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22 जुलाई 2016

साडा त्रण प्हाडा रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)

साडा त्रण प्हाडा
प्रथम,प्हाडो
.            छंद: मनहर कवित
.           || नरा  / अवसूरा  ||
.  रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)
नरा कूळदेवी मात रवेची को लीयो नाम
शंकर को गण आखी भोम अखीयाता है
सूतको है पुत्र माताआवरी को जायो आज
अवल्ल अमल्ल नेह चारण चराता है
ईसर, उसडा, सूडा, सिंगडीया,मळी साथ
लूणल, लोयणा, लोमा, हेठोळा हयाता है
त्रण वीसुं तापे दसां भेद भये साखा भारी
मूख जोगीदान नरा साखे मलकाता है, ||०१||
कीडीया, कागडा, गुढा, गाहु, और ग्रोवियाळा,
गोखरु,घेलडा, घेला, गोयल, गवाता है
जाळग, जामंग, जेत्र हत्था, झीबा,जाजलीया
जगबल्ल, जाळफवा, जेसळ, जीता, ता है
जग्गहठ, जोगडा, देवल, धूना, देहभल्ल,
धधवाडीया,की नांधुं, धूहड, भी धाता है
नरदेव, नेचडा, के नरेला या नामाळग,
कहे जोगीदान नरा नागैया से नाता है, ||०२||
नायक, पायक, है नडीर, और नांदण भी
नजभल्ल पांड्रसिंगा, पालीया, पंकाता है
पोपरीया,बोक्सा, बुधड, बेरा, बावडा,ने
पंचाळ, भुहड, भेंसवडा, भाखुं, पाता है
भुजाळा, मोभल, मागु, मोखराम,मोढेराय
मुळीया, मालीया, राजपाळ, अंग राता है
राजशी, राजैया, रजवेठ,संगे राबा, राय
कहे जोगीदान नरा आजा सोया आता है, ||०३||
अवसूरा,
सूत पूत्र धेनु बल्ल वाके आवीसूर भये
देखी चंड मुंडा देवी कूळ दर सायो है,
कनुआ, कीनीया,कूना,कूंवार, ने, कुंवरीया
कवडीया, खात्रा, खडीयेचा,गोल, खायो है
गेंदळा, गीयड, गोदडा, की खेरा, गढवी,या
खाडाळा, खडायचा, ने खुखड, खमायो है
कहे जोगीदान अभी मान करी सकौ एसा
नराकुळ चाळ अवसूरा, जग्ग आयो है, ||०१||
चांचडा, जडीया, सूगा, साजका, सुरु,ने दास,
जसगार, सगोअर, संभळा, सवायो है
जळीया, झुझार, धूळा, देवळग, देवका, ने
दरंगा, नागीया,नागलांणी, पेथा, नायो है
पाटोडीया, पसीया, ने बुधसी, पिंगूद, बंका,
भोज, बळधा, ने भूवा, मालका, मनायो है
महेरांण, मूळरव, मोखु, मोखा, मोखाया, तो
कहे जोगीदान अवसूरा आसीया, यो है, ||०२||
मूअड, पंगर, मांणु, पिंगु, सासी, पटोळीया,
पेचीया, पाटोडा, होना, होता, जग्ग हायो है
ओल, आपजड, आसपाळ, अरु आसीया, ने
लाळस, लुणीया, वणसूर, अंब वायो है
सामोर, रतन, वाणसीया, ने सोलाखा भला
भाराथे सूमोड, वेगडा, को जुद्ध भायो है
कहे जोगीदान अवसूरा अवनीपे आज
बंकडा, ने साखा जग बोंतेर बसायो है, ||०३||
क्रमसः.......
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