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24 नवंबर 2016

शुरवीरो ने हाकल

अगाऊ ज्यारे गाम पर विपती आवे
गौ-धन वारी जता होय,दुश्मनो ऐ
पादरे पडाव नाख्या होय,रैयत नी
वारे चडवा गाम नी आबरु बचाववा
शुराओने जुवानीयाओने हाकल देवा
कदाच आ शब्दो वडे रणे चडवा
कहेवामां आवतुं हशे ऐना माटे ऐक
प्रयास छे भुल-चुक क्षमा करी ध्यान
दोरवुं.... जय भगवती

     *शुरवीरो ने हाकल*

हरखी ने आवो,जान जोडावो
स्वर्ग नी राहे बलघारी
हांकेथी गजावो,विरता बतावो
सुराओ ने बलीहारी

भवानी पुकारो,दुश्मन संहारो
छातीये वारो पडकारी
ढोल वगडावो,सरीता वहावो
निर्भय थई ऐ नामधारी

ईतीहास रचावो,अश्व शंणगारो
रैयत ना छो हीतकारी
गौ-धन ने वाणो,कुणने दीपावो
मेदाने पडो शस्त्रधारी

शंख फुंकावो, हाकला पडावो
मलकी आवो टेकधारी
विरोधी हरावो,त्राड थी डरावो
मरवा-मारवा ने उपकारी

लाज बचावो,अमर थई जावो
पाणीये पुजावो अधीकारी
खमीर जणकावो,धड लडावो
अवसर आव्ये बिरदावी

✍🏻 देव गढवी
नानाकपाया-मुंदरा
        कच्छ

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