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30 नवंबर 2016

आई श्री पीठड माँ चरज : रचना :- दिलजीतभाई गढवी

*आई श्री पीठड माँ*
          *चरज*
राग..पाये तूने विपळी लागू.

पीठड आई पाटरामा मां वारु करो टेम वहमा मां...टेक..

अरणा वाळी आई अमाणी प्रगणामा प्रखियात,
हे..कूळ बाटी नी कूळदेवी मां
वडहथी वीखियात, पीठड मां. 1

कामळी काळी ओपती माथे हेमनी लाकडी हाथ,
हे..भालावाळी मारी भीडने भांगे नेजावाळी अमू नाथ, पीठड मां,...2

आशरो मोटो आई पीठड नो स्नेह थी करती सहाय,
हे..वेरी वष्यर कोई वाघ वरु थी वाळ वांको नो थाय,.पीठड मां...3

हरशे हानी हेतथी माडी जतन करी जगदंब,
हे..याद करो त्यां आवती भेरे आई पीठड अवीलंब,.पीठड मां ...4

पाठ नो धणी आई पीठड मां जे पूजशे मानो पाठ,
हे..बाटी *दिलजीत* माँ आपशे एने ठाकर वाळो ठाठ पीठड मां....5

पाटरामा पीठड मां नी वंदना

दिलजीत बाटी ढसा जं.

मो...9925263039

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