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9 जून 2017

ललकार करी करणेश लडै - कर्ता चारण कवि अनुभा डी जामंग

महाभारत नो अडाभीड योध्धो कर्ण
■◆◆◆ललकार करी करणेश लडै ◆◆◆■
◆●|| छंद दुर्मिला ||●◆
मिळ वीर सबै समराथ महा रण ,भारत के बिच जूझ रहे ,
कर रीत अनीतहि कारण को,लड़वा कजहू हथियार लहे ,
जद जोध महा जबरांण जुड़े ,भल भांण तणो सुत आन भिड़ै,
सब देखत जामंग देव सही ,ललकार करी करणेश लड़ै ,
ललकार करी करणेश लडै !!1!!

उत देखत सोय डरे अनमी, सहदेव हि भीम जिसाह सबै,
हुय हार युं जांण विचार हियै ,अरजूण उतेजित होय अबै,
किरपाळ दयाळ हि कान कही , पग धूजत पारथ चाक पड़ै ,
सब देखत जामंग देव सही ,ललकार करी करणेश लड़े ,
ललकार करी करणेश लडै !!2!!

महिपाळ वडो सर सांधण में ,बिरदाळ असो अरजूण बड़ो,
 कम वीर न पूत दिवाकर को, खत्रवाट रखावण पास खड़ो ,
अरियां धर नाक नमावण ओ ,अजरायल आंमहि सांम अड़े ,
सब देखत जामंग देव सही ,ललकार करी करणेश लडे,
ललकार करी करणेश लडै !! 3 !!

कुंतवा जननी धिनवाद कहूं ,जिण जाहर वीर जण्याह जिसा ,
सुत भांण तणो महिपाळ सिरै, अवियाट नहीं नर और इसा ,
नर नेक'र टेक निभावण ने, उत आपस में सब वीर अड़ै ,
सब देखत जामंग देव सही ,ललकार करी करणेश लड़े ,
ललकार करी करणेश लडै !!4!!

चमकी नभ में चपला चमकी ,कड़ड़ाट इसो किरमाळ कियो,
घनघोर घटा गहराय घणी ,थणणाट थरू चहुं और थियो ,
रखवाळण भूप लड़े रण में ,नर राहु 'र केतु जिसाह नड़े ,
 सब देखत जामंग देव सही ,ललकार करी करणेश लड़े ,
ललकार करी करणेश लडै !!5!!

खणणाट करे शमशेर खवै, तणणाट करे तब ढाल तहां ,
शणणाट हुतां तब तीर चले जुध, झाकम झीकम जोर जहां ,
गुर द्रोण जिसा बळवान गुणी ,अरजूण तणें सब सांम अड़े ,
 सब देखत जामंग देव सही, ललकार करी करणेश लड़े ,
ललकार करी करणेश लडै !!6!!

रण रीठम रीठ उड़ाय रही द्रग ,देखत कायर खूब डरे ,
बचणो दुसवार अपार बहो कित ,जाय छिपां इम सौच करे ,
कित काम उते नर कायर को ,चित शूर सबै सँगराम चड़े ,
सब देखत जामंग देव सही ,ललकार करी करणेश लड़े ,
ललकार करी करणेश लडै !!7!!

सपतास सजे रथ भांण चड़े ,जुध जोवण खातिर आप जिका ,
हरखाय रह्यो रवि रांण हिये ,तन घाव सहे वड वीर तिका ,
मन सौच हुओ अरजूण महा ,प्रिसणां दळ रोळत राड़ पड़ै ,
सब देखत जामंग देव सही ,ललकार करी करणेश लड़े ,
ललकार करी करणेश लडै !!8!!

मचियो जुध जोर अपार महा रण ,वीर लड़े जग देख रहै ,
तक तीर चलावत वीर तहां ,कर सौच तबे जदुराय कहै ,
जुग वीर नहीं करणेश जिसो ,पुरसारथ में कुंण पार पड़े ,
सब देखत जामंग देव सही ,ललकार करी करणेश लड़े,
ललकार करी करणेश लडै !!9!!

तब तीर चल्यो अरजूण तणो, तन जाय लग्यो करणेश तणें,
हद वीर शहीद करण हुओ, भलकार सबै विध देव भणें ,
अब और नको वड वीर असो ,भुज भारथ जीतण वीर भिड़े ,
सब देखत जामंग देव सही, ललकार करी करणेश लड़े ,
ललकार करी करणेश लडै !!10!!

बरसाय रहे सब देव बड़े ,जब जोर फुलां तण खूब झड़ी ,
हरखाय रही सब हूर हियै, खुब जोड़त हाथ सुजांण खड़ी ,
सुत भांण तणो सरगांय गयो, परथी पर यूं तब खोट पड़े ,
सब देखत जामंग देव सही ,ललकार करी करणेश लड़े ,
ललकार करी करणेश लडै !!11!!

हुय भीर जिकां घनश्याम हरि ,नह हार हुवै तिण वार नरां ,
तिण ध्यान धरे जगदीश तणो, किरतार तणा गुणगान करां ,
अनुभा गुण गावत नाथ अबै ,परमेहर तोरहि पांव पड़े ,
सब देखत जामंग देव सही, ललकार करी करणेश लड़े,
ललकार करी करणेश लडै !!12!!

कर्ता चारण कवि अनुभा डी जामंग{बावळी}
सुरेंन्द्र नगर
मो 98257 10949

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