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"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

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27 जनवरी 2017

हर हर भजे श्री हांसल मात रचियता :- कवि घनश्याम गढवी

प्रातः स्मरणीय प.पु.आई श्री हांसबाई मां (मोटा रतडिया मांडवी कच्छ)नो 89 मो जन्म महोत्सव वसंत पंचमी ता.01-02-2017 ना रोज उजवाशे ऐ निमिते कवि घनश्याम गढवी 'श्याम' नी ऐक रचना आपनी समक्ष मुकववानुं नानकडो प्रयास करेल छे.
               गीत चारणी
               हर हर भजे
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धन्य धाबळियावाळी अखियात के हर हर भजे श्री हांसल मात
वसंत पांचमने बुधवार धर्यो मा अवनी पर अवतार
रतडिया रुडो चारण नेस रमे ज्यां हांसल बाळे वेश
सुकर्मी चारण नारण तात के हर हर भजे श्री हांसल मात
करे छे गौ मातानी सेवा भजे छे भूतनाथ महादेव
उच्चरे प्रणव मंत्रनुं गान चढ़ावे दूध बीलीनां पान
मावडी प्रथम पूजे भगवान मावडी पछी करे जळपान
मावडी मागे शिवनी रहेम राखवा सहुने कुशळ क्षेम
श्रद्धाना समदर छोळे सात के हर हर भजे श्री हांसल मात
विराजे मोटा रतडिया धाम करे मा पावन मंगल काम
दीठो ज्यां स्वार्थ भर्यो संसार जूठो आ विश्व तणो व्यवहार
उठ्यूं मन संसारे थी ऐम लीधुं तप महात्यागनुं नेम
तपावी मनडुं करवुं मीण तपावी तनडुं करवुं क्षीण
छूटी गयो जीवतरियाथी राग देवीऐ कर्यो अन्ननो त्याग
थयो मा सोनलथी सतसंग सत्यनो चडयो रगेरग रंग
फीटे नहीं पडी पटोळे भात के हर हर भजे श्री हांसल मात
ओटलो भूतनाथनो ज्यांय बनाव्यु सुंदर मंदिर त्यांय
सजाव्यो मोरदादानो गोख संवार्यो गात्राड मानो चोक
करे मा भकित ज्यां दिनरात के हर हर भजे श्री हांसल मात

रचियता :- कवि घनश्याम गढवी 'श्याम'

टाईप बाय :- www.charanisahity.in

वसंत पंचमी सुधी रोज हांसबाई मांनी विविध कविओ रचेल रचनाओ आपनी  समक्ष मुकवानो नानकडो प्रयास करीश.

आवतीकाले प्रदीपदान रोहडीयानी रचना

आंखोमां अमीरस झरे देख्ये टाढक थाय

      वंदे सोनल मातरम् 

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