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7 अप्रैल 2017

वहेला रे आवो तो जोसू वाटडी रचना - श्याम गढ़वी

🙏🏻👀जरूर वांचजो👀🙏🏻
     श्याम गढ़वी करोडिया नी सूंदर नवी रचना
     (राग-हाली रे अयोध्या राम ने वड़ाव्वा)

वहेला रे आवो तो जोशु वाटडी
   हाटडीये हवे ना रेवाय
       वहेला रे आवो तो जोसू वाटडी

🌱पथरो लाग्यो ने पंखीडाँ उड्या
विचारे छे वडला नी वडवाई
        वहेला रे आवो तो जोसू वाटडी

🌱मथुरा मुकामें कोक नु काडजु
गोपीयू गोते  गोकुडमाँय
          वहेला रे आवो तो जोसू वाटडी

🌱पोरहा ने पादर उभी एक चारणी
    पति मारो आवसे पलमाय
         वहेला रे आवो तो जोसू वाटडी

'श्याम'थी नहीं थाय सबरी जेवि साधना
  फूलडू नानु छे करमाय
        वहेला रे आवो तो जोसू वाटडी

        ✍🏻श्याम गढ़वी साहित्यकार (करोडिया_9586584565)

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