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6 अप्रैल 2019

|| जोगण स्तुती || || कर्ता मितेशदान(सिंहढाय्च)

*मितेशदान कृत जोगण स्तुति माथी,,,,,*

*|| : जोगण स्तुति :||*
*|| : कवि मितेशदान महेशदान गढवी (सिंहढाय्च) : ||*
*|| : छंद भुजंगी :||*

*: दोहा :*

*जोगण पत राखण जती,सती सगत कर साय,*
*मेटण दूष अम कु मती,माँ जोगण महमाय,*

*:छंद- भुजंगी :*

नमो सरसति  आद्यशक्तिय  अंबा,
नमो त्रेण  लोका तु तारींण  त्रंबा,
नमो मात  जोगेश्वरी ज्योत जाणी,
नमो ज्वालिका  खंड वेदं वखाणी,(1)

नमो  विघ्न हरणी विशाला  प्रमाता,
नमो  शुद्ध बुद्धि तणी तु   विधाता,
नमो  श्वास  में  प्राण  घट्टे समाणी,
नमो पूण्य रूपं  अकाळे   प्रखाणी,(2)

नमो  ब्रह्म  शक्ति महाकाय  बेली,
नमो  शब्दरुपं  निराकार   शैली,
नमो  जिह मध्ये   बिराजे  सरिता,
नमो  ज्ञान कुध्यान  काटे   दरिता,(3)

नमो  पंच तत्वों तणी  वेग   धारा,
नमो  सप्त वारी  प्रकाशे   सकारा,
नमो  चंद्र  शीता   सुधाचर्य  छायी,
नमो  भाष्करा तेजनी झाख  भायी,(4)

नमो  रागिणी सामणी  ध्यान मत्ता,
नमो  सर्व  संसार धारीण    सत्ता,
नमो  भोम  धारे  बिराजी  भवानी,
नमो  व्योम  पाताल  रूपे  विरानी,(5)

नमो  काल महाकाल माया कृपाली,
नमो  दैतघट्टे  भये  भष्म    काली,
नमो  दंतमें  डारणी   दैत   हरणी,
नमो  कालनाशी उदो  वार  करणी,(6)

नमो  भाल  तेजं  धरी सुर  भायो,
नमो  वाल  मेघं  अपारं   व्रसायो,
नमो  दुर्ग  रावो  तणा सुख  सेवी,
नमो  चारणी  तारणी  सोम  देवी, (7)

नमो  चंडिका  रूद्र  रुपे    रमिती,
नमो  विश्वकालेय  व्हाले    समीती,
नमो  कालका  कोपती  श्यामकायी,
नमो  पुज्य मुखे  प्रथम  हेत  पायी,(8)

नमो  ज्वाल   जोगंदरी   जोगमाया,
नमो  कालनाशिणनी     वज्रकाया,
नमो  संग  रामं सुधा  रंज    सीते,
नमो  राधिका जोगतु  श्याम   रीते,(9)

नमो नीव ब्रह्मांड नौ लोक  नारी,
नमो जीव  श्वासें  प्रति फंद जारी,
नमो अंत री अर्थ री  आद्यमाता,
नमो तत्त्व  देह तणी सत्व ताता(10)

नमो  खप्परे  खंडणी  दैत   खाटी,
नमो  तिरशुळे रक्त लै पंड    छाटी,
नमो  कर शिखा चंड लेती हिलोळा,
नमो  झाटकी दुस्ट  झंखे   झकोळा(11)

नमो  धोडती धाबळे  धाह   देती,
नमो  रोकती भाणरी  भार   लेती,
नमो  मुंड  माली विकालं   महत्ता,
नमो  नाथ  कैलाश  ताले  नमत्ता,(12)

नमो  विद्व  वाणी जनेता  वखाणी,
नमो  ज्ञान  भंडार  भावी  गवाणी,
नमो  कर्म कांता  भवी   कर्मकायी,
नमो  धर्मनी   रक्षति     धर्मधायी,(13)

नमो  धन्न ध्याती विधाता धनिका,
नमो  मन्न ख्याती महायी मनिका,
नमो  ख़टचक्कर चलावे खरी तू,
नमो  हर विकारा हटावे  हरी तू,(14)

नमो  गिरधरी गोख गब्बर  गाजे,
नमो  चंडिका पट्ट सिद्धि बिराजे,
नमो  वाण तार्यु करे लंब  वाने,
नमो  शक्ति संभाळ लेती  सदाने,(15)

नमो  सुर आंगण की  प्रत छाये,
नमो  जणी पंड तणा वीर  जाये,
नमो  संग  शिवसदा  रही  साये,
नमो  पार  दैत्यो पछाडत  पाये,(16)

नमो  सती जग्ग वियोग  समानी,
नमो  अती जुद्ध हंकारिय  आनी,
नमो  भजु छंद  भवानी  भुजंगी,
नमो  शगति  रहो साय   सुचंगी,(17)

*क्रमशः,,,,*

*🙏---मितेशदान(सिंहढाय्च)---🙏*

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