.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

.

Notice Board


Sponsored Ads

Sponsored Ads

Sponsored Ads

31 जनवरी 2017

सरस्वती वंदना - कर्ता - मितेशदान गढवी(सिंहढाय्च)

*|| रचना - सरस्वती वंदना ||*
    *|| छंद - सारसी ||*
     *||कर्ता - मितेशदान गढवी(सिंहढाय्च) ||*

सतलोक रहेती सरसती मा शतरुपा परमेश्वरी,
वाणी सदा शुभ आपजे शुद्ध दे मती वागेश्वरी,
विधा विनय नी अधिस्ठात्री श्वेत वस्त्रा धारणी,
जय शारदा वर दायिनी गुणदे सदा सतसारणी,(1)

प्रगटी परम ब्रह्मा थकी इण मानसा पुत्री बणी,
पुरहाण पावन कर कथी गाथा सकळ तोरी गणी,
कविया जीभा तु हर वसी वाचा बनी ब्रह्मचारणी,
जय शारदा वर दायिनी गुणदे सदा सतसारणी,(2)

संगीत ज्ञाता तु खरी सुर सात मे पुर सूरता,
ख्याता जबर किर्ती सरण शुक्ला वरण  संपुरता,
व संत पांचम जगत पुजन ग्यान तेजं तारणी,
जय शारदा वर दायिनी गुणदे सदा सतसारणी,(3)

रंगेय रुपम श्वेत दैवी चार भुजा सोहती,
करती मधुरू स्मित मुखे मुरती मन मोहती,
कर धार माळा इशनिष्ठा प्रतिक वेदावारीणी,
जय शारदा वर दायिनी गुणदे सदा सतसारणी,(4)

वाहन हंसा अर्थ अर्पित शुद्ध शांती मय भयो,
सौंदर्य से संचित सरग़म नाद वीणा कर रह्यो,
पुजाय परथम काज भणतर भारती सतकारणी,
जय शारदा वरदायिनी गुणदे सदा सतसारणी,(5)

वेदा न जाण्या तोय मा ते शब्द मुजने आपिया,
किरपा करी मुज पर तिहारी ज्ञान सिंचन साचिया,
गुण *मीत* गावे सारसी अज्ञान कुळा जारणी,
जय शारदा वर दायिनी गुणदे सदा सतसारणी,(6)

*🙏-------मितेशदान(सिंहढाय्च)-------🙏*

*कवि मीत*

|| शिवा कवित ||कर्ता - मितेशदान गढवी(सिंहढाय्च)

*|| शिवा कवित ||*
*|| कर्ता - मितेशदान गढवी(सिंहढाय्च) ||*

डाडो जागतो जटाळो बेठी उंचे परवत पर,
हरे हर पाप उकी जटामे बसावे है,
भभुत लगावी अंग गंग को जटा मे डाल,
कंठ काल धरी मुंड माल मे कसावे है,
कर तिरशुळ सोहे भाल पे तिलक तिको,
चरम उपरी भोळो आसन लगावे है,
हाथ हो हमारे पर नाथ महादेव को तो,
सब दु:ख पीड़ हर कष्ट भाग जावे है,(1)

देवो का है दैव तुही नाथ जगतात शिवा,
नंदी पे सवार संग डमरु की डाक है,
भूत टोळी भेर किये नाचती भभुत चोळी,
भगता फेलाय झोळी भांगफळ चाख है,
वासूकी को डोक डाल रुप महाकाल न्याल,
भैरवा बनी विशाल काल को डगावे है,
हाथ हो हमारे पर नाथ महादेव को तो,
सब दु:ख पीड़ हर कष्ट भाग जावे है,(2)

वेद महा वेद माये रुदरा जणायो तुही,
संहार सरुपा दैव नामना जणाइ है,
प्रलय व लय पुरो तुम्हारे आधिन होवे,
भारती को भाण रुप आधार बणाइ है,
निराकार तु दयाल गुणीजन गुणंधर,
उमा संग नित खेल चौपाट  सजावे है,
हाथ हो  हमारे पर नाथ महादेव को तो,
सब दु:ख पीड़ हर कष्ट भाग जावे है,(3)

अज एकपात अहिबुर्धनिय शिव शंभु,
शंकरा पिनाक महा इशर काहायो है,
त्रंबकेश वृषाकपि तुही भव तारनार,
सब दु:ख डार नार वैद तु सवायो है,
आग जल क्षिति नभ वायु की मुरत बनी,
पशुपती रुप यजमान बन जावे है,
हथ हो हमारे पर नाथ महादेव को तो,
सब दु:ख पीड़ हर कष्ट भाग जावे है.(4)

अध नारी रुप होते फ़िर भी कामाजीत हो
ग्रुहस्थीय बनी छता वासी शमशान का,
आशुतोष होके भी तु भयंकर रुदरा हो
महा नाथ कहू तुजे  सारे ये जहान का,
भूत प्रेत सिंह नंदि सरप मयुर संग,
संग समभाव सब घर मे बसावे  है,
हथ हो हमारे पर नाथ महादैव को तो.सब दु:ख पीड हर कष्ट भाग जावे है,(5)

भोले अहमर्ष काढ वाढ कुळ मुळ तले,
षडरिपू तोड के तु जग को सुधार दे,
नित मे नमामी हर नमहर नाम जपा,
जपा उमापति सुख सदाय अपार दे,
*मीत*गावे गुण तोरा,शिव शंभु नाथ भोरा,
शबद कवित थकी तुजको रिजावे है,
हथ हो हमारे पर नाथ महा देव को तो,
सब दु:ख पीड़ हर कष्ट  भाग जावे है,(6)

    🌺  *|| छप्पय ||* 🌺

काल न्याल माहाकाल,वेद शंकर समजायो,
भजु नित भुपाल ,ताल डमरु डमकायो,
विशधर तू विहशाल,भाल पर नैण सजायो,
जटा गंग की जाल,व्हाल बहू मीत वरसायो,
जगत परे किरपा करण,हरण हजारो पाप तु,
मीत लरण तुज ने शरण,दन दन आशिष आप तु,

*🙏-------मितेशदान(सिंहढाय्च)-------🙏*

*कवि मीत*

आई हांसबाईमा

आई हांसबाईमा...!

तपस्वी, कमॅयोगी, संस्कारितानी सुवास साथे आई परंपरानुं उजळुं खोळियुं ऐटले हांसबाईमा.

वसंतपंचमी ऐटले कच्छनां मांडवी तालुकानां भगवतीघाम रतडियामां आई परंपरांना महान तपस्वी माताजीनो हांसबाईमाना जन्मोत्सवनो अनेरो सांस्कृतिक अने घामिॅक उत्सव. जेमां चारण समाज तथा चारणेत्तर समाज उमटी पडे.

60 वषॅथी अनाजनो त्याग करी मात्र ऐक समय सामो मूठी जेटलो अने ऐक कप दूघ दिवसमां ऐकवार लेवानो क्रम शरुं कयोॅ अने जीवनपयॅंत करुणामूतिॅ बनी जीवी रहया हता. तेमनां मंदिरमां 51 वषॅथी गात्राळमानी अखंड ज्योत आजे पण दशॅन आपी रही छे.

जगदम्बा हांसबाईमा भगवतीघाम खाते मात्र तप नहोता करतां त्यां गात्राळ मानी अखंड ज्योतनी उजाशमां समाजसेवा द्वारा संस्कृतिनुं जतन, संस्कारनुं सिंचन, शिक्षणना प्रचार-प्रसारनुं शाणपण अने सदाचारना आचरण साथे नारी सन्मान, व्यसनमुकित जेवी अनेकविघ प्रवृतिओनी सरिता वहेवडावता हता.

84 वषॅ अखंड साघना करी तेमणे प्रगटावेली अखंड ज्योतना प्रकाशमां समाघिस्थ थई जीवने देवलोकगमन मागेॅ   सोनलमाना सानिघ्यमां समावी लीघो हतो.

तेमना अनुयायीओ भकितनी ज्योत अने चारणत्वनी उजळी मिशाल कायम राखशे तेवी आस्था साथे प्राथना...

   जय हांसबाईमा.

प्रस्तुति कवि चकमक.

चारण समाजनुं गौरव :- MBBS मां पास

*चारण समाजनुं गौरव*

डॉ. मालाबेन आईदानभाई गढवी
जामथडा मांडवी कच्छ
MBBS फाईनल वर्षमां 62.56 % साथे पास

*खूब खूब अभिनंदन*

30 जनवरी 2017

नमु तुने हांसबाई - वरदान गढवी

नमु तुने हांसबाई....तु तो प्रेमाळी छो आई,
      (हे) नमु तुने हांसबाई(जी)....

(हे) कच्छ धरामां शोभतु रुडु रतडीया गाम (जी)..
वसंत पंचमीऐ आप पधार्या,
            खिली सकल वनराई...... नमु तुने०

(हे) िपता नाराण ने घेर गोरबाई खुशी ना सामाई(जी)..
चारणकुळमां जुओ आजतो,
              साक्षात सरस्वती आई.. नमु तुने०

(हे) जप तप ध्यान धरीने,करती बालुडानु ख्याल(जी)..
कुरीवाजो काढवा कारण,
               अवतरी अंम्बाआई.. नमु तुने०

(हे) दारु जुगार ने परस्त्री ने न जोता भाई (जी)..
समजाव्यु सदैव माताऐ,
                  जीवो जीवन उचांई.. नमु तुने०

(हे) सुकी धरा ज्यारे कच्छनी आ दुष्काळ माय (जी)..
मेघ यग्न कर्यो माताऐ,
     (त्यातो) वरुण वरसा वरसाई.. नमु तुने०

(हे) कर जोडी 'वरदान' गावे गुण तमारा आई (जी)..
आवे जो कोई दुरगुणो तो,
                     हरजे तु हांसबाई.. नमु तुने०

                           :- वरदान गढवी

चारण समाजनुं गौरव

चारण समाजनुं गौरव

UPSC Combined Defence Services CDS (II)नी परीक्षा ता.23-10-2016 ना योजायेल जेनुं परिणाम आज रोज आवेल जेमां पास थयेल छे*

करणदानभाई आनंदभाई गढवी (अयाची) पास थयेल छे

खूब खूब अभिनंदन

आवी ज रीते ईन्टरव्यू मां पण करणभाई पास थाय ऐवी मां भगवती पासे प्रार्थना

|| बाप || रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)

,                    || बाप ||
.    रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)
.      ढाळ: पाये तने विपळी लागु

काळजडां ई बाप ना केवा, जुगो जुग वंदवा जेवा.
राखे हेत संग मां रेवा, लाडकडा ना वारणा लेवा...टेक
वाळ वांको एना व्हाल सोया नो, करवा आवे कोय
जीव सटो सट बंकडो जीके , हिमत भले ने ना होय.
छोरु नी न चाहतो सेवा, काळजडां ई बाप ना केवा..01
धोध वरखायुं धिकती हो के, ताळवां तोडेय ताप
जणियां काजे जगमां जुजे, बेही रीये नई बाप
मागे नई केय दी मेवा, काळजडां ई बाप ना केवा..02
मलक आखु गण मात ना गावे, सोरुडां पाडेय साद
पुत्र काजे जेणे प्रांण ने त्याग्या, ई, अवधपिता नई याद
जांणे दसरथ ना जेवा,काळजडां ई बाप ना केवा..03
परख पिता नी पुत्रने थाती, होयना ज्यारे हयात
आंखडी थी एने यादीयुं रेले, ने, वहमी लागे वात
अंतर थी बोल दे एवा, काळजडां ई बाप ना केवा..04
जीव जेवो जोगीदानजी जेने,  पुत्र माथे हद प्रेम
दख वेठे पण दाखवे नई ई, कहो भुलाये केम.
दिकरा कज करतो देवा, काळजडां ई बाप ना केवा..05


29 जनवरी 2017

चारण कवि तथा लेखकश्री आशानंदभाई गढवीनुं परिचय

चारण कवि तथा लेखकश्री आशानंदभाई गढवीनुं परिचय

नाम :-आशारिया सुराभाई रविया
जन्म :- भादरवा सूद-1 ता.15-09-1966
शाखा :- सेडा (गुंगडा),
गोत्र :- तुंबेल
जन्मभूमि :- ओखा मीठापुर - सुरजकरडी
व्यवसाय :- प्राथमिक शिक्षक
सरनामुं :- सिंधु भवन,पदरोड वाडी, मुं. झरपरा ता.मुंदरा-कच्छ
मो-9824075995

*आशानंदभाई गढवीना प्रकाशित थयेल पुस्तको*

🔹विरह पदावली (संपादन)
🔹प्रेम झरणु पदावली (संपादन)
🔹कच्छना धर्मरक्षक संत शेषावतारश्री रावळपीर दादा
🔹सोनल चरित्र
🔹नंदनवन (काव्य संग्रह)
🔹सोनल चालीसा (स्तुति काव्य)
🔹श्री देवाविलास तथा सुबोध बावनी (संपादन)
🔹आईश्री सोनल कथामृत (जीवन चरित्र)
🔹वीर कवि वारु (जीवन चरित्र)
🔹चारण आई परंपरा

*आशानंदभाई गढवीना आगामी प्रकाशनो*

🔹कच्छना चारण कविओ
🔹धन्य धरा-झरपरा (ग्रामायण)
🔹चारण पुनशी (जीवन कवन)
🔹अपूज खांभीयुं (कच्छी वार्ता संग्रह)
🔹चारण स्मृति (शाखा-प्रशाखा अने रीत रिवाजो
🔹चारणोना चार पीर (मोर,लाधो,आमीयुं, रावळपीर)
🔹वीर वत्सराज सोलंकी - वाछरादादा
🔹कच्छना चारण रत्नो
🔹चारण चरित्र कोश
🔹कच्छना लोक देवी-देवता
🔹रसधरा-झरपरा (वार्तासंग्रह)
🔹कच्छी लोक मांथी
🔹गुजरातना गौररक्षको
🔹दूहो असांजे देशजो

संपर्क :- 9824075995

CGUCO द्रारा काळेला. ता.महुवा खाते मेडीकल केम्प

आजरोज ता.29-01-2017 ना रोज चारण - गढवी अपलीफ्टमेन्ट चैरिटी ओर्गेनाईजेन  ( CGUCO ) द्वारा गाम :- काळेला. ता :- महुवा.जील्लो :- भावनगर खाते मेडिकल केम्पनुं आयोजन करवामां आवेल जेमां 400 जेटला लोकोने नि:शुल्क दवा आपवामां आवेल

आ केम्पमां 8 जेटला डॉक्टरोनी टीम तथा राहुलभाई लीला , मनुदानभाई (महुवा, चारणत्व ब्लॉग वाळा), हमीरभाई गढवी हाजर रहेल

मेडीकल केम्पना फोटाओ

||बमणो गमशे बाप|| रचना: जोगीदान गढवी चडीया

.         *||बमणो गमशे बाप||*
.  *रचना: जोगीदान गढवी चडीया*

शब्दो लाखो सोधीये,(तोय)मळे न ऐनुं माप
जाणों त्यारे जोगडा,( ई )बमणो गमशे बाप.1

भ्रण पोषण कज भटकतो, ताढ व्रखा के ताप
जग आखामां जोगडा, बोल्या वण ईक बाप.2

ईशवर हारे आखडे, पंड्य ओढी ले पाप
जणीयल काजे जोगडा, बहु वेठे ई बाप.3

तेहवारो मां तान थी, करे पंड्य पर काप
जुंना पेरी ले जोगडा, बोली नवां ई बाप.4

गुंण मां ना सौ गावता, बधीर हसंत बाप
जांणीस क्यारे जोगडा, मुज हैया नु माप.5

शबद मात सोहामणो,एमां,अदरश ईक आलाप
जांणीस ज्यारे जोगडा,त्यारे,बमणो गमशे बाप.6

आपे जो अवनी परे,एना, सोरुं ने संताप
जपटे सावज जोगडा, बमणो डंणकी बाप.7

रमतां भाळीन रीझतो, अंतर आपो आप
जरा पीछांणो जोगडा, बउ हेताळो बाप.8

खोळ तणां आ खेतरे, वालप नेह वराप
ज्वारा जेवो जोगडा, बमणो ल्हेरे बाप.9

वहमो आवे वखत त्यां, मां नु य निकळे माप
जरी डुके नई जोगडा,पण,  बहु वेठे ई बाप.10

होय न नांणा हाथ मां, त्रिया तणो होय ताप
जळ जळ हैये जोगडा, ई, बहु मुंझातो बाप.11

ककळे एनुं काळजुं, अने, हैयुं सळगे हाय
जद ठाले हथ जोगडा, जाया सामो जाय.12

जातां सांजे जोगडा,ई,  अंतर सळगे आप
शुं लाव्या के छोकरां,त्यां,बहु सरमातो बाप.13

🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞

28 जनवरी 2017

श्री कच्छ गढवी सामाजीक उत्कर्ष ट्रस्ट आयोजीत बावीसमो समूह लग्नोत्सवनी आमंत्रणपत्रिका

श्री कच्छ गढवी सामाजीक उत्कर्ष ट्रस्ट आयोजीत बावीसमो समूह लग्नोत्सवनी आमंत्रणपत्रिका

तारीख :- 01-02-2017, बुधवार

आशिर्वचन
प.पू.आईश्री गंगामां (कोडाय)
प.पू.महंतश्री दिलीप राजा (मोरझर)

सोनेरी अवसरो
गणेश स्थापना - सवारे 7-00 कलाके
मंडवा रोपण - सवारे 8-00 कलाके
ग्रहशांति - सवारे 9-00 कलाके
हस्तमेळाप - 10-40 कलाके
विदाय - सांजे 5-00 कलाके

शुभ स्थळ :-
गढवी समाजवाडी , भानुशाळीनगर भुज कच्छ

निमंत्रक
श्री कच्छ गढवी सामाजीक उत्कर्ष ट्रस्ट
गाम-मोरझर ता. नखत्राणा-कच्छ

पिंगळशी मेघाणंदभाई गढवी रचित काव्य संग्रहो ई-बुक स्वरूपे

साहित्य रसिकोने जणावता आनंद थाय छे के, पिंगळशी मेघाणंदभाई गढवी रचित 7 जेटला अमूल्य अने अप्राप्य काव्य संग्रहना पुस्तको ई-बुक स्वरूपे बनावी टूंक ज समय मां चारण संगठन तथा चारणी साहित्य ब्लॉग पर मुकवामां आवशे

लेखकनुं परिचय

नाम :- पिंगळशी
पितानुं नाम :- मेघाणंदभाई लीला
जन्म :- सवंत 1970 श्रावण सुद-5
ता.27-07-1914
अवशान :- सवंत 2054 जेठ सूद-5
ता.31-05-1998

ई-बुक स्वरूपे मुकवामां आवशे ते काव्यसंग्रहना नाम

(1) आराध (131 जेटली रचनाओ)
(2) हरिनी हाटडीऐ (200 जेटली रचनाओ)
(3) वेणुनाद (100 जेटली रचनाओ)
(4) निजानंद काव्यधारा (80 जेटली रचनाओ)
(5) महर्षि दयानंद जीवन दर्शन
(6) खेडूत बावनी
(7) नर्मदा शतक

```आ अमूल्य अने अप्राप्य काव्य संग्रहो ई-बुक बनाववा माटे मोकलवा बदल श्री लक्ष्मणभाई पिंगळशी गढवी (जामनगर) नुं खूब खूब आभार```

आपनी पासे पण अप्राप्य पुस्तको, रचनाओ, लेखो, अंको, साहित्य वगेरे होय तो आप पण मोकली शको छो आ नंबर 9913051642 पर

आप बधा आपनो किंमती समय काढी सहकार आपो छो ऐ बदल आपनो पण खूब खूब आभार

कच्छ गढवी समाज समूह लग्न समिति (गांधीधाम) आयोजीत अठ्ठयावीसमो समूह लग्नोत्सव आमंत्रणपत्रिका

कच्छ गढवी समाज समूह लग्न समिति (गांधीधाम) आयोजीत अठ्ठयावीसमो समूह लग्नोत्सव आमंत्रणपत्रिका
तारीख :- 19-02-2017

मांगलिक प्रसंगो
गणेश स्थापना - सवारे 7-20 कलाके
गृहशांति (सांतक) - सवारे 8-15 कलाके
हस्त मेळाप - सवारे 11-15 कलाके
भोजन समारंभ - बपोरे 12-00 थी 2-00 कलाके
सत्कार समारंभ - सांजे 4-00 थी 6-00 कलाके
विदाय आर्शीवाद - सांजे 6-30 कलाके

शुभ स्थळ :- स्वामी लीलाशाह आश्रम (कुटीया) कॉलेज रोड, आदिपुर-कच्छ

निमंत्रक
श्री काछेला गढवी समाज ट्रस्ट (गांधीधाम)
मो-9998445533

भरोसो ऐ ज भजन

आई श्री देवलमां 6 महिनानुं अनुष्ठान पूर्ण करी आसो सूद-8 ना रोज सवनी वेरावळ खाते भरोसो ऐ ज भजन - ता.21-10-2015 ना रोज योजायेल कार्यक्रमना वीडियो

Bharosho Ej Bhajan Part 1


Bharosho Ej Bhajan Part 2

Bharosho Ej Bhajan Part 3


Bharosho Ej Bhajan Part 4



Bharosho Ej Bhajan Part 5



Bharosho Ej Bhajan Part 6



Bharosho Ej Bhajan Part 7



Bharosho Ej Bhajan Part 9



Bharosho Ej Bhajan Part 10


Bharosho Ej Bhajan Part 11


Bharosho Ej Bhajan Part 12



Bharosho Ej Bhajan Part 13



Bharosho Ej Bhajan Part 14



Bharosho Ej Bhajan Part 15



Bharosho Ej Bhajan Part 16





सगत लूँग माँ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा आमंत्रणपत्रिका

सगत लूँग माँ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा आमंत्रणपत्रिका

राज्य कक्षानी वार्ता स्पर्धामां कच्छी सर्जक विश्रामभाई गढवीनी कृति त्रीजा क्रमे विजेता

राज्य कक्षानी वार्ता स्पर्धामां कच्छी सर्जक विश्रामभाई गढवीनी कृति त्रीजा क्रमे विजेता

विश्रामभाईने खूब खूब अभिनंदन

मोटा भाडियाना युवा लेखक करसन गढवी द्रारा लिखित जीवन आयोजन पुस्तकनुं विमोचन

मोटा भाडियाना युवा लेखक करसन गढवी द्रारा लिखित जीवन आयोजन पुस्तकनुं विमोचन


विधार्थीओ माटे खूब ज उपयोगी पुस्तक
पुस्तक मंगावा माटे :- 8980004760

आई श्री पीठड माताजीना जन्मोत्सवनी आमंत्रणपत्रिका

आई श्री पीठड माताजीना जन्मोत्सवनी आमंत्रणपत्रिका

सवंत 2073 महा सुद-5 बुधवार
ता.01-02-2017

मंगल अवसरो
आरती पूजन - सवारे 6-00 कलाके
बावन गजनी धजा आरोहण - सवारे 7-30 कलाके
यज्ञ - सवारे 9-00 कलाके
भोजन प्रसाद बपोरे 12-00 कलाके
संध्या आरती - सांजना 7-00 कलाके
संतवाणी रात्रे 9-30 कलाके
कलाकारो
राजभा गढवी
हकाभा गढवी
मित्तलबेन गढवी
किरणबेन गढवी
राजाभाई गढवी
स्थळ :- नाणावाळीना नेश श्री पीठडधाम जामवाळा गीर ता. गीर गधडा जी.गीर सोमनाथ
निमंत्रक
नाणावाळीना नेश श्री पीठडधाम
पू. लक्ष्मीआई मां तथा भक्तगण

भाळी रतडिये भली रचियता प्रदीपदान रोहडीया

प्रातः स्मरणीय प.पु.आई श्री हांसबाई मां (मोटा रतडिया मांडवी कच्छ)नो 89 मो जन्म महोत्सव वसंत पंचमी ता.01-02-2017 ना रोज उजवाशे ऐ निमिते प्रदीपदान रोहडीया नी ऐक रचना आपनी समक्ष मुकववानुं नानकडो प्रयास करेल छे.

आंखोमां अमीरस झरे, देख्ये टाढक थाय
ऐवी अमणी आई, भाळी रतडिये भली
बुढी पण बाळक समी, तुं देख्ये दु:खड़ा जाय
ऐवी मा छे जे हांसबाई, भाळी रतडिये भली
अभियान अंगे नहीं, समरण ऐक ज वात
पाडे ई जुदी भात, भाळी रतडिये भली
भेख धर्या भजवा भवा, शिव शिव उरमांगवाय
सौमां तु सवाई, भाळी रतडिये भली
श्वेत केश सर पर दीसे(जाणे) निर्मळ गंग जणाय
दीठे पातक जाय (ऐवी) भाळी रतडिये भली
"प्रदीप" गुणला हुं कथुं उरमां लेजे आज
रखेय तुं तो लाज, ई भाळु रतडिये भली


रचियता :- प्रदीपदान रोहडीया

टाईप बाय :- www.charanisahity.in
संदर्भ :- आई हांसबाई मा गुणगाथा पुस्तक मांथी

वसंत पंचमी सुधी रोज हांसबाई मांनी विविध कविओ रचेल रचनाओ आपनी  समक्ष मुकवानो नानकडो प्रयास करीश.

आवतीकाले अनुदान गढवीनी रचना

      वंदे सोनल मातरम् 

27 जनवरी 2017

आईश्री हिरल मां द्रारा आयोजीत चारण गढवी समाज जाम खंभाडीया आठमा समूह लग्नोत्सवनी आमंत्रणपत्रिका

आईश्री हिरल मां द्रारा आयोजीत चारण गढवी समाज जाम खंभाडीया आठमा समूह लग्नोत्सवनी आमंत्रणपत्रिका

तारीख :- 01-02-2017

स्थळ :- सोनल मंदिर, जडेश्वर रोड, जाम खंभाडीया जी. देवभूमि द्रारका

वधारे माहिती माटे संपर्क
पू.हिरल मां - 9624475751
सूर्यदानभाई वरमल - 9898162900

निमंत्रक
प.पू.आईश्री हिरल मां तथा समस्त चारण-गढवी जाम खंभाडीया

आजे चारणकविश्री जोगीदानभाई गढवी(चडीया)नो जन्म दिवस


आवनारु वर्ष आपना माटे लाभदायक होय  अने जीवन मां बधारे प्रगति करो अने अमूल्य साहित्य पीरसता रहो ऐवी मां भगवती पासे प्रार्थना
जन्म दिवसनी खूब खूब शुभेच्छाओ
चारणकविश्री जोगीदानभाई गढवी(चडीया)
जोगीदानभाई गढवी(चडीया) रचित 174 जेटली रचनाओ चारणी साहित्य ब्लॉग पर जोवा माटे ::- Click Here

हर हर भजे श्री हांसल मात रचियता :- कवि घनश्याम गढवी

प्रातः स्मरणीय प.पु.आई श्री हांसबाई मां (मोटा रतडिया मांडवी कच्छ)नो 89 मो जन्म महोत्सव वसंत पंचमी ता.01-02-2017 ना रोज उजवाशे ऐ निमिते कवि घनश्याम गढवी 'श्याम' नी ऐक रचना आपनी समक्ष मुकववानुं नानकडो प्रयास करेल छे.
               गीत चारणी
               हर हर भजे
           --------------------
धन्य धाबळियावाळी अखियात के हर हर भजे श्री हांसल मात
वसंत पांचमने बुधवार धर्यो मा अवनी पर अवतार
रतडिया रुडो चारण नेस रमे ज्यां हांसल बाळे वेश
सुकर्मी चारण नारण तात के हर हर भजे श्री हांसल मात
करे छे गौ मातानी सेवा भजे छे भूतनाथ महादेव
उच्चरे प्रणव मंत्रनुं गान चढ़ावे दूध बीलीनां पान
मावडी प्रथम पूजे भगवान मावडी पछी करे जळपान
मावडी मागे शिवनी रहेम राखवा सहुने कुशळ क्षेम
श्रद्धाना समदर छोळे सात के हर हर भजे श्री हांसल मात
विराजे मोटा रतडिया धाम करे मा पावन मंगल काम
दीठो ज्यां स्वार्थ भर्यो संसार जूठो आ विश्व तणो व्यवहार
उठ्यूं मन संसारे थी ऐम लीधुं तप महात्यागनुं नेम
तपावी मनडुं करवुं मीण तपावी तनडुं करवुं क्षीण
छूटी गयो जीवतरियाथी राग देवीऐ कर्यो अन्ननो त्याग
थयो मा सोनलथी सतसंग सत्यनो चडयो रगेरग रंग
फीटे नहीं पडी पटोळे भात के हर हर भजे श्री हांसल मात
ओटलो भूतनाथनो ज्यांय बनाव्यु सुंदर मंदिर त्यांय
सजाव्यो मोरदादानो गोख संवार्यो गात्राड मानो चोक
करे मा भकित ज्यां दिनरात के हर हर भजे श्री हांसल मात

रचियता :- कवि घनश्याम गढवी 'श्याम'

टाईप बाय :- www.charanisahity.in

वसंत पंचमी सुधी रोज हांसबाई मांनी विविध कविओ रचेल रचनाओ आपनी  समक्ष मुकवानो नानकडो प्रयास करीश.

आवतीकाले प्रदीपदान रोहडीयानी रचना

आंखोमां अमीरस झरे देख्ये टाढक थाय

      वंदे सोनल मातरम् 

26 जनवरी 2017

SONAL SVMAN ABHIYAN

श्री मोटी भुजपुर (वांकराई) चारण समाज आयोजीत पंचम् समूह लग्न महोत्सव आमंत्रणपत्रिका

श्री मोटी भुजपुर (वांकराई) चारण समाज आयोजीत पंचम् समूह लग्न महोत्सव आमंत्रणपत्रिका

रूडा अवसरना सुगंधी पुष्पो

सवंत 2073 महा सुद-4ने मंगळवार ता.31-01-2017ना शुभ दिवसे

समुहर्ता - सवारे 9-30 कलाके
माळा पहेराववानुं - 10-15 कलाके
वनाय - 10-30 कलाके

सवंत 2073 महा सुद-5ने बुधवार ता.01-02-2017ना शुभ दिवसे

मांडवा रोपण - सवारे 8-00 कलाके
जान आगमन - सवारे 8-15 कलाके
हस्त मेळाप - सवारे 10-30 कलाके
भोजन समारंभ - बपोरे 11-30 कलाके
कन्या विदाय - बपोरे 3-00 कलाके

शुभ स्थळ :-
श्री मोटी भुजपुर चारण समाजवाडी
वांकराई विस्तार गाम मोटी भुजपुर, ता.मुंदरा-कच्छ

निमंत्रक
श्री भुजपुर चारण समाज तेमज समुहलग्न समिति

"संगठन ऐज समाज प्रगतिनो श्रेष्ठ माध्यम छे"

आमंत्रणपत्रिका


धन धन हिंदुस्तान है - कर्ता- मितेशदान गढवी(सिंहढाय्च)

*|| 68 वा गणतंत्र दिवस ||*
   *||रचना- धन धन हिंदुस्तान है ||*
        *|| सरळ रचना ||*
     *|| कर्ता- मितेशदान गढवी(सिंहढाय्च) ||*

देश हमारा गुणवन्ती,गुणवन्ती इसकी शान है,
सरहद पर सेना सज तोरण शुरवीरो का मान है,(1)

हरा भरा रहेता है सदा,हरीयाळा धनवान है,
सोने की चिडीया कहेलाया धन धन हिंदुस्तान है,(2)

त्रिरंगा लहराया उंचा,सब देशो मे महान है,
शब्द नही मिलते केहनेको ऐसा शोर्य सम्मान है,(3)

वीर पुरुष भी अंकित इसमे,उंनका भी बलिदान है,
गढा गया इतिहास सुहाना,धन धन हिंदुस्तान है,(4)

तीन रंग मे बना तिरन्गा,ये सब की भी जान है,
सबसे उपर केसरिया जो बलिदानी का मान है,(5)

सफ़ेद शुद्धशांति कहेलाया,हरा बना खुशहाल है,
प्रति रंग का गुण सजाया,धन धन हिंदुस्तान है, (6)

परजा कइ आइ देश मे,सबकी अलग पहेचान है,
धर्मो को स्थापित कर अपने,गाया भी गुण गान है,(7)

वेदो मे बसने वाले,सब जन्मे यही भगवान है,
राम हुए और क्रिश्न हुए  ये धन धन  हिंदूस्तान है,(8)

वीर भगत जो शहिद हुए,उनका यह एहसान है,
आझदी दिलवायी ऐसे शौर्य पर अभिमान है,(9)

शस्त्र ससज्जी डटकर झुझा,युद्ध
किया घमशान है,
जीता हरदम दुशमन से,ये धन धन हिंदुस्तान है,(10)

वीरगती पायी है जिसने,यादे उसकी आन है,
देश सदा आगे
रहे ,ऐसा जझबा मन की ठान है,(11),

युद्ध करे वो नारी जन्मी,लक्ष्मी बाइ नाम है,
गोरे को भगाया देश से, ए,धन धन हिंदुस्तान है,(12)

मेवाडी राणा लडया हे,छत्रपति की शान है,
स्वराज कारण जंग लडी,गुंजा आसमान है,(13)

गर्वित सर उठाकर कहेदु ,देश मेरा महान है,
मंगल मीत सबसे न्यारा ,धन धन हिंदुस्तान है,(14)

*🙏------------मितेशदान(सिंहढाय्च)--------------🙏*

*68 वे गणतंत्र दिन की बहुत बहुत शुभकामनाए,*

हमारा देश पेहले से गुणवान है आगे भी रहेगा,

इस 68वे गणतंत्र दिन पर सभी से निवेदन है के देश को स्वच्छ बनाने हेतु  *स्वच्छ भारत अभियान* का साथ दे ओर देश को स्वच्छ बनाने का निर्णय ले,और हमारा देश स्वच्छ्ता मे भी पुरी दुनिया मे पेहले स्थान पर हो ऐसा बनाईए,

*वन्दे मातरम*
*जय हिंद*
*भारत माता की जय*

*🙏-------कवि मीत-------🙏*

Sponsored Ads