.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

Sponsored Ads

Sponsored Ads

.

Notice Board


Sponsored Ads

29 जुलाई 2016

चारण गांन रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)

.                || चारण गांन ||
.      रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)
.                 छंद : सारसी

श्री सारदा सूंण अारदा सत वचन धर्म न छोडीये
नित प्रोढ जागी प्रेमथी जगदंबीका कर जोडीये
यादी करी ऐ अगम नी ने दीव्य तेज दीपावीये
जप जांन जोगी दांन चारण गांन पावन गावीये..||01||

छे भव्य जे भूत काळ ऐने अधीक सौ उजळो करो
जळ हळ थतो जे जगत मां ऐ धरम ने पाछो धरो
वंदन करी विश्वे श्वरी ना रदय ने रे  रीझावीये
जप जांन जोगी दांन चारण गांन पावन गावीये..||02||

दारु ने गणींये दैत्य सोनल वात ने संभारी ये
व्यसनो तजी ने वेगळां नीज धर्म चारण धारीये
आयल तणां आदेश बावन नियम सर्व निभावीये
जप जांन जोगी दांन चारण गांन पावन गावीये..||03||

पद मान वैभव विमळ वांणी वाल जन विश्वेसरी
सुख सायबी मां सकल चारण ओपवो अखी लेश्वरी
ज्ञाती सकळ गंगा गणी बद लेश ना उर लावीये
जप जांन जोगी दांन चारण गांन पावन गावीये..||04||

दीकरी ने गणींये देव ने नव द्हेज कारण दोभीयें
आयल उपासक अगम ना सुध आचरण थी सोभीये
नीज पुत्र वधु ने पुत्री कही खुब व्हाल नेह व्रसावीये
जप जांन जोगी दांन चारण गांन पावन गावीये..||05||

ईरशा अहम त्यागी हरीरस चाखवो नीतचाह थी
कुड कपट ना हो काळजे नव छके ई वाह वाह थी
ऐवा अजाचक निम धारी खाज अखज न खावीये
जप जांन जोगी दांन चारण गांन पावन गावीये..||06||

आतम बली मन अडग निर्भय निडर हो जग नाथ सु
सत करम जन हीत हो सदा हे मात चारण हाथ सु
निज देश ध्रम पत नार कज बंबोळ रगत बहावीये
जप जांन जोगी दांन चारण गांन पावन गावीये..||07||

आयुं जगत मायुं फरी अवतार लई ने आव शे
जय जय जपी जगदंब नी ए गीत अमियल गावशे
प्हाडा ने वाडा सकळ त्यज सब ऐक बन जग आवीये
जप जांन जोगी दांन चारण गांन पावन गावीये..||08||

.            अथः श्री चारण गांन स्तुती .

🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼

कोई टिप्पणी नहीं:

Sponsored Ads

ADVT

ADVT