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12 फ़रवरी 2017

राघव कापडीनी भाव वंदना - गढवी आरव रवाई

राघव कापडीनी भाव वंदना
करोळीया नी धरा पर एवा उग्या भाण
नरा  शाखा  ना  नेसडे  राघव  कापड़ी निशान
प्राण उडी गया  पण  पाळीया पूजाळा
पछी आ आरव ' न रिये अजाण
चारण  तणा  चबूतरा मा  एवा नाख्या दाण
छोरु तणी  चांच मा उपज्या रे सुजाण
सदविचारे   सिचरवा   दोरयो  अमारो ध्यान
पछी आ आरव ' न रिये अजाण
राह   चितरवा  रथडा  नी  हाथे  लीधी कमाण
भेळीयाळी ना भेरे भरोसे तार्या अमारा वहाण
चारण  तणी   चतुराई थी   बेसाडया रे नेहाण
पछी आ आरव' न रिये अजाण
नातगंगा  ना  बाग मा रोप्या ते परमाण
फूलडा तणी फोरम थकी खिली उठया  रणजाण
चारण   तणा  चोक  मा वधावी अमारी शान
पछी आ आरव' न रिये अजाण
कवि- गढवी आरव रवाई
मो- 9586717848

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