.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

Sponsored Ads

Sponsored Ads

.

Notice Board


Sponsored Ads

30 जनवरी 2017

नमु तुने हांसबाई - वरदान गढवी

नमु तुने हांसबाई....तु तो प्रेमाळी छो आई,
      (हे) नमु तुने हांसबाई(जी)....

(हे) कच्छ धरामां शोभतु रुडु रतडीया गाम (जी)..
वसंत पंचमीऐ आप पधार्या,
            खिली सकल वनराई...... नमु तुने०

(हे) िपता नाराण ने घेर गोरबाई खुशी ना सामाई(जी)..
चारणकुळमां जुओ आजतो,
              साक्षात सरस्वती आई.. नमु तुने०

(हे) जप तप ध्यान धरीने,करती बालुडानु ख्याल(जी)..
कुरीवाजो काढवा कारण,
               अवतरी अंम्बाआई.. नमु तुने०

(हे) दारु जुगार ने परस्त्री ने न जोता भाई (जी)..
समजाव्यु सदैव माताऐ,
                  जीवो जीवन उचांई.. नमु तुने०

(हे) सुकी धरा ज्यारे कच्छनी आ दुष्काळ माय (जी)..
मेघ यग्न कर्यो माताऐ,
     (त्यातो) वरुण वरसा वरसाई.. नमु तुने०

(हे) कर जोडी 'वरदान' गावे गुण तमारा आई (जी)..
आवे जो कोई दुरगुणो तो,
                     हरजे तु हांसबाई.. नमु तुने०

                           :- वरदान गढवी

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads