विगेरे
वधु माहिती
(1) CLICK HERE
(2) CLICK HERE
 I.T.I ना अभ्यासक्रमो
    ✏ ईलेकिट्रशियन
     ✏ फीटर
      ✏ टर्नर
            विगेरे
वधारे माहिती माटे
(1) CLICK HERE

 मित्रो धोरण-12  पछी शु ? आ विशेनी थोड़ीक माहिती 
 धोरण-12 (H.S.C) पछी कारकिर्दीनी तको
 धोरण-12 विज्ञानप्रवाह
विज्ञान प्रवाहमा त्रण विभाग छे
(1)गृप-A ऐटले के मेथ्स गृप (PCM)
(2)गृप-B ऐटले के बायोलॉजी गृप (PCB)
(3)गृप- A अने B ऐटले के मिश्र गृप (PCMB)
     गृप-A ना विधार्थीओ माटे
      ✏ B.E
        ✏ B.Tech
          ✏ फेशन टेकनोलोजी
              ✏ B.Sc (नोटीकल सायन्स) विगेरे

 गृप-B ना विधार्थीओ माटे
✏ मेडिकल-पेरामेडिकल
  ✏ B.A.M.S (आयुर्वेद)
    ✏ B.H.M.S (होमियोपेथी)
       ✏ ऐन्वायरमेंन्टल सायन्स
           ✏ B.V.S.C
               ✏ B.Sc( ऐग्री, फीशरीझ, फॉरेस्ट्री हॉर्टिकल्चर)

 बन्ने गृपना विधार्थीओ माटे
✏ फायर टेकनोलोजी
  ✏ डी.फ़ार्म / बी.फ़ार्म
    ✏ बी.डिझाइन
      ✏ B.Sc
         ✏ B.S.W
           ✏ M.Sc (IT)
              ✏ B.Sc -LLB
               ✏ B.Sc - B.Ed

 धोरण-12 वाणीजय प्रवाह ( कॉमर्स) बाद अभ्यासक्रमो
✏ B.Com
   ✏ B.B.A
     ✏ B.C.A
       ✏ B.Sc(IT) वगेरे

 धोरण-12 विनयन प्रवाह ( आर्टस) बाद अभ्यासक्रमो
✏ B.A
  ✏ B.L.S (बेचलर ऑफ लिबरल सटडीझ)
विगेरे
 धोरण-12 पछी I.T.I ना अभ्यासक्रमो
वधारे माहिती माटे
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 वधारे माहिती माटे
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26 मई 2015

गुजरात पोलीस दळ भरती मेरीट जाहेर

👉 गुजरात पोलीस दळ भरती परिणाम

👉 ता.03/05/15 ना रोज लेवायेल लोक रक्षकनी लेखित परीक्षानो मेरीट जाहेर

👉 मेरीट

जनरल - 80
बक्षीपंच -77
ऐस.सी -77
ऐस.टी -70

वधु माहिती माटे
http://www.gprb2015.org/

24 मई 2015

अमर शहीद कुंवर प्रतापसिंह बारहठ की पुण्यतिथि

"वीरां प्रताप जननीम् सततम् स्मरामि''
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यह वे शब्द हैं जो आजादी के पुरोधा और अमर शहीद ठाकुर केसरीसिंह बारहठ ने अपने पुत्र अमर शहीद कुंवर प्रतापसिंह बारहठ की शहादत पर वीर माता माणिक्य कंवर के प्रति ऐसा पुत्र जनने पर आभार प्रकट करते हुए कहे थे।
............................................................
......................................
मैं अपनी एक मां को हंसाने के लिए हजारों माताओं को नहीं रूला सकता
............................................................
...................................
पराधीनता के पाश को काटने के लिए सर्वस्व बलिदान की भाव-भूमि पर खड़े भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन में निहित आनंद-मठ की संतानों की अप्रतिम उत्सर्ग भावना को शाहपुरा के बारहठ परिवार ने चरितार्थ कर दिखाया था। प्रतापसिंह बारहठ समूचे देश में विरले ही क्रांतिकारी हैं जिनका जन्मदिन व पुण्यतिथि एक ही दिन की है। शाहपुरा जिला भीलवाड़ा में जन्मे कुंवर प्रतापसिंह बारहठ की जन्मतिथि 24 मई 1893 तथा आत्मोत्सर्ग 24 मई 1918 को हुआ है। प्रताप का बचपन व प्रांरभिक शिक्षा कोटा में हुई। प्रताप ने आजादी के आंदोलन में प्राणोत्सर्ग का निश्चय कर मां से धोती फट जाने के बहाने तीन रुपए का प्रबंध करने की विनती की और मां ने रुपए का प्रबंध कर उन्हें दिए। तब वीर माता यह नहीं जानती थी कि उसके पुत्र को यह रुपए धोती के लिए नहीं आजादी के आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रस्थान करने को चाहिए। दिल्ली के चांदनी चौक में लार्ड हॉर्डिंग्स पर बम फेंकने के बाद वीरवर प्रताप के पकड़े जाने पर वीर माता को प्रताप की यह बात समझ आई। तब उस वीर माता का जो कथन था वह आज भी रगों में उबाल ला देता है। उन्होंने कहा था कि यदि प्रताप मुझे अपनी मंशा जाहिर करता तो मैं उसे तिलक लगाकर विदा करती।
घर से निकलने के बाद प्रताप क्रांतिकारी दल में शामिल हो गए। जहां उनका रास बिहारी बोस, मास्टर अमीरचंद जैसे क्रांतिकारियों से संपर्क हुआ और अल्प समय में ही वह विपल्वकारी क्रांति पुजारी प्रताप उनका विश्वासपात्र बन गया। और इसके बाद ही उन्होंने वीरवर काका जोरावरसिंह बारहठ के साथ मिलकर दिल्ली के चांदनी चौक में लार्ड हॉर्डिंग पर उस समय बम फेंका जब वह भारत वर्ष की अस्मिता को रौंदने के उद्देश्य से हाथी पर बैठकर अपनी अंग्रेजी शान को दर्शाने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद प्रताप लंबे समय तक भूमिगत रहकर क्रांतिकारी गतिविधियों को अंजाम देते रहे। फिर वह काला दिन भी आया जब अपने एक परिचित की गद्दारी के कारण जोधपुर के निकट आसानाडा रेलवे स्टेशन पर धोखे से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें बरेली जेल में भेजा गया, जहां अंग्रेजों ने भारत मां के उस वीर सपूत को घोर यातनाएं दीं और पिता केसरी सिंह व चाचा जोरावर सिंह को छोड़ देने जैसे प्रलोभन देकर तोड़ना चाहा।
"प्रताप को कहा गया कि तुम्हारी मां तुम्हारे लिए रोती है। तब उस वीर सपूत द्वारा दिया गया जवाब अंग्रेज अफसरों को अंदर तक हिला गया। प्रताप ने निड़र होकर बड़े साहस के साथ उत्तर दिया कि मैं अपनी एक मां को हंसाने के लिए हजारों माताओं को नहीं रूला सकता। ऐसा था आजादी का वरण करने वाला वो महान योद्धा।"
अंग्रेजों के जुल्म की इंतहा यही पर खत्म नहीं हुई, उन जालिमों ने कुंवर प्रताप के आत्मोत्सर्ग करने बाद भी उनकी पार्थिव देह को अपमानित करने का प्रयास किया और प्रताप के हिंदू होने के बावजूद ब्रिटिश अधिकारियों ने उनकी पार्थिव देह को बरेली जेल परिसर में कब्र खोद कर दफना दिया। प्रताप को अंतिम बार भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी में लगे अंग्रेज अफसर मिस्टर आर्मस्ट्रांग, तत्कालीन इंस्पेक्टर जनरल पुलिस, इंदौर, के सैलून में देखा गया था। जब वे पुलिस हिरासत में थे। मिस्टर आर्मस्ट्रांग प्रताप के पिता केसरीसिंह बारहठ के विरुद्घ चल रहे राजद्रोह के केस का इंनेस्टीगेशन इंचार्ज था। उस समय पिता-पुत्र के बीच कुछ पल संवाद हुआ, जिसमें पिता ने प्रताप को ताकीद किया कि यदि उसने अंग्रेजों से किसी भी प्रकार का समझौता किया तो जेल से निकलने पर मेरी पहली गोली तेरे ही सीने पर चलेगी।
कु. प्रतापसिंह की शहादत पर पिता केसरीसिंह बारहठ ने बहिन को हजारी बाग जेल से एक पत्र लिखा जिससे स्पष्ट होता है कि प्रताप के बलिदान को उन्होंने अपने परिवार की ऐतिहासिक उपलब्धि माना। केसरीसिंह बारहठ ने अपने पत्र में लिखा था कि -
"भारत में जन्म लेने के साथ ही जो कर्तव्य प्रत्येक भारतीय को अविच्छिन्न प्राप्त होते हैं, जो ऋण- वह पुरुष हो या स्त्री- सब पर रहता है, उस ऋण से मुक्ति पाने में ही हमारा कल्याण है। तुम यह जानकर अवश्य संतुष्ट होंगी कि भारत के इस प्रमुख प्रदेश में जागृति होने का शुभारंभ अपने कुटुंब की महान आहुति से हुआ है।"
मित्रों इस भावुक क्षण की अनुभूति भी कितनी करुण, कितनी उत्तेजक है जब शहीद प्रताप को जन्म देने वाली वीर माता माणिक्य कंवर के प्रति स्वयं ठाकुर केसरीसिंह बारहठ ने श्रद्धा अर्पित करते हुए लिखा कि- वीरां प्रताप जननीम् सततम् स्मरामि
ऐसे महान परिवार और उसके महान सपूत अमर शहीद कुंवर प्रतापसिंह बारहठ को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन......

17 मई 2015

सुझलोन कंपनीमां ईन्टरव्यु (कच्छ ऐरिया माटे)

👉 सुझलोन कंपनीमां ईन्टरव्यु (कच्छ ऐरिया माटे)

👉 जग्यानुं नाम :- ईलेकट्रीक / मिकेनीकल

👉 डिर्गी / डिप्लोमां + 1 वर्षनो अनुभव

👉 ता.20-05-2015

👉 स्थळ :- सुझलोन ऑफिस भुज कच्छ

👉 वधारे माहिती माटे

Email - jignsh.gajera@suzlon.com

Mo - 9879306992

Forward to All Friends & Groups

16 मई 2015

वेते जळ वेणुं तणे, सांगा देने साद

वेते जळ वेणुं तणे, सांगा देने साद,
मम राखं मरजाद, वांछा सोतो वेराउत.
वाछड़ धेनुं वाळता, जमराणा ले जाय,
तो-धरम पथ कुंण धाय, वार करेवा वेराउत.
कांबळ हेकण कारणे, सांगो जो संताय,
तो-दुडियंद नह देखाय, वेराउत वहाणां समय.
सांगा जळ थळ सांभळये, ईशर तणो अवाज,
वेगेवळ सिध कर वचन, कांबळ बागशण काज.
सांगाने वछड़ा सहित, दियो रजा जदुराज,
शेवक ईशरदासरी, राखे पत महाराज
रचियता :- महात्मा ईसरदासजी
टाईप अने पोस्ट :-
         www.charanisahity.in
         मोटा भाड़िया मांडवी कच्छ
       वंदे सोनल मातरम् 

बारामुल्ला मा चार उग्रवादी ने ठार करतो चारण युवान

बारामुल्ला मा चार उग्रवादी ने ठार करतो चारण युवान 



14 मई 2015

बक्षीपंचना विधार्थीओ माटे

जय माताजी
 बक्षीपंचना विधार्थीओ माटे
जे विधार्थी मित्रोने धोरण-10/12 पछी आई.टी.आई. , डिप्लोमा , के कॉलेज मां ऐडमिशन लेवानुं होय तो अत्यार थी बक्षीपंच (OBC), आवक अने नॉन-क्रिमिलीयर जेवा दाखला कढावी लेवा विनंती छे.
 बक्षीपंच ना दाखला माटेना आधारो
(1) बक्षीपंच जातिनो फॉर्म
(2) फॉर्ममां नियत जग्या ऐ तलाटी ना सही सिक्का
(3) अरजदारनी स्कुलसर्टीनी नक़ल
(4) अरजदारना पिता/भाई/बहेन नी स्कुलसर्टीनी नक़ल
(5) रेशनकार्डनी नक़ल
      www.charanisahity.in
 आवकना दाखला माटे आधारो
(1) आवकना दाखलानो फॉर्म
(2) फॉर्ममां तलाटीना सही सिक्का
(3) आवकनो दाखलो
(4) रेशनकार्डनी नक़ल
(5) लाईटबीलनी नकल
(5) अरजदारनी चुंटणी कार्डनी नक़ल
      www.charanisahity.in
 नोन-क्रीमीलेयर दाखला माटे आधारो
(1) नोन-क्रीमीलेयर दाखलानु फॉर्म
(2) फॉर्ममां तलाटीना सही सिक्का
(3) छेल्ला 3 वर्षना आवकना दाखला
(4) अरजदारनी स्कुलसर्टीनी नक़ल
(5) अरजदारना बक्षीपंच दाखलानी नक़ल
(6) सोगंदनामुं
(7) रेशनकार्डनी नक़ल
ऊपर जणावेल दाखलाना फॉर्म भरी ऊपर जणावेल आधारो साथे तमारा विस्तारनी मामलतदार कचेरीमां आवेला जनसेवा केन्द्र (ATVT) शाखामां डॉक्यूमेंट जमा करावशो तो तमने नियत समयगाळामां दाखलो मळी जाशे.
मित्रो आ माहिती जो आपने सारी लागी होय अने कोईने उपयोगी बनी शके तेम होय तो आप जे ग्रुपोमां होय तेमां अने तमारा मित्रोने फ़ोरवर्ड करवा विनंती छे.
टाईप अने पोस्ट बाय :-
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10 मई 2015

आईश्री सोनल शकित चालीसा

            आईश्री सोनल शकित चालीसा

        दोहो
सोनल गुन सागर सम, विशाल व्योम समान
बरनहुं चारन बिमलयश, शकित दे कृपा निधान

     चोपाई
जय सोनल शकित सुख करनी| जय हमीर सुता दू:ख हरनी ||

राणल पुत्री जननी भवानी | असुर मर्दिनी चंडी समानी ||

श्याम लोंबडी नयन विशाला | शकित स्वरूपे चारन बाला ||

सोनल रूपे तुं हीं सुहावे | बालक दरशन कर सुख पावे ||

भारत भूमि गुर्जर देशा | जहां जन्मे सब संत विशेषा ||

सोरठ धरा मढ़डा ग्रामा | प्रगटी सोनल शकित श्यामा ||

पोष शुकल बीज सुखदाई | चारन गृहे अंबा आई ||

प्रगट भई सोनल पुनिता | शिखावन आई अंबा सुनीता ||

चारन कुलमें हुई काल रात्री | सोनल सुविता भै सुखदात्री ||

तुं हीं,भारती आवड आई | खोडल,मोगल,हिंगला माई ||

देवल, राजल मा सोनबाई | रवेची, बौचर अरू नागबाई ||

कागल, पीठळ मा तुं करनी | अशरन शरन तारन तरनी ||

तुं हीं सर्व शकित स्वयं जग मांहीं |  सचराचरमां तुं हीं समाहीं ||

सांया ईसर दास तुमारा |  पुत्र भक्तमां प्राण ते प्यारा ||

काग, पिंगल, शंकर समाना | शकित तुम्हारी से बलवाना ||

समाजमां निज गेह बुलाये | चारन वंदन करी हरषाये ||

ग्राम ग्राम में सोनल आई |  धर्म काज धुमी सब माई ||

धरम स्थापन अंबा आई |  सत्य सनातन रक्षक कहाई ||

ऐकहीं माला मोती अनेका | बिखर गये थे चारन लोका ||

पुन: सुगंठीत मा सब किन्हा | द्रेष कलेष बिदाय लीन्हा ||

नमो नमो मा मढडा वासी | नमो नम: सोनल सुखरासी ||

बल बुद्धि विधा गुन शील खानी | दे सुख शांति कृपालु दानी ||

ज्ञान विज्ञान संपत्ति दाता | सद् गुन दे आई सोनल माता ||

चारन समाज है बड भागी | जिन पर आई अंबा अनुरागी ||

जयति जयति सोनल जगमाता | आदि शकित त्रिभुवन दाता ||

यश तुमारो जन जन गावे | सुमीरी नाम सब फल पावे ||

आई अन्नपूर्णा सब जगपाला | सर्जक संहकार माहीं दयाला ||

तुं हरता करता सुखकारी | भुवन तिनमें ज्योति तुमारी ||

जय जय जय सोनल सुखदाई | चारन तारन अंबा आई ||

करुणा महीं तु वत्सल माता | तुं ही सुख सत्य शांति दाता ||

कष्ट निवारण चारन देवी | भकत जन गण सदा तुम सेवी ||

असुर सामे चंडी जवाला | बालक पर मा होई दयाला ||

कोटी कोटी पूजहीं सब देवा | चाहत ब्रह्म महेश तुज सेवा ||

तुम गुन सागर पार न पावे | शेष शारद सत मुख गावे ||

जो भकत पाठ करे सत बारा | मिटे कलेश दु:ख शोक अपारा ||

श्रध्धा सहित चालीसा गावे | प्रेम भकित परम पद पावे ||

जगत नियंता ज्ञान विज्ञानी | सिध्धि करो मम काव्य बानी ||

व्यापी सकलमें तुं हीं भवानी | यथा मतिमें ऐति बखानी ||

बालक शरन मा निज जानी | करहुं कृपा मा तु हीं भवानी ||

"आशानंद" बाल तुम्हारा | छमहुं दोष सकल हमारा ||

चारन सुता जगमात, संकट हरहुं सुखरूप
जगदंब मम हृदय रहो, सोनल शांत स्वरूप

      श्री सोनल मात की जय

     श्री सोनल चालीसा समाप्त

कर्ता :- आशानंद सुराभाई गढवी
गाम- झरपरा ता.मुंदरा-कच्छ
मो-9824075995

टाईप :- वेजांध गढवी

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