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5 सितंबर 2019

||सूर्यवंदना वीर छप्पय || ||कवि मितेशदान(सिंहढाय्च) ||

*(21-08-2019)*

*अमरत्व अम नाथ,अमर पद आपो अमने,*
*जोता हर नित जाप,तपावो मन कुट तम ने*
*धर पर धर्म धिराण,करे तु कर्म ज कारण*
*व्याज वटा वहेवार,भरत हरीवर अम भारण*
*जय नाथ तिहारी ज्योतने,जे करे संपूर्ण हर काज*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,रीदये मित करती राज*

*(22-08-2019)*

*सौगम रूपी संत,धरा कर पावन धामी,*
*सौगम रूपी संत,नंदकाशयप नर नामी,*
*सौगम रूपी संत,पीतांबर  वेह  पूजाणो,*
*सौगम रूपी संत,रियो नभ एक ज राणो,*
*संतन हितकारी सर्वपरी, जे   साचा  देव   सुधीर*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,वा आभ झळकता वीर*

*(21-08-2019)*

*अमरत्व अम नाथ,अमर पद आपो अमने,*
*जोता हर नित जाप,तपावो मन कुट तम ने*
*धर पर धर्म धिराण,करे तु कर्म ज कारण*
*व्याज वटा वहेवार,भरत हरीवर अम भारण*
*उजियारा अम सौ आपना,तुज सम नही तपिये ताप*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,जोड़ी कर मित जपिये जाप*

*(23-08-2019)*

*नंदन घर आनंद,जुवे   मधराते    जागी,*
*चंदन ह्रदय सु चंद,अता जमुना अनुरागी,*
*पितांबरा पटराज,कान जनमेय कलाधर,*
*अति गाढ़ अजवाश,धरोहर नाख्यो इण धर,*
*परकाश अतिय पाड्यो प्रगट,धर आवेय धरणीधर*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,कैक रचसे मित कलाधर*

*(24-08-2019)*

*सृस्टि ना सरताज,जगतसुर कानड जन्म्या,*
*सृस्टि ना सरताज,नाथ त्रय लोकण नम्या*
*दियण तेज मुख द्वंद,सुरज पट झंखिय श्यामें*
*श्याम रंग पण श्याम,सुरज निरखी मन सामे*
*मधरात पड़े निरख्यो महान,इ किरतारी गुण कान*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,माधव मित सुरज मान,*

*(25-08-2019)*

*नव गठबंधन नाथ,दबी जडीयाय दशानन,*
*नव गठबंधन नाथ,वसु तुज वेह विशालन,*
*नव गठबंधन नाथ,चंद्र पण तेज चढायो,*
*नव गठबंधन नाथ,लंक राजन लड़ लायो,*
*दानव दैत्यो पर एक दिने,जद बांध्या नव ग्रह जोड़*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,तुज मित सुर नाव्यो तोड*

*(26-08-2019)*

*प्रजवळीयो परकाश,धरा पर एक धुरंधर,*
*प्रजवळीयो परकाश,चढयो चितकार चमरपर*
*प्रजवळीयो परकाश,तेज अंजाय न तोरु*
*प्रजवळीयो परकाश,काल पळ रहे न कोरु*
*आवत आभे जद आभनाथ,प्रजवाळी जग परकाश*
*पट निहर प्रौढ़ अवनी परे,एक आरद सुरमित आश*

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