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14 जुलाई 2016

नमो भवानी अंबिके - घनश्याम वाचा कृत

।। नमो भवानी अंबिके ।।
      * छंद : नाराच *
श्री आधशक्ति अंबिके अगम अनादी इश्वरी
विराट कोटि रूप भकत वत्सला विश्वंभरी
हे रिध्धि सिध्धिदात्री देवी कलेश दोष हारणी
नमो भवानी अंबिके सदा कल्याण कारणी।।1।।

शिरे मुकुट शोभीतम तड़ीत कान कुंडलम
उरे झुलंत मोति माळ हस्त हेम कंकणम्
गदा अंकुश वर्जपाश खडग चक्र धारिणी
नमो भवानी अंबिके सदा कल्याण कारणी।।2।।

बजंत डाक व्योम पाय घमघमंत घुघरी
रमे हुल्लासवंत रास अंबिके आरासुरी
करंत नित्य मंगलम् अमंगलम् विदारणीं
नमो भवानी अंबिके सदा कल्याण कारणी।।3।।

क्षमा कृपा अभय प्रदा नारायणी निरजणी
अंबार तेज अंबिका तिमिर घोर गंजणी
समर्थ सिंह वाहिनी मदांध दैत्य मारणी
नमो भवानी अंबिके सदा कल्याण कारणी।।4।।

ह्रदय कृपा समुद्रसम क्षमा सदैव बक्षिणी
सुणंत साद दोडती दयाळी दास रक्षिणी
अरण्य घोर आग शत्रू घात थी उगारिणी
नमो भवानी अंबिके सदा कल्याण कारणी।।5।।
{** घनश्याम वाचा कृत**}{पोस्ट अंकित भान चारण }

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