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16 जनवरी 2017

प्रभु तारी लीला न पारखी शक्यो - रचयिता:- निलेश गढवी (सामराणी)

"प्रभु तारी लीला न पारखी शक्यो" ता.१६-१-२०१७

बंगला बांघी ने बेठा छे मानवी मोटा,पण ऐना मन छोटा. झुपडा मा रहे छे मानवी छोटा,पण ऐना मन बहु मोटा. प्रभु तारी लीला न पारखी शक्यो...

देवानु हतु ज्यारे घन,त्यारे न मान्यु मन. 
माने छे हवे मन,तो देवा जेटलु नथी घन. 
             प्रभु तारी लीला न पारखी शक्यो...

ज्यारे देवानु हतु दान,त्यारे नती भान.
आवी ज्यारे भान,तो वघ्यु नथी देवा जेटलु दान.                   
               प्रभु तारी लीला न पारखी शक्यो...

"निलेश"जावु तो झुपडा वाळा पासे,मळशे मान.
जावु न बंगला वाळा पासे,मले तो मले अभिमान.
                 प्रभु तारी लीला न पारखी शक्यो...

रचयिता:- निलेश गढवी (सामराणी)
अंजार-कच्छ
मो.9638568511

              || वंदे सोनल मातरम् ||

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