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19 नवंबर 2016

भजन-रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)

.                   *भजन*
.                *राग: तोडी*
.  *रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)*
शिव ने ऐज शीवा समजावे, (02)
भेद अगम पद भांख भवानी, दीव्य परा दिखलावे...
शिव ने ऐज शीवा समजावे.....टेक
तत्व रजस तम ने सत सगती, आतम थी उपजावे
आज रमा अविनास अखंडी, बहुधा रुप बतावे
शिव ने ऐज शीवा समजावे.....01
धुन मां ध्यान धरी तुं धुरजट, अलख कही ओळखावे
गणगण ती हुं सात गगन मां, गीत ई वेदो गावे
शिव ने ऐज शीवा समजावे.....02
तुं पद नो ज्यां तार तुटे ने , हूं पद ना हर खावे
आतम त्यां ॐ कार उचारी, परत परम पद पावे
शिव ने ऐज शीवा समजावे.....03
कलम बिराजी कांकण वाळी, चडीया सुं चितरावे
जीव शीव जोगी दान जनम म्रत, सास्वत थी सरखावे
शिव ने ऐज शीवा समजावे.....04
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