.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

.

Notice Board


Sponsored Ads

Sponsored Ads

Sponsored Ads

16 जून 2017

देव गढवी नी रचना

कडी निंदा अब बहुत हुई
अब चलने दो हथियारों को
बातचीत समजौता छोड़ो
अब गोली मारो गद्दारों को

खुर्सी खुर्सी का खेल छोड
अब सोचो देश के प्यारों को
वीर सरहद पर शिशक रहे
अब हाँ कहदो यलगारों को

बस हुआ अब और नहीं
अब हमसे सहा जाता
कायर बन भारत माँ के
बेटों से नहीं रहा जाता

राजनीती छोड़ कभी उन
घरों में भी जाया करो
जिनके वीर सीमा पे खड़े
उनकी भी खबर लाया करो

शांति पसंद हैं हम पर इस
कायरता के साथ नहीं
ऐसे खामोश बने रहना ये
भारत का इतिहास नहीं

शांति अगर चाहिए तो एक
क्रांति जरूर लानी होगी
इन चंद इंसानी दुश्मनों को
उनकी जगह बतानी होगी

✍🏻देव गढवी
नानाकपाया-मुंद्रा
        कच्छ

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads