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"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

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Notice Board


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30 नवंबर 2018

चारण - गढवी समाजना पोलीस भरती ना उमेदवारो जोग संदेश

*चारण - गढवी समाजना पोलीस भरती ना उमेदवारो जोग संदेश*

लोक रक्षक नी ता.02-12-2018 ना योजानार परीक्षा माटे *चारण - गढवी समाजना उमेदवारो माटे नीचे मुजब ना जील्लाओ खाते परीक्षा केन्द्र आवेल होय ऐमना माटे  व्यवस्था करवामां आवेल छे*

*जील्लानुं नाम सरनामुं*

*(1) जामनगर*
गढवी समाज वाडी
आपा गुलाबनगर पासे, जामनगर

(1) अश्विनभाई गढवी - 9825211404
(2) शैलेषभाई गढवी - 94284 00713

*(2) अमदावाद*
स्व:श्री प्रतापसिंहजी गमानजी गढवी चारण छात्रालय,
भाईकाका नगर,थलतेज-अमदावाद

बळवंतभाई बाटी -
99099 55555
महेशभाई वरसडा -
75679 88997
दिलीपभाई शिलगा -
98250 05224

*(3) पालनपुर*

आई श्री सोनल युवक मंडल,बनासकांठा

क्रिष्ना मोहन छात्रावास
आर.टी.ओ.औफिस पासे .
पालनपुर
9426704475
9979744788

*(4)भावनगर*

श्री कृष्णकुमारसिंह जी चारण विधालय (बोर्डिंग) भावनगर

संपर्क

(1) 02782432267
(2)  वी.एेस. गढवी ग्रुहपति :97144 55784
(3) अजीतभाई गढवी

*(5) राजकोट*

2 - सुखराम नगर , पाणीनां टाका सामे, कोठारीया चोकडी पासे, राजकोट

संपर्क
जयुभाई पालिया :- 98985 01236
भगवतभाई सोया :- 94294 00004
अमितभाई पालिया :- 99782 71281

रहेवानी व्यवस्था समाज वाडीए राखेल छे. अने जमवानी व्यवस्था भगवतभाई सोया ना रेस्टोरेन्टथी करी आपवामां आवशे.

*(6)महेसाणा*

गौरवभाई गढवी
9924519280

*(7) कच्छ*

विश्रांति भवन , भानुशाली नगर भुज कच्छ

संपर्क :-
02832231340

*(8) जुनागढ*

श्री कानजीभाई नागैया चारण कुमार छात्रालय.
मेघाणी नगर , ITI नी बाजुमां , जुनागढ
संपर्क :
सामतभाई गढवी :- 99980 19752

*(9) मोरबी*
मेहुलभाई गढवी 9106445145
हितेशभाई 9427643383

*(10) जसदण*

श्री आई ऐकेडमी,
बस स्टॉप पाछळ, सरदार चोक, राज बेंक वाळी शेरी, जसदण
संदीपभाई गढवी
मो. 9913078854

*(11) गांधीनगर*

(1)
भावेशभाई गढवी
ॐ होस्टल,
सेक्टर 7-ऐ, गांधीनगर
मो.9998961796

(2)
*खोडियार मंदिर परिवार ट्रस्ट गांधीनगर तथा माँ मोगलसेना गांधीनगर*

*●रामदान झूला-* 9825850992.
*●सागरदान झीबा-* 7069780363.
*●समरथदान खड़िया-* 9427900294.
*●दुर्गेश टापरिया-* 9725017890.
*●इंद्रजीत वरसड़ा-* 9974353453.
*●करशनदान मिसण-* 9909840989.

*_सरनामुं:- खोडियार मंदिर सेक्टर-5 गांधीनगर_*

(3) Angel Hostel

विरमभाई गढवी

भाईओ माटे
सेकटर 8 बी, गांधीनगर

बहेनो माटे
सेकटर 7 डी, गांधीनगर

संपर्क :-  98247 15578

*(12)  जाम खंभाळीया*

श्री चारण कुमार छात्रालय,
जाम खंभाळीया
मो. 7818845678
     99252 23306
      9722076076

*(13) अमरेली*

गढवी समाज द्वारा अमरेली खाते रहेवा , जमवानी तमाम  व्यवस्था करवामां आवेल छे.
तो तारीख :- 30. 11.2018 सांजे सुधीमां निचे आपले नंबर पर जाण करवी..

संजयभाई खळेळ :- 9099948902
अजीतभाई लांगावदरा :- 9825896012
निकेशभाई बाटी :- 9376868555
निलेशदान लीला :- 9998008001
मनहरदान चोराडा :- 9978551946

*(14) राधनपुर जी. पाटण*

श्री करणी एज्युकेशन ट्रस्ट, चारणका संचालित श्री विनय विधालय केम्पस,
श्री करणी कुमार छात्रालय, राधनपुर जी. पाटण

संपर्क :-
ऐल. बी.गढवी
9825336408
97270 94088

*(15) नडीयाद जी. खेडा*

चिरागभाई गढवी
8866304855

*(16)  ईडर*

रोहित खेमराजदान गढवी
9429746463

*(17) थराद जी. बनासकांठा*

પ્રેરણા મહિલા ઉત્કર્ષ કેન્દ્ર
સી, એમ કોમ્પલેક્ષ પાસે, થાણા શેરી થરાદ

દશરથદાનભાઈ ગઢવી
9016555836
9978403763

વિષ્ણુદાનભાઈ ગઢવી
9913497173
8100307307

*ऊपर ना जिल्लामां जे मित्रो नी परीक्षा होय तेओ ऊपर ना संपर्क नंबर पर नाम नोंधावा विनंती जेथी व्यवस्था करवामां सरळता रहे*

*ऊपर ना जील्ला सिवाय बीजा जिल्लाओमा आवी व्यवस्था करवामां आवेल होय तो आ नंबर  9913051642 (वेजांध), 9687573577 (मनुदान), पर जाण करवा नम्र विनंती जेथी करी उमेदवारो सुधी माहिती पहोचाडी शकाय*

*જે જિલ્લા / તાલુકા માં વ્યવસ્થા કરી શકાય તેમ હોય તો મહેરબાની કરી આપણા સમાજ ના ઉમેદવારો માટે આપનો કિંમતી સમય આપી આયોજન કરવા વિનંતી*

સહકાર ની અપેક્ષા👏🏻👏🏻👏🏻

       *वंदे सोनल मातरम्*

नामलबाई राणाभा गामणा नी प्रथम पुण्यतिथि निमिते ई-बुको

नामलबाई राणाभा गामणा नी प्रथम पुण्यतिथि निमिते ई-बुको 



चारण महात्मा नरहरदान जी रोहड़िया रचित अवतार चरित्र :- Click Here

चारण अंक राजस्थान थी प्रसिद्ध थता अंकों :- Click Here 

मध्यकालीन चारण काव्य भाग 1 सम्पादक जगमोहन परिहार :- Click Here

प्रेषक : आई श्री पुरामा स्मृति सँस्थान
प्रेसिडेंट : प्रवीणभा एच मधुडा
तारीख 19 -11-2018 ने आई सी नामलबाई राणाभा गामणा नी प्रथम पुण्यतिथि ये सप्रेम
किसोरभा राणाभा गामणा
जलाराम ट्रांसपोर्ट राजकोट

24 नवंबर 2018

જય મોરદાદા એજ્યુકેશન ચેરિટેબલ ટ્રસ્ટ વવાર સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાના નવા બનેલા સંકુલની મુલાકાત

જય મોરદાદા એજ્યુકેશન ચેરિટેબલ ટ્રસ્ટ વવાર સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાના નવા બનેલા સંકુલની મુલાકાત

જય મોરદાદા એજ્યુકેશન ચેરિટેબલ ટ્રસ્ટ વવાર સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાના નવા બનેલા સંકુલની આઈ શ્રીદેવલ માં (વેરાવળ) તથા મૂળ વવારના હાલે કાળીપાટ થી શ્રીપાલુબાપુએ નવા બનેલા સંકુલની મુલાકાત લીધી હતી.

આઈશ્રી દેવલ માં આશીર્વચન પાઠવતા કીધું હતું કે સાચી મહેનત સફળ થાય છે હોદો પચાવવો જોઈએ હોદો એ દેવી નો પ્રસાદ છે આ સંકુલ માં સારા અને વધુ અધિકારીઓ ઉચ્ચ હોદાઓ પ્રાપ્ત કરે એવા આઈમા એ આશીર્વચન પાઠવ્યા હતા તથા શ્રીપાલુબાપુએ  પણ આશીર્વચન પાઠવ્યા હતા.

આ કાર્યક્રમમાં મૉમાયાભા  ગઢવી(આદિપુર),કવિશ્રી આલ(શેખડીયા), જીતુભાઇ (સવની), વિપુલભાઇ(ગાંધીધામ) તથા સમગ્ર ગ્રામજનો,વિધાર્થીઓ તથા સમગ્ર યુવાટીમ હાજર રહી હતી.

હાલ વવાર ખાતે 35 જેટલા વિધાર્થીઓ સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાની તૈયારી કરે છે. આ ઉમદા કાર્ય ગામના યુવા ટીમ દ્રારા કરવામાં આવે છે અને સખત મહેનત કરે છે આ યુવા ટીમ  (1) માણેકભાઈ (પત્રકાર), (2) મેગરાજભાઈ (પોલીસ), (3) નાગશીભાઇ(શિક્ષક), (4) ગોપાલભાઇ(પોલીસ),(5) નારાણભાઈ, (6) રતનભાઇ, (7) ગોવિંદભાઇ(એડવોકેટ) તેમજ સમગ્ર યુવા ટીમ દ્રારા આ ઉમદા કાર્ય કરવામાં આવે છે.
       વંદે સોનલ માતરમ્






जय मोरदादा एज्युकेशन चेरीटेबल ट्रस्ट ववार कच्छ द्रारा बनाववामां आवेल  शैक्षणिक संकुल 

23 नवंबर 2018

चारण-गढवी समाजना स्पर्धात्मक परीक्षानी तैयारी करता विधार्थीओ जोग संदेश

चारण-गढवी समाजना स्पर्धात्मक परीक्षानी तैयारी करता विधार्थीओ जोग संदेश

जय माताजी
चारण-गढवी समाजना स्पर्धात्मक परीक्षानी तैयारी करता विधार्थीओ माटे आईश्री देवल मांना सांनिध्यमां तेमज श्री विजयभाई के.गढवी (प्रमुखश्री अखील कच्छ चारण सभा)ना मार्गदर्शन हेठळ ट्यूशन कलासनुं आयोजन करवानुं छे.

ता.26-11-2018
समय :- सवारे 9-30 कलाके
स्थळ :- श्री लक्ष्मण राग चारण बोर्डिंग, लायजा रोड मांडवी कच्छ

पोलीस कोन्सटेबल परीक्षा तेमज अन्य स्पर्धात्मक परीक्षानी तैयारी करता विधार्थीओ अवश्य बहोळी संख्यामां हाजर रहेवु

खास नोंध :- कलास माटे मौखिक कसोटी लेवामां आवशे जेमां पास थाशे एमने ज कलासमां ऐडमिशन आपवामां आवशे

ली. विजयभाई के. गढवी (प्रमुखश्री अखील कच्छ चारण सभा)

        वंदे सोनल मातरम्

19 नवंबर 2018

अहेवाल

अहेवाल 

ता.18-11-2018 ना रोज आईश्री देवल मां ना निवासस्थान भाडा ता.मांडवी कच्छ खाते भारतनी महान विभुती श्री गौधाम महातीर्थ पथमेड़ा (ता.सांचोर जी.झालोर , राजस्थान) ना स्थापक परम श्रेध्धेय गौऋषी श्री दत्त शरणानंदजी महाराज पधारेल. भव्य सामैयु करवामां आवेल. त्यारबाद धर्मसभा राखवामां आवेल जेमां (1) डायाभाई  भांचळीया (मोटी खाखर), (2) कविश्री आल (शेखडीया-कच्छ), (3) अनुभा जामंग (बावडी), (4) रविराजभाई भांचळीया (बोटाद), आ तमाम द्रारा चारणी साहित्य, लोक साहित्य,चरजो, वगेरे रजु करेल. त्यारबाद महाप्रसाद राखवामां आवेल.

आईश्री देवल मां उदबोधन मा उपस्थित सर्वे समाजना लोकोने हाले कच्छमां अछत नी परिस्थिति तेमज  नारायणसरोवर खाते श्री दत्त शरणानंदजी महाराज द्रारा नंदी अभ्यारण्य बनाववामा आवशे. कच्छनी जनता आ भगीरथ कार्यमां सहकार आपजो ऐवी अपील करवामां आवेल.

प्रवचन वीडियो :- Click Here

प्रवचन ऑडियो  :- Click Here

आ अवसरे श्री विजयभाई के. गढवी (प्रमुखश्री अखील कच्छ चारण सभा) तेमज इतर समाजना आगेवानो सहित बहोळी संख्यामा गौ भक्तो उपस्थित रहेला. कार्यक्रमने सफळ बनाववा स्वयं सेवको जहेमत उठावेल.


श्री गोधाम महातीर्थ, पथमेड़ा परिचय
श्री गोपाल गोवर्धन गौशाला गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा की स्थापना एवं गोसेवा कार्यकारिणी का गठन करके उसमें संपूर्ण हिंदुऒं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चत किया हैं। इसके बाद गोधाम महातीर्थ के दिशा-निर्देश में पश्चिमी राजस्थान एवं गुजरात के विभिन्न क्षेत्रो में गोसेवा आश्रमों व गो सरंक्षण केन्द्रों तथा गो सेवा शिविरों की स्थापना करना प्रारम्भ किया गया। इस अभियान द्वारा गोपालक किसानों एवं धर्मात्मा सज्जनों के माध्यम से गोग्रास संग्रहण करके गोसेवा आश्रमों में आश्रित गोवंश के पालन हेतु पहुँचाना प्रारम्भ किया गया। उपरोक्त अभियान के प्रथम चरण में क्रुर कसाइयों के चंगुल से तथा भयंकर अकाळ की पीड़ा से पीड़ीत लाखों गोवंश के प्राणों को सरंक्षण मिला हैं।


श्री गोधाम महातीर्थ, पथमेड़ा द्वारा श्री गोपाल गोवर्धन गोशाला- पथमेड़ा, श्री मनोरमा गोलोकतीर्थ-नन्दगांव, श्रीमहावीर हनुमान गोशालाश्रम-गोलासन, श्रीखेतेश्वर गोशालाश्रम-खिरोड़ी, श्रीठाकुर गोशालाश्रम-पालड़ी तथा श्रीराजाराम गोशालाश्रम-टेटोड़ा सहित राजस्थान तथा गुजरात के कई गाँवों में स्थापित गोसेवा आश्रमों में प्रतिवर्ष दस से बारह हजार वेदलक्षणा गोवंश का पालन पोषण करके तैयार किया जाता है। इनकी सेवा में पौष्टिक आहार, हरा चारा, औषधि, स्नान, आदि से प्रेम द्वारा पूर्ण देखभाल की जाती है.

वेबसाईट :- http://www.pathmedagodham.org
         
वंदे गौमाता

वंदे सोनल मातरम








वीडियो 




17 नवंबर 2018

"आइ श्री विसरी माताजी

💐 *धर्मना भाइ माटे बलिदान आपनार "आइ श्री विसरी माताजी"* 💐

कच्छनी केशरी भुमी माटे कविने लखवुं पडे छे...
पथराळ,खळकाळ,विकराळ छतांय स्नेहनी सरिता वहावती
बावळ तणी शुरो महीं पण प्रेम पुष्पो प्रगटावती
कोरी भले कच्छ धरा पण रसाळ छे सदभावमां
हम कच्छ धरानी विरवातो अमर छे इतिहासमां

कच्छधरानी अनेक विर वातो,विर कथाओ,विरगाथाओ पाळीये पाळीये धरबायेली पडी छे. अनेक अपुज खांभीओ हजारो वर्षोथी इतिहासकथाओ साचवीने बेठी छे. कच्छना खंडेरो,मस्जीदो,मंदीरो,महेलो,समाधीओ,पथ्थरो,डुंगरो,वृक्षो,जंगलो,भेखडो अने वेरान रण पण विरगाथाओ इतिहास कथाओ साचवी बेठा छे. त्याग बलीदान विरता नेक टेक साहस खमीर अने समर्पणनी अनेक वातो कच्छना वृद्ध वडीलो साचवी बेठा छे श. एमनीपासे इतिहासनो गुप्त खजानो छे..

तो आवि ज एक सचववा जेवी भाई-बहेनना स्नेहनी अमरगाथा,धर्मना भाइ माटे बलिदान आपनार चारण माताजी आइ श्री विसरी माताजीनी इतिहास कथा पर द्रष्टिपात करीए...

कच्छना कंठी विस्तारमां तुंणाथी सिंधोडी सुधी गढवीओना गाम एमां ववार,रागा,शेखडीया,मुंदरा(डुमरा),बुचडा,कपाया,बोराणा,ध्रब, झरपरा,शिराचा,नानी भुजपुर, अने भाडीया बधा नजीकना चारण गामो आ गामोमां मुंदरा शहेरनी दुर नाना कपाया गाम छे. कूकडसरथी आवी बुचड शाखाना गढवीओए गामनी स्थापना करी हती. आ गाममां चारण जोगमायाओ रहे, तेमनुं नाम हतु विसरी माताजी एमना माता-पिता अने गोत्र अने समय वगेरेनी वातो विसराइ ग‌इ छे. परंतु तेमनी अमरगाथा अनेक लोकोना ह्रदयपर बिराजमान छे..

विसरी माताजी पासे पोतानो बहोळो पशुधन हतो. माताजी तेमनी गायो-भेंसोनुं ध्यान राखता,चारवानी व्यवस्था करता. अने बाकीनो समय जगदंबानी उपासना मां वितावता. आ समये चारण माताजीओ संसारमां रहेवा छतांय संसारथी अलिप्त जीवन जीवता. आइ नागबाइ, आइ कामेय, आइ जानबाइना द्रष्टांतो इतिहासना पाने मोजुद छे..

आवा जोगमाया समा चारण माताजी आइ विसल (विसरी माताजी) माताजीए भुजपुर गामना जेसर जाडेजा वंशना राजपूत वीर साहेबजीने पोतानो धर्मनो भाइ मान्यो हतो. साहेबजीने माताजी पर अपार श्रद्धा हती. तेओ माताजीनो पड्यो बोल जीलता माताजी पण साहेबजी थोडा दिवस कपाया न आवे तो तेओ तेमने मळवा भुजपुर जता.बन्ने भाइ-बहेननो अतूट नातो हतो..

एक वखत साहबजीने ताव आवे छे एवा समाचार माताजी ने मळ्या. वळी थोडा दिवस साहेबजी कपाया नहोता आव्या अने साहेबजीनो आग्रह हतो के माताजी भुजपुर पधारे. तेथी माताजीए आजे नक्की कर्युं के साहेबजीने मळवा भुजपुर आंटो द‌इ आवुं..

सवारना पहोरमां पोतानी गायो-भेंसोनुं काम पतावी,भेरीयो धारण करी मताजी भुजपुरना पंथे रवाना थया. वच्चे आवता बोराणा गाम पासेथी पसार थ‌इ हालना प्रतापुर गामनी उगमणी सीममां पहोच्यां त्यारे भुजपुरना जाडेजाओ तेमने सामे मळ्या..

आ जाडेजा भाइओने साहेबजी साथे वेर हतो. साहेबजी खुब सारा माणस हता तेमनी किर्ती चारेबाजु फेलायेली हती ते आ लोकोने खटकती हती. तेथी आ लोको माताजीने जोया ने जाणी लीधुं के माताजी तेमना धर्मना भाइ साहेबजीने मळवा जाय छे. माताजी ने आवता जोइ आ लोको सामे चालीने माताजी ने पगे लाग्या. माताजीने पूछ्युं के आइमां क्यां जाव छो? माताजीए जवाब आप्यो के हुं मारा भाइ साहेबजीने मळवा जाउं छुं. तेमने ताव आवतो हतो हवे केम छे ?..

आ लोकोनुं पहेलेथी नक्की कर्या मुजब माताजी आगळ खोटुं बोलता कह्युं माताजी खुब खोटुं थयुं छे. आपना भाइ आजे ज देव थया छे. साहेबजी देव थया एवुं आघातजनक समाचार सांभळी माताजी ने खुब दुख लाग्युं. पोताना वहाला भाइने मळवा जता हतां अने तेमना मृत्यु ना समाचारथी विसल‌ माताजी हैयाफाट रुदन करवा लाग्या. चारण आइना मरसिया पछी पुछवुं ज सुं? पथ्थरने पण पिगळावी दे,ह्रदयने पण थंभावी दे, मनने मुंजावी दे एवा रुदन, खोटुं बोलनाराओ माताजी नुं रुदन सांभळी पस्तावा लाग्या. परंतु हवे माताजी पासे जवा तेमनी हिंमत न हती तेथी बधा भागी गया..

माताजी नुं हैयुं साख पूरतुं हतुं के, साहेबजी हजु हयात छे अने माताजी ने साहेबजीना मृत्युना समाचार आपनार भागी गया तेथी माताजीने शंका पडी छतां तेओ रडतां रडतां त्यां ज बेसी गया. आ वातनी तात्कालिक साहेबजीने खबर पडी तेथी साहेबजी घोडापर चडी तरत ज माताजी पासे आव्यां. पगे लागी अने मश्करी करी खोटुं बोलनारने क्षमां आपवा विनंती करवा लाग्या. आइमां पोताना धर्मना भाइने जीवतो जोइ हर्षित थया अने आशिर्वाद आपवा लाग्या. परंतु साहेबजीने कह्युं के हवे आपणो भाइ-बहेननो संबंध पूरो थ‌इ गयो. हवे माराथी आ जगतमां रहेवाय नहिं. चारण माताजी आगळ खोटुं बोलनारा तमारा विरोधीओने हुं काइ पण शाप आपती नथी परंतु कुदरत एमने एमनो फळ जरुर आपसे ज. आपने अंत:करणथी आशिर्वाद आपुं छुं आप जाव..

एम कहेवाय छे के पछी माताजीए धरती माताने विनंती करी अने तेओ धरतीमां समाइ गया सती थया. आजे पण प्रतापपुर गामनी उगमणी सीममां आइ श्री विसरी माताजीनी खांभी उभी छे. त्यां एक मोटो तळाव बनाववामां आव्यो छे. ते विसरीवाळा तरीके ओळखाय छे. झरपराना चारणोए हमणा त्यां एक नानकडुं मंदीर बनाव्युं छे. भुजपुरना साहेबजीना वंशजो नवावर्षना (पडवाना) दिवसे आ खांभीने जुवारवा आवे छे. माताजी प्रत्ये एमने अपार श्रद्धा धरावे छे. गायो-भेंसोने चारनार तथा गोवाळ लोको माताजीने त्यां नाळियेर वधेरे छे अने विसरी माताजी ने पूर्ण श्रद्धा थी याद करे छे..

आइ श्री विसरी माताजी मंदीरनो हाले विकास थयो छे. त्यां आश्रम अने माध्यमिक शाळा चाले छे. आइ श्री विसरी माताजीना मंदीरमां एक शीलालेख छे...

*एक मान्यता अनुसार आइ श्री विसरी माताजी नाना कपायाना व्रमल शाखानां पुत्री हता अने बोराणा गाममां बारोट शाखामां परण्या हता.*

👏 *वंदन हजो भाइना स्नेह माटे बलिदान आपनार आइ श्री विसरी माताजीने* 👏

🙏🏻 *खास नोंध आ पोस्टमा टाइपिंग भुल जणाय तो नीचे आपेला फोननंबर पर जाण कर्या सिवाय पोस्टमां छेडछाड करवी नहीं शेर करजो पण वातनी जाणकारी न होय के अधुरी जाणकारी होय नंबर पर संपर्क करवो*  🙏🏻

💐 *चारण शक्ति आइ श्री विसरी माताजी ना जीवन वीसेनी कथा कच्छ झरपराना वतनी श्री आशानंदभाइ नी "चारण आइ परंपरा" नामनी बुकमांथी टाइप करेल छे भुलचुक सुधारीने वांचवी* 💐

🌹 *टाइपिंग= राम बी गढवी* 🌹
*नविनाळ-कच्छ*
*फोन=7383523606*



💐 *वंदे सोनल मातरमं* 💐

16 नवंबर 2018

चारण शकित दर्शन कार्यक्रम सोनलधाम मढडा

*सादर जय माता जी*
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
*भजन भरोसो अम तणो,*
*खोळे रमवा आई,*
*ब्रह्म आखु नमणु करे,*
*वंदे सोनबाई*
_कवि- आरव_

समस्त चारण गढवी समाज बन्धुओ को सुचित करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि जगदम्बा आई *श्री सोनबाई माँ के आशीर्वाद और जोगमाया की प्रेरणा से* दिनांक *26-01-2019, शनिवार* के पावन दिवस पर जहाँ परम् परमेश्वरी आई श्री सोनबाई माँ बिराजमान है उस पावन धरा *मढ़डा* में एक भव्य *चारण शक्ति दर्शन* का सुनहरा आयोजन *THE BHAJANANANDI FOUNDATION* द्वारा किया जा रहा है , जिसमे विशाल व भव्य समागम समारोह की तैयारी अभी से ही पूरी टीम बखूबी के साथ करने जा रही है, इस कार्यक्रम के अनुसंधान में *समूह लग्न* का आयोजन भी किया गया है। साक्षात जगत जननी जगदम्बा आई श्री सोनबाई के सानिध्य में लग्नग्रंथि में जुड़ना भी जीवन का सौभाग्यपूर्ण अवसर है, तो चारण समाज और चारण समाज के तेरह कटोरी (तांसलि) के भाती समाज इस समूह लग्न में हिस्सा ले सकते हैं।                           
👉🏻 *समूह लग्न के लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जायेगा।*

*जतना री जाजम ढाळ मिनख,*
*थारो उपकार भूले कोनी।*
*अधमरियो जीवन अपनाले,*
*ऐहड़ो उपकार दूजो कोनी॥*
इसलिए मेरा स्वजातीय समाज के सभी बन्धुओ से निवेदन है कि आप इस पुनीत कार्य मे स्वेच्छा से आगे पधारकर अपनी समर्पित प्रतिबद्धता सुनिश्चित करे ।                          बन्धुओ यदि आप इन मासुम व संघर्षरत  बेटियों के लिए समर्पित मनोभावो से कुछ करेगे तो मॉ भगवती आपको दिन दुनी रात चौगुनी तरक्की देगी !
_*बन्धुओ यदि आपको सहयोग व प्रोत्साहन मिला तो यह  कार्यक्रम न केवल विधवा बहनो के नीरस व अर्थहीन जीवन मे रोशनी की किरण लाएगा बल्कि समाज के लिए जागृति भरा एक सन्देश भी होगा*_

*इस इतिहासिक कार्यक्रम में अपनी चारणी कला व संस्कृति को भी निरंतर जीवित रखने के लिए निर्णय लिए जायेगे।*

👉🏻 *इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरी दुनिया मे एक ही सन्देश जाना चाहिए की चारण क्या है।*

👉🏻 *आई श्री सोनबाई मा के सक्ति के परिचय से सबको रूबरू करवाना।*

👉🏻 *एक प्रण व्यशन मुक्त समाज के निर्माण का*

👉🏻 *अनन्त काल से चारणों का क्या योगदान रहा वो इस जगत को बताना।*

👉🏻 *चारण माताओ व साहित्य के धनी कवि व कलमकारो का सम्मान।*

👉🏻 *नव चयनित युवाओ का प्रोत्साहन व सामाजिक सम्मान।*

👉🏻 *इस पुनीत महोत्सव पर भजनग्रंथ का विमोचन भी किया जाएगा।*                                               आप सभी बन्धुओ से पुन: करबद्ध निवेदन कि समाज के इस पुनीत व नवाचारी महोत्सव मे अपनी शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करा फाउंडेशन टीम को प्रोत्साहित करे।

*✍पालूभाई भजनानंदी का सब को जय हो संतवाणी*
*जय माताजी*

*◆निमंत्रक-* _द. भजनानंदी फाउंडेशन व मढ़ड़ा ग्रामजन_

15 नवंबर 2018

कच्छना समाजसुधारक चारणकवि हरदास वारवाणी

💐 *कच्छना समाजसुधारक चारणकवि हरदास वारवाणी* 💐

कच्छी भाषामां सुभाषित स्वरुपे जेमणे बेतो आप्या छे. एवा समाज सुधारक, कच्छनो अखो कवि हरदास वारवाणीनो जन्म मांडवी तालुकाना काठडा गामेतुंबेल गोत्रनी गुंगडा शाखामां (सेडा शाखामां) राम वारवाणीना घरे आजथी दोढेक सो वर्ष पहेला थयो हतो. राम गढवी ना त्रण पुत्रो हता. लखमण, भीमशी अने हरदास, हरदास सौथी नानो पुत्र हतो. तेमना लग्न गोपाल दादा मुंधुडानी सुपुत्री भाणबाइ साथे थयेला.एमना एक पुत्र नु नाम मेघराज हतुं.

वंश परंपरा प्रमाणे जोइए तो कच्छना वारु गढवीना नानाभाइ रणमलनो पुत्र वालो थयो.वालानो कानीयो अने कानीयाना पुत्र रामनो हरदास थयो.

काठडाना राम गढवी साधारण स्थितीना हता. खेती करी पोतानी आजीविका चलावता. तेमना घरे त्रीजा पुत्र नो जन्म थतां घरमां आनंद ना गीतो गवावा लाग्या. मोटाभाइ लखमण ने भीमशी साथे हरदास पण मोटा थवा लाग्या. हरदास ने बाळपण थीज दुहा-छंद, भजन गावानो शोख हतो. हवे धीरे-धीरे हरदास नाना काव्योनी पण रचना करता हता. हरदास कविए साधारण अक्षरज्ञान प्राप्त करीने पिताने खेतीवाडीमा मदद करता. युवानीमा पग मांडता पिताए एमना लग्न कर्या, परंतु काठडा तथा आसपासमां क्यांय आजिविका चाले ए माटे कोइ प्रबंध थ‌इ शके एम न हतुं. खेतीवाडीमां वारंवार पडता दुष्काळने कारणे कांइ उपजतुं नहोतुं. तेथी हरदासे एक भाटिया सद्गृहस्थना आग्रहने कारणे मुंबई जवुं पड्युं. मुंबईमां गोदीमां काम करता घणा चारणो त्यां वसता हता.

चारणो लगभग दोढेक सैकाथी मुंबई आविने वस्या हता अने शुरुआत थी ज गोदीमा मुकादमीना काममां जोडायेला हता. एक वखत एवो हतो के कोटनी अंदर जनरल पोस्ट आफिस पासेनो विस्तार चारणोनो ज कहेवातो. त्यां दोढसो उपरांत कच्छी पाघडी बांधनार चारणोना घर हता. गोदीना काममां ते समये 'मारे तेनी तलवार' जेवुं काम हतुं. कायदा कानुनने चारणोने कांइ गतागम न हती. धोको चलाववो ए ज एमनो कानुन. तेना कारणे चारणोथी गमे तेवो शक्तिशाळी खटारा हांकनार के मजूर गभराइ जतो. तेथी बारोट नाम पडे एटले गमे तेवि विकट परिस्थितिमां पण मार्ग थ‌इ जतो. आजे पण त्यां गोदीमां मजूर ने खटारा हांकनारने बारोट न होवा छतां बारोट नामथी संबोधवामां आवे छे....

ए समयमां कोट विस्तारमां अवारनवार चारणो उजाणी गोठवी भेगा थता,वटना कटका अने कच्छी आंटानी पाघडी बांधता अनेक  चारणोथी आखो विस्तार गाजतो हतो. उदार पण एवा के कोइ कच्छथी नवो-सवो आवे तो तेने बे महिना आग्रहथी रोकी राखता. दररोज खावा-पीवानु अने उपरथी वापरवा पैसा पण आपता.

ए ज अरसामां काठडाना कविराज हरदास वारवाणी मुंबई आव्या. कवि पोते माताजी ना परम उपासक अने समाज प्रत्येनी अपार लागणी. तेमने अहिंनी गोठमां मंडाती दारुनी महेफिलो अने परस्परनो कुसंप,लडाइ झगडा जोइने दिल ध्रुजी उठ्युं. समाजमां पेसी गयेल दारु,जुगार,मांगणवृत्ति,डायरा भरीने बेसी रहेवुं. आळस अने उडाउवृत्ति जोइ हरदासे समाजना लोकोने समजाववामां निष्फळ गया. अने हरदासने ज दारु वगेरेनी महेफिलोमां भळी जवा प्रयत्नो थवा लाग्या. त्यारे संत ह्रदयना कविनी वेदना वाणी स्वरुपे वहेवा लागी. अने समाजमां पेसी गयेला सडाने चाबखा मारवा लाग्या. तेमणे शरुआत करी...

"पेलो पाप पनणमें, जुको वडो आय वटार
न गनजे घरजे नीचजो, से आर तेडो उडकार
इ व्या आचार, से में हत डठा हरदासचें"

हरदासे समाजमां पेसी गयेल मांगणवृत्तिनो जोरदार विरोध कर्यो. जेना तेना घरनुं अनाज खाइ आचार भ्रष्ट थतां समाजना लोकोने चाबखा मारवानुं हरदास चुक्या नहीं तेमणे मुंबई मा जेवुं जोयुं तेवुं कह्युं छे  " से में हत डठो हरदास चें "

बीजा एक बेतमां हरदासे हिंदु समाजनी आचार-संहिता बतावे छे. आ 'हिंदु देह' छे. तेमने शुं शुं निती नियमोनु पालन करवुं जोइए..? मुंबई मां वसता चारणो पोतानो आचार धर्म छोडी दीधो छे. दारु पीए छे,जुगार रमे छे,परमाटी खाय छे,पोतानी पवित्रता जाळवता नथी.हरदास कविने बीजी ज्ञातीनो विरोध न हतो. परंतु दारुडीआ,जुगारी, मांसाहारी अने आचारविहीन बनी ज‌इए छीए. आ वात हरदास कविए खुब ज कडवा शब्दोमां कह्युं छे

"ब्यो पापी उ जुको,पैसो पीठे में दीये
ग्लास मियां मारजा,तेमें पंढ पीए
ए उंचा कीं थीएं, जे जो हिन्दु देह हरदास चें"

समाज माटेनी कडवी वाणी सांभळी मुंबई मां आखी नात एकठी थ‌इ. तेमां हरदास कविने बोलाववामां आव्या अने कडवा शब्दोमां कहेवामां आव्युं के 'तुं आखी नातने वागोवे छे. तेनुं परिणाम सारुं नहीं आवे. ते जे चारणनात विशे लख्युं छे ते माटे नात पासे माफी मांग, चारणो तो देविपुत्र छे, ऋषियोनां संतान छे,तेने केम वगोवाय..?

समाजना आगेवानोनी धाकधमकी भरी वात सांभळी हरदासे स्पष्ट शब्दोमां वात करी के " हुं तो जे चारणो दारु पीए छे,मांस खाय छे,जेनी बेन-दिकरीओ,पत्निओ मांगवा जाय छे,जुगार रमे छे,लडाइ-झघडा करे छे, एवा लोको जन्मे तो चारण छे परंतु कर्मो नीच छे. जे देव कोटी चारणने अभडावे छे ते लोकोने सत्य कहुं छुं अने कहेतो रहिश. आवा कायर लोकोनी माफी मांगवा हुं हरगिज तैयार नथी". अने पछी हरदासनी वात सांभळी एकत्र थयेला चारणो हरदास कविने नात बहार करे छे....

समाजना कहेवाता आगेवानो तेने तिरस्कृत करे के बहिस्कृत करे एनाथी नीडर, सत्यवक्ता हरदासनी सच्चाइ पर जराय आंच न आवी. हरदास अडग रह्यो. अने एणे एटला ज जुस्साथी समाजने कह्युं

" सुबुद्धी सोएंमें हकडे के, ब्या कुबुद्धी वश थ्या
समजाया न समजें, जें के अखर ऊंधा प्या
ए वो वट में व्या, हारी धरम हरदास चें "

एनी वात पण साची हती. व्यसनोमां फसायेल समाज पोताना धर्मने हारी चुक्यो हतो. तेथी समाज सुधारकोने अने पोताना आत्माने हरदास कहे छे. काम घणुं छे समय ओछो छे. तेथी हिंमत राखी काम करजे. जेथी इश्वरने प्राप्त करी शकाय.

" सज थोडो पंध‌ घणो, आळस म कज अज
हिंमत रखी हिये में, वरी पुजेंती कज
तडें रोंधी पांजी लज, हली गरजो हरदास चें "

समाजमां व्याप्त दारू, जुगार, मांसाहार अने आळस जेवा दूषणोथी त्रस्त थयेल समाज, हरदासने ज्यारे नातबहार मुकवामां आव्यो छे, त्यारे तेनुं कोइ सांभळतुं नथी. आ वात भगवान वेदव्यास पण कहे छे '' नकश्चित शृणोमये " त्यारे हरदास बोली उठे छे

" क‌इ थीये कलतारजी, से जोड‌इ हुंधी जीय
हिंमत रखज हियें में, से हमेस न हुंधो हीय
सभे सरखा डींय, से केंसें न हल्या हरदास चें "

जे लोको कमाय छे, पण दान आपता नथी. माया, ममता, मोहमां रच्या पच्या रहे छे. तेने जीवननी क्षणभंगुरता विशे कवि कहे छे,

" जा को माया जीवजी, किनीक भेरी क‌इ
मथेते बधी मोटडी, से भेरी कें न ख‌इ
जडें हकल थ‌इ, तडें छडें हल्या हरदास चें "

आज वात मेकरणदादा पण कहे छे " खाधे पण खाराए न क्ये काय ते भार" वळी मानवदेह क्यां सुधी रहेशे. ए माटे मेकरणदादा कहे छे.

"हकड हल्या, ब्या हलधा, त्र्या भरे वठा अ‌इं भार
मेंको चेतो माडुवा, पांपण तेजी लारोलार "

आ ज वात हरदास पोतानी सचोट भाषामां कहे छे

" काया कसे कमांया, से झर चोवाणुं जे
खाधां कींक खारायांउग‌इ सर्यो ए
साथ हलधो से, जुको हथें डनां हरदास चें "

हरदास संतोना पण गुण गाय छे कारणके संतोना कारणे ज दुख मटे छे शांति थाय छे, तुलसीदासे राम चरित्र मां वात करे छे...

साधु चरित शुभ चरित कपासु। निरस बिसद् गुनमय फलजासु।।

अने हरदास पण आवा संतोना गुण गावानुं कहे छे, परंतु एकज जीभथी तेनुं वर्णन थ‌इ शके तेम नथी..

" संत भेट्या दु:ख मट्या, वरी अविधा रोग व्या
मट‌इ भ्रांति मनजी, से शांती सुख थ्या
तेंजा कतरा गुण ग्यां मुजी हकडी रसना हरदास चें "

हरदास कविए जीवन संध्याना समय विशे कहे छे...

" सिज उलधो सांजी थ‌इ अने पखी खोड्यां पख
कनिक मेळ्यां माणेक मोती, कनिंक मेळ्यां कख

आ वात चारण पुनशी पोतानी भजनवाणीमां कहे छे...

" कमाये वारा लखों कमाया
मुनो खरची ए न थ‌इ
रामीया मुंजी बुढी अवस्था थ‌इ"

हरदासनां नामे चडेल एक बेत शाहसाहेबनां रसालामां पण जोवा मडे छे

" सिज उलथो सांजी थ‌इ, वरी वडे वठा काग
सुणी सांजी बांग, मुंजा पिरियन थ्यां पंध मे "

शाह अब्दलतीफना बेत प्रमाणे चारण हरदास समाजने वाणीरुपी चाबखा मारी कडवु सत्य कही पोतानो समय पुरो करी चाल्यो जाय छे. पण आजेय एमनी अमरवाणी कच्छी साहित्य मां अमर छे. कवि हरदासनी वाणी आजे लोकोनी वाणी बनी ग‌इ छे लोकवाणी थ‌इ ग।इ छे आजे हरदास लोकोमां समाइ गया छे. एवा सेडायत वंश शिरोमणी कवि हरदास ने मारी भाववंदना....


💐 *चारणकवि हरदास वारवाणी ना जीवननी माहिती में आशानंद भाइए लखेल "कच्छना चारण कविओ नामनी बुकमांथी टाइप करी छे, पोस्टमां खोटी छेड़छाड़ करवी नहीं अने पोस्ट मां भुल जणाय तो नचे आपेल नंबर पर संपर्क कर्या सिवाय कोई फेरफार करवो नहिं पोस्ट शेर करवानी छुट छे पण कोइए अधुरी जाणकारी ना हिसाबे छेड़छाड़ न करजो* 💐


🌹 *टाइपिंग = राम बी गढवी* 🌹
*नविनाळ = कच्छ*
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💐 *वंदे सोनल मातरमं* 💐

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