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31 मई 2017

केवो हशे..??रचना - चारणकवि पद्मश्री कागबापु

*💐...कागबापुनी रचना...💐*

    🙏🏻🙏🏻 *केवो हशे..??* 🙏🏻🙏🏻

ए जाणवा जोवा तणी,दिल झंखना खटकी रही
ब्रह्मांडने भटकी रही,अंते मति अटकी रही

आकाशना घडनारनां घरने घड्या कोणे हशे..?
आकाशनी माता तणा,कोठा कहो केवडा हशे..?
अध रेचके प्रलयो गया,पूरके लयो केटला हशे..?
अबधुत ए योगी तणां,आसन अखंडीत क्यां हशे..?
ए जाणवा जोवा तणी...

बे बे मशालो बाळतो,वळी वाळतो जोतो हशे..?
संभाळतो अंजवाळतो,उभो मशाली क्यां हशे..?
दरिया तणो क्यारो कर्यो,एनो कुवो केवडो हशे..?
ए कोसनो हाकणहार,खेडुत उभो क्यां हशे..?
ए जाणवा जोवा तणी...

धरणी तणो पिंडो कर्यो,रज लावतो क्यांथी हशे..?
जग-चाक फेरणहार,ए कुंभार बेठो क्यां हशे..?
काळी काळी वादळीओ तणो,गोवाळ शुं काळो हशे..?
विण आंचळे आकाशनो दोहनार उभो क्यां हशे..?
ए जाणवा जोवा तणी...

पोते बनाव्यो पाशलो,बीजा बधा आवि फसे..?
पोते फस्यो नीज पाशमां, ए तो मूरख केवडो हशे..?
कर ताल ताळी दइ जतो,हैया विषे हसतो हशे..?
बांधे घणा छटकी जतो,ए तो चतुर केवो हशे..?
ए जाणवा जोवा तणी...

आकाशने अंधकार,विंटणहार जोतो शुं हशे..?
अंधकारनी माता तणे,अंग ओढणा केवां हशे..?
अमृत तणा बापु तणा,मुखडा केवा मीठा हशे..?
विष-वारुणी जणनारीना, पय हा केवां कडवा हशे..?
ए जाणवा जोवा तणी...

जन्मो जीवन वैभवतणा,पुष्पोनी कर माळा वसे
शृंगार सरजनहार ए,वनमाळी हरी केवो हशे..?
पळ कल्प धागो काळना,मस्तक तणा मणका दिसे
ए माळ धारणहार हा, अघोरी केवो विकराळ हशे..?
ए जाणवा जोवा तणी...

भव चोरसे बुट्टा भर्या, क्यारे कीनारी छापशे..?
बीबां घरे केटला हशे ? रंगरेज ए केवो हशे..?
छेतरे नहीं छेतराय ना,अबजोनो आडतीयो दिसे
सौना हिसाबो चुकवे ए, शेठीयो केवो हशे..?
ए जाणवा जोवा तणी...

कहे "काग" सर्जक सर्पनो,केवो कठीन झेरी हशे..?
पवने सुगंध प्रसरावतो,केवो लाडीलो ल्हेरी हशे..?
पशुपंखी ने कणनो पिता,परमारथी केवो हशे..?
एक मानवी घडनार,ए प्रभु स्वार्थी केवो हशे..?
ए जाणवा जोवा तणी...

💐 *रचना - चारणकवि पद्मश्री कागबापु* 💐

🌹 *टाइपिंग - राम बी गढवी* 🌹
*नविनाळ - कच्छ*
*फोन नं. 7383523606*

👏🏻 *भुलचुक सुधारीने वांचवी* 👏🏻

💐 *वंदे सोनल मातरमं* 💐

साकरतुला प्रसंगे भावभर्यु आमंत्रण

साकरतुला प्रसंगे भावभर्यु आमंत्रण

मोटा भाडिया चारण समाजनुं गौरव

*मोटा भाडिया चारण समाजनुं गौरव*

जीवराज हरदास गढवी (राग)

धोरण-12 मां

Percentile - 98.5 अने 82 %

|| गंगा की धरती अवतरण कथा || || कर्ता मितेशदान गढ़वी(सिंहढाय्च)||

*मितेशदान(सिंहढाय्च) कृत रामायण महागाथा मांथी,,,,,,,,*

सुणे कह राम काहूभेद गंग,
धरे उतरण कबे कहु     रंग,
सुरालोक मेय विहारत  बेय,
मिलाप कितेय धरा  उतरेय,

*|| रचना: धरती पर गंगा का अवतरण ||*
     *||कर्ता-मितेशदान महेशदान गढ़वी(सिंहढाय्च)||*
      *|| छंद-सारसी ||*

अयोधा मही सुख राज होवत सगर नामक नृप हो,
पत्नी विदर्भी केशिनी  पर पुत्र नहवे हीन हो,
धर्मान्त सत्यं धरण चित्तम रूपवंती नारथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी,(1-116)

सुमिता हूती अर्धांग दूजी पुत्र नाही    एकली,
सह केशिनी मन अड़ग ध्यानम पति संगे दो चली,
भृगुपरसवण गए जाप किन्नो वरद लिन्नो प्रारथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(2-117)

वर एक दीन्नो पुत्र उजळो उजागर कुळ आगते,
दिन्नो दूजो वर पुत्र साठ हजार धर कूख त्यागते,
निश्चय लिनो एक को की कुण धर एक उरथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(3-118)

कूख केशिनी के जन्म धारण दुष्ट ई असमझ्झ थ्यो,
सुमिताय कुखे एक तुंबो साठ पुत्रे सज्ज थ्यो,
पोषण कियो लिए कुम्भ घी में सुख लिए परमार्थी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(4-119)

सूत जेष्ठ यौवन समय काले दुष्ट मन धर आकरो,
कर बाल लघु को नाखिया सरयू सरिता मा फरो,
इण दुष्ट कारण सगर काढत राज बारे त्यारथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(5-120)

*(असमझ्झ को अंशुमान नाम का एक पुत्र था। अंशुमान अत्यंत सदाचारी और पराक्रमी था। एक दिन राजा सगर के मन में अश्वमेघ यज्ञ करवाने का विचार आया। शीघ्र ही उन्होंने अपने इस विचार को कार्यरूप में परिणित कर दिया।”)*

किये अश्वमेघन यज्ञ राजन अश्व छोडत धर परे,
रक्षाय काजन अंशुमन हरीतिमायुक्तन दळ धरे,
मद भान भूल्यो इन्द्र चोरत अश्व राक्षस रूपथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(6-121)

क्रोधी बनी किये सगर आदेश पुत्र साठ हजार को,
ले आव पातक को धरा अम यज्ञ कज संहार को,
त्रिलोक नही कही मिले पातक धरण खोदत वारथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी,(7-122)

पाताल गए जब साठ पुत्रा निरख मुनि तप जापता,
मुनि कपिल पासत अश्व बांधे ध्यान गगने व्यापता,
अणसमज मन धर साठ पुत्रा भंग तप कियो खारथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी,(8-123)

क्रोधि बने मुनि निरख दोषी भंग तप कियो पातके,
जारीय किन्नौ भष्म तन तब ज्वाल अगन वहावके,
तद अंशुमान सु अश्व शोधन गए गुफावट द्वारथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी,(9-124)

तन मन भयो दुख अतीय अंशुमन क्षोभ लावत उर महि,
निश्चय किन्नो मोक्ष कारण साठ भ्राता जल त्यही,
ब्रह्मा तणो तप ख़ूब किन्नो ध्यान वर बाता कथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी,(10-125)

*(महाराज सगर के देहान्त के पश्चात् अंशुमान बड़ी न्यायप्रियता के साथ शासन करने लगे। अंशुमान के परम प्रतापी पुत्र दिलीप हुये। दिलीप के वयस्क हो जाने पर अंशुमान दिलीप को राज्य का भार सौंप कर हिमालय की कन्दराओं में जाकर गंगा को प्रसन्न करने के लिये तपस्या करने लगे किन्तु उन्हें सफलता नहीं प्राप्त हो पाई और वे स्वर्ग सिधार गए। इधर जब राजा दिलीप का धर्मनिष्ठ पुत्र भगीरथ बड़ा हुआ तो उसे राज्य का भार सौंपकर दिलीप भी गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिये तपस्या करने चले गये। पर उन्हें भी सफलता नहीं मिली। भगीरथ बड़े प्रजावत्सल नरेश थे किन्तु उनकी कोई सन्तान नहीं हुई। इस पर वे अपने राज्य का भार मन्त्रियों को सौंपकर स्वयं गंगावतरण के लिये गोकर्ण नामक तीर्थ पर जाकर कठोर तपस्या करने लगे)*

धर एक अंगूठेय कियो अडग तप शिव मन लियो,
परसन्न किते शिव मांग वर हर गंग धर पर लावियो,
मद मान चकचूर भान गंगा धरण रूप जल त्यारथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(11-126)

पटकई धरण मन टेक शिव तन वेग जलमें वाहना,
महादेव खोलत जटा जकड़े गंग मन कट ध्यावना,
जल विलीन देखत राज भगीरथ तप कीनो तब फेरथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(12-127)

वहती करी अभिमान चूर कर सात भागे भामणे,
त्रि भाग ह्रादिनी छोड़ के नलिनीय पावनी
नामणे,
सिंधु सुचक्षी और सीता    पच्छिमें भवतारथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(11-128)

भगीरथ चले त्यही सप्त भागम गंग चलती जा रही,
कर पावना सब मुक्त मुनि गण दोष दारत जल ग्रही,
वही जह्नू यज्ञ विखेर कर तप भंग करियो खारथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(12-129)

क्रोधी हुए मुनि त्याग तप जप गंग जल घट पी गये,
संसार मुनि सब विनव जह्नु मोक्ष कज आधार ये,
किरपा कीये मुनि नाथ छोड़ी गंग कर्णो द्वारथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(13-130)

गयी गंग भगीरथ संग सर कज रसातल उद्धार को,
किये मोक्ष साठ हजार को दिए स्वर्ग स्थान सुधार को,
जय जाह्नवी *मीत* नमन तुजने त्रिपथगा भागीरथी,
पापो हरण कज वरण जल धर अवतरी भागीरथी(13-131)

*(तबसे गंगा नदी जाह्नवी,त्रिपथगा,और भागीरथी नाम से जानी गयी,)*

*🙏----मितेशदान(सिंहढाय्च)----🙏*

*कवि मीत*

30 मई 2017

धर्म रक्षक संत-शेषावतार श्री रावळपीरदादा ना पगथीया

💐 *धर्म रक्षक संत-शेषावतार श्री रावळपीरदादा ना पगथीया* 💐

पहेली पगथी पीरजी,तेंके सौ नमे संसार
तखत बिराजे वलसरे में,करणी अपरंपार .(१)

बीजी पगथी बोदल बोळे जोरे रावळपीर
दया क्यां देवराज मथे पंजडी छडायां पीर.(२)

त्रीजी पगथी तारे पीर उकारे पार
नाथ नवाजे नरसिंह मथे हरी पेरायां हार.(३)

चोथी पगथी चडीआया तेर पेडी आंते पीर
रावळ देंना रोजीनुं खनु-लपैयुंने खीर.(४)

पांचमी पगथी पोजी अचां मांधाइ न थीये मुर
अंधा मंग्या अखीयुं तेंके नाथ देनाया नुर(५)

छट्ठी पगथी छेटा वनेंता दुखडा कर्या दुर
वलसरे जे वडें वटां पाणी वनेंता पुर.(६)

सातमी पगथी सेवेयां तेर कुबे धणी
कृपा क्यां कुबेधणी दनां पुत्रेंजी जोड.(७)

आंठमी पगथी ओलीयाजी दशां कुबेजी कोर
वलसरे जे वडें मथें वठा चिंगारीं मोर.(८)

नवमी पगथी ननामुं नम्या चड्या धिणोधर धार
चारण क्यांते चाकरी अचे गणां अवतार. (९)

दशमी पगथी देवता समर्या दशरथ घर अवतार
रावणके मार्यो राम राम चड्या सीताजी वार.(१०)

अगीयारमी पगथी अवनीके भोरींग उपाड्यो भार
सृष्टि धरी सर मथे शेषनाग अवतार.(११)

बारमी पगथी बोलांया मुजा पाप बारीजा पीर
वठां पुजाजे वलसरेमें रावळपीर बळ-बोदलवीर.(१२)

तेरमी पगथी तुही-तुही वलसरे आचार
धुणी आंजी ध्रंग में मेकरण जो अवतार.(१३)

चौदमी पगथी चडीअचां तेर अरजी क्यां आधार
कारण अचेंता क्रोड तेंजी वेली चडजा वार.(१४)

पंदरमी पगथी पट्टण क्यां रुवे अरजणदास
कोयले कृष्ण मोहन मंदर फेर्या अरदास.(१५)

सोळमी पगथी छांइ करे उभी पिराणी जार
रावळपीर जे घोडें केतां हीरें जड्या हार.(१६)

सत्तरमी पगथी सेवा थीये पत्री चडेती पीर
कळस मळ्यो कुबेमें भर्यो गंगाजल नीर.(१७)

अढारमी पगथी आरती थीये सांज बपोर सवार
रोज चडोता रावळ अइं बोदले असवार.(१८)

ओगणीसमी पगथी ओलीयाजी छुटा घोडेंजा घमसाण
नत वजें नगारा ने नोबत जा निशान.(१९)

विसमी पगथी वलसरेथी सामे वठा अइं संग
अजाजी डीजा अइं ओलीयाके रावळ मुके रंग.(२०)

एकविसमी पगथी ओलीयाजी कजा दानथी दर्शन
पंगतुं जमेंत्यु पीर वटे ओखलो मलेतो अन्न.(२१)

बाविसमी पगथी बावेजी नोबत नत वजे
वलसरे में आरती टाणे ढोल करेतो मजे.(२२)

त्रेविसमी पगथी तारेंके नजर डठा नखतर
कुबे डठां किलकारते सोनेंजा छत्तर.(२३)

चोविसमी पगथी चडी आया तेर थ्या दर्शन अपार
कुबेमें घोडा वठाअइं लख क्रोड हजार.(२४)

पच्चीसमी पगथी पुंज्यां तेर पीर थ्या प्रसन्न
देवेजी के दनां अयां खीर पोत्तर ने धन(२५)

छविसमी पगथी शीख्यां तेर डेण नम्या दुर
अखों डसीने ओलीयाजी भजी वनेंता भुत.(२६)

सत्याविसमी पगथी ओलीयाजी पोत्रो आंजो पीर
विरेज्युं उमेदुं पुर्यां अयां अइं पीर.(२७)
अठ्याविसमी पगथी उंचो कुबावान कुबो
नवखंड आंके नमे छत्रधारीजो छुगो.(२८)

*रावळ रावळ जे करे,प्रो संभारे पीर*
*अच्छा भोजन भावजा,खनों लपैयोंने खीर*

💐 *रचना=चारणकवि विरमभाइ गेलवा(गीलवा)* 💐

🌹 *टाइपिंग=राम बी गढवी* 🌹
*नविनाळ-कच्छ*
*फोन=7383523606*

🙏🏻 *आ पगथीया कच्छ झरपरा कवि अने लेखक श्री आशानंदभाइ गढवी नी बुकमांथी लीधेल छे भुलचुक सुधारीने वांचवी* 🙏🏻

💐 *शेषावतार श्री रावळपीरदादा ना चरणे वंदन* 💐

💐 *वंदे सोनल मातरमं* 💐

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प.पू. आईश्री सोनल मां मंदिरे आठमो पाटोत्सव आमंत्रणपत्रिका

प.पू. आईश्री सोनल मां मंदिरे आठमो पाटोत्सव आमंत्रणपत्रिका
*ता.01-06-2017*
*कार्यक्रमनी सूचि*
 आरती सवारे 8-00 कलाके
 यज्ञादिकर्म सवारे 9-00 कलाके
 दिप प्रागट्य सवारे 10-15 कलाके
 धर्मसभा सवारे 10-30 कलाके
 आरती तथा धजानो चडावो बपोरे 12-15 कलाके
 महाप्रसाद बपोरे 12-30 कलाके
 रास गरबा बपोरे 3-30 कलाके
कलाकार श्री घनश्यामभाई झुला
 संतवाणी रात्रे 10-00 कलाके
कलाकारो
(1) श्री योगेशभाई बोक्षा
(2) श्री आदित्यभाई बोक्षा
(3) श्री निलेशभाई गढवी
(4) श्री रसिकभाई माराज
(5) श्री मेराणभाई गढवी
          सदगुरु साउन्डना सथवारे
*स्थळ :-*
सोनलधाम, काठडा ता.मांडवी कच्छ
*निमंत्रक*
श्री सोनलधाम ट्रस्ट तथा समिति तेमज काठडा चारण समाज

29 मई 2017

चारण-गढवी समाजना विद्यार्थीओ माटे विना मूल्ये नोटबुक-चोपड़ा अने बॉलपेन वितरण

🔴
राजकोटमा रहेता चारण(गढवी) समाजना धोरण 5 थी कॉलेजमा अभ्यास करता *विद्यार्थी भाई-बहनो माटे विना मूल्ये नोटबुक-चोपड़ा अने बॉलपेन वितरण* 'गढवी फ्रेन्डझ  ग्रुप-राजकोट' द्वारा तेमज 'लाखाभाई वि जामंग चेरीटेबल ट्रस्ट संचालित जीवणी माँ मुलरव नी प्रेरणा' थी करवामा आवसे।
नोंध : छेल्ली परीक्षा नी मार्कशीट खास साथे राखवी जरुरी छे।
तारीख : *4 जून 2017 रविवार*
समय : *सवारे 8 थी 12*
स्थल :इंदुबेन धीरूभाई गढवी मेमोरियल ट्रस्ट, ज्युबेली चौक,
श्रीनाथ ट्रावेल्स नी सामे,
भावेश मेडिकल नी बाजुमा,राजकोट
🔴
संपर्क: हेमू भाई 9723469771,
राजूभाई 9375117301,
मेहुलभाई 9825728787

चारण समाजनुं गौरव - पूजाबेन पल्लवभाई गढवी

चारण समाजनुं गौरव - पूजाबेन पल्लवभाई गढवी

HSC RESULT 2017

HSC RESULT 2017 ::- Click Here

धोरण-10  पछी शु ? आ विशेनी थोड़ीक माहिती

मित्रो धोरण-10  पछी शु ? आ विशेनी थोड़ीक माहिती 

     धोरण-10(S.S.C) बाद विधार्थी पोतानी कारकिर्दीना उपलब्ध विविध विकल्पों पैकी कोई ऐक योग्य विकल्पनी पसंदगी करे छे, के जेनाथी तेनुं कार्यक्षेत्र (Field) नक्की थाय छे.

 धोरण-10 (S.S.C) पछी कारकिर्दीनी तको
✏ धोरण-11 - 12 (विज्ञान प्रवाह)
✏ धोरण-11 - 12 (सामान्य प्रवाह)

www.charanisahity.in

 डिप्लोमां ऐन्जिनियरीँग
     ✏ सिविल
       ✏ मिकेनिकल
        ✏ इलेकिट्रकल
         ✏ कम्प्युटर
          ✏ इन्फर्मेशन टेकनोलोजी विगेरे
वधु माहिती
(1) www.gujacpc.nic.in
(2) www.acpdc.in

 I.T.I ना अभ्यासक्रमो
    ✏ ईलेकिट्रशियन
     ✏ फीटर
      ✏ टर्नर
            विगेरे
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27 मई 2017

||मारीच सुबाहु वध || ||कर्ता मितेशदान गढ़वी(सिंहढाय्च) ||

*मितेशदान कृत रामायण महागाथा मांथी,,,,,*

*||रचना:मारीच सुबाहु वध||*
*||कर्ता-मितेशदान महेशदान गढ़वी(सिंहढाय्च) ||*
*|| छंद : अर्ध मंडळ दोढो ||*

आश्रम   राघव    आविया,
इ सतकारे       शोभाविया,
जल चरण पर  छंटकाविया,
धरिया सकल सनमान,  (1-89)

सव साथ  भोजन खाविया,
पोढ़ण    सेजो    लाविया,
हरी नाम  मुख  समरावीया,
करिया गुरुवर  ध्यान, (2-90)

दन  उजळो द्वि   उगियो,
रघु दैत मारण     पुगियो,
सुशस्त्र कर पर   धारियों,
इ सज्ज थ्यो सतवान,   (3-91)

(आश्रम में पहोंचने के दूसरे दिन की सुबह को राम और लक्षमण  नित क्रमशे  भगवान सूर्य नारायण की  पूजा करके,आश्रम में यज्ञ विधि हो रही थी वहां आके ऋषि मुनिओ को प्रणाम किया,और शस्त्र धारण करके सुबाहु औरे मारीच के वध हेतु सज्ज होकर छे  दिनों तक हवन सम्पूर्ण विधि से उथापन न हो तब तक  वहां खड़े हो गए,और हवन मंत्रा जाप और विधि चालू हुई,)

वेदाय   मंत्रो       जापिया,
जव हवन घी     होमाविया,
जप नाद   गगने   गाजिया,
घोळ्याय देवो गान, (4-92)

धरती रमण  ले  भामणा,
नभ  तार लेय  वधामणा,
मन जगन माथे  जामणा,
सुरता सजेलि  शान,   (5-93)

पांच वित्ये दिन  सुखभर,
नाह विघ्न कोई   दरीदर,
समय वसमो छठे  दनपर,
यज्ञ सौ गुलतान, (6-94)

गरज कळळळ वीज चमकी,
धरा  हळबळ  धार  धमकी,
पवन  परचंड  तेज  टमकी,
नाद रणक्या  कान,  (7-95)

हाड  अस्थि मांस   झरता,
फ़ौज देतो   संग    फरता,
विघ्न संकट कमण  करता,
रक्त करता पान,  (8-96)

किये सर संधान   लखमन,
तीर ताकत  फौज दळ तन,
छौड़   मानवअस्त्र  खननन,
हाटक्या अह्रींमान, (9-97)
(अह्रींमान-ईश्वर विरुद्ध,शैतान)

कौशल अतिबल राम कोप्यो,
देह मारीच   तीर     खोप्यो,
योजने सो    मार    फेक्यो,
रखण यज्ञे मान,(10-98)

आग्नेय अस्त्र छोड़ियों जब,
अगन घेरो   खोडीयो  तब,
जारियो सुबाहु  अध   झब,
पवन धर मीत वान, (11-99)

करियो यज्ञ सु  सफळ   काज,
सरियों  सत  मर्यादा    समाज,
नमिया ऋषि मुनि सव रघुराज,
पुरषोतम सब जगजान,(12-100)

(निर्विघ्न यज्ञ समाप्त करके मुनि विश्वामित्र यज्ञ वेदी से उठे और राम को हृदय से लगाकर बोले, “हे रघुकुल कमल! तुम्हारे भुबजल के प्रताप और युद्ध कौशल से आज मेरा यज्ञ सफल हुआ। उपद्रवी राक्षसों का विनाश करके तुमने वास्तव में आज सिद्धाश्रम को कृतार्थ कर दिया।”)

🙏-----मितेशदान(सिंहढाय्च)-----🙏

*कवि मीत*

26 मई 2017

चारण समाजनुं गौरव

25 मई दुनिया के लिये तारीख, मेरे लीये सदमा

25  मई दुनिया के लिये तारीख, मेरे लीये सदमा

ऐक साल हो गया लखुबापु को विदा लीये, मगर आज भी वो मेरे झहन में वैसे ही झिंदा है,
जैसे हुआ करते थे. आज चंद अल्फाझ कमल उनके चरणों में बेटी होने के नाते करती हूँ.

बापू देखो ना आज
मैं कितनी सायानी हो गयी हूँ.
आँखों में नमी नहीं आने देती
सदा मुस्कुराती हूँ.
खुद हँसती हूँ और,
सबके चेहरों पे हंसी लाती हूँ.

आपने ही सिखाई थी न ये सीख ....
संतुष्टि के धन को संजोना
वोही सब कर देता है ठीक...!

आप सदा कहते थे न
मैं आपका अच्छा बेटा  हूँ
मैं अच्छी भी बन गयी हूँ
अब तो लौट आओ ना बापू !

बापू आपके बिना तो मैं
सागर हो कर भी मरुथल हूँ.
सर्व शक्तिमान होकर भी
निर्बल हूँ,
(सबके बीच स्वयं को भुला कर भी
आपको नहीं भुला पाती बापू !)

बापू तो सदा बापू ही रहते हैं ना
फिर आप ' बापू थे' कैसे हो गए ?
मैं तो आज भी आपकी ही बेटी हूँ.
अब तो लौट आओ ना बापू !

-हिमानी💐

प.पू.संतश्री निरंजन बापुनी स्मृति मां शिक्षणना लाभार्थे श्रीमद भागवत सप्ताह आमंत्रणपत्रिका

प.पू.संतश्री निरंजन बापुनी स्मृति मां शिक्षणना लाभार्थे श्रीमद भागवत सप्ताह आमंत्रणपत्रिका
कथा शरू ता.26-05-2017
कथा विराम ता.01-06-2017
वकताश्री :- श्री भीमसेन जोशी (मोटा भाडिया)
स्थळ :- श्री निरंजन बापु एवम् विसरी मांनुं मंदिर, प्रतापुरनी बाजुमां, मुंदरा कच्छ

25 मई 2017

लश्करी भरती मेळो - भावनगर

भरती मेळो :- ता.03-08-2017 थी ता. 13-08-2017
भरतीनो स्थळ :- महाराजा कृष्णकुमारसिंहजी भावनगर यूनिवसीटी ग्राउंड, भावनगर
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ऑनलाइन रजीस्ट्रेशन 
www.joinindianarmy.nic.in


ऑनलाइन रजीस्ट्रेशन शरू ता.04-06-2017
ऑनलाइन रजीस्ट्रेशन छेल्ली ता.18-07-2017

(1) जामनगर, (2) राजकोट , (3) मोरबी ,
(4) सुरेन्द्रनगर , (5) अमरेली, (6) भावनगर ,

(7) देवभूमि द्रारका, (8) जुनागढ, (9) कच्छ, (10) गीर सोमनाथ, 
(11) पोरबंदर, (12) बोटाद, (13) दिव

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➡ जग्यानुं नाम :-
(1) सोल्जर जनरल डयूटी(GD)
_________________________

     लायकात     :- धो.10 पास
     ऊंचाई         :- 168 से.मी

     वजन          :- 50 किलो

     उमर           :- 17.5 थी  21 वर्ष
     छाती          :- 77 थी 82 से.मी.

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(2) सोल्जर टेकनीकल
_________________________

     लायकात     :- धो.12 पास / 10+2 पास (अंगेजी,फिझीकस,केमेस्ट्री, गणित साथे 50 %)
     ऊंचाई         :- 167 से.मी

     वजन          :- 50 किलो

     उमर           :- 17.5 थी  23 वर्ष
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(3) सोल्जर क्लार्क
     लायकात     :- धो.12 पास 
     ऊंचाई         :- 167 से.मी

     वजन          :- 50 किलो

     उमर           :- 17.5 थी  23 वर्ष

(4) सोल्जर टेक्नीकल नसींग आसीस्टन्ट
लायकात     :- धो.12 पास / 10+2 पास (अंगेजी,फिझीकस,केमेस्ट्री, गणित साथे 50 %)
     ऊंचाई         :- 167 से.मी

     वजन          :- 50 किलो

     उमर           :- 17.5 थी  23 वर्ष

(5) सोल्जर ट्रेडमेन
लायकात     :- धो.10 पास 
     ऊंचाई         :- 168 से.मी

     वजन          :- 48 किलो

     
(5) सोल्जर ट्रेडमेन

लायकात     :- धो.8 पास 
     ऊंचाई         :- 168 से.मी

     वजन          :- 48 किलो


भरती प्रकिया
www.joinindianarmy.nic.in पर ओनलाईन नोंधणी करावी वेलिड ऐडमिट कार्ड डाउनलोड करी साथे ज भरती मेळामां भाग लई शकाशे
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(1)  अभ्यास ना असल प्रमाणपत्रो तथा मार्कशीट साथे 2 नक़ल प्रमाणित 
(2) 16 पासपोर्ट साईंझ ना फोटा

(3) स्कुलसर्टी / बोनाफाईड सर्टीफीकेट

(4) चारित्र्यनुं प्रमाणपत्र
(5) रहेठाण अंगेना पुरावा सरपंच नो दाखलो
(6) पोलीस खाता नो चारित्र्यनो दाखलो
(7) डोमेसियल / निवासी प्रमाणपत्र
(8) जातिनो प्रमाणपत्र
(6) आधारकार्ड
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वधारे माहिती माटे :-
लश्करी भरती कार्यालय

सोलेरियम रोड, जामनगर

02882550346
आ पोस्ट फॉर्वड करजो कोईनुं कॅरियर  बनी जाशे
माहिती पसंद आवे तो आ मेसेज आगळ मोकलवा विनंती


चारणी साहित्य ब्लॉग ना माध्यम थी अने आप बधाना सहकार थी नानकडो प्रयास करेल छे
 तमारा कोई Whatsapp ग्रुपमां *चारणी साहित्य, अवनवा समाचार, रचनाओ, उपयोगी माहिती तथा सरकारी नोकरी जेवा अपडेट मेळववा होय तो 9913051642 नंबर ने ग्रुप मां ऐड करो.
आ मेसेज चारण समाजना दरेक भाईओ साथे अचूक शेर करशो जेथी वधुमां वधु ग्रुपना चारण समाजना भाईओ आ माहितीनो फायदो लई शके.
    सहकार बदल आपनो आभार
                                          वंदे सोनल मातरम

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