.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

Sponsored Ads

Sponsored Ads

.

Notice Board


Sponsored Ads

30 मार्च 2017

जेवो संग तेओ रंग...! प्रस्तुति कवि चकमक.

जेवो संग तेओ रंग...!

तमे कोनी साथे हरो-फरो छो ? तमारा अंतरंग वतृळमां केवा लोको छे ऐनी खबर पडे तो तरत ज तमारुं माप नीकळी जतुं होय छे.
गुजरातीमां कहेवत छे ' गघेडा साथे धोडो बांघो तो भूंकता न शीखे, पण लात मारता तो शीखे ज '
माणसनुं पण ऐवुं ज छे. नकामा लोकोनी साथे रहेवाथी माणसनी बुद्घी भ्रष्ट थई जाय छे.उत्तम विचारसरणी घरावनार माणसनी नीच लोकोनी संगति थई जाय तो ऐनुं पण पतन थई जाय छे.

संगतिनो नियम छे, जे माणस दोषित होय, नकामो होय पण ऐने योग्य गुणवाळो संग मळी जाय तो ऐनामां पण पेला गुण पेदा थता होय छे. विद्वान लोकोनी साथे रहेवाथी मुखॅ माणस पण विद्वान बनी जाय छे.

रामायणमां कहयुं छे, ' अमृततृल्य साघु संगम '  सत्संगति मळी जाय तो जीवन घन्य बनी जाय छे. वालिया लूंटाराने नारद मळे तो जीवन सुघरी जाय छे.

जेवी रीते कोरी घरतीने पाणी मळी जाय तो ते विस्तार हरियाळो बनी जाय छे. ऐवी ज रीते कोईनो सारो संग जीवनमां हरियाळी उगाळतो होय छे.

जय माताजी.

प्रस्तुति कवि चकमक.

परमात्म पदावली पुस्तक नी माहिती

भक्त कविश्री थार्या भगत रचित पुस्तक मेळववा


पुस्तकनुं नाम :- परमात्म पदावली
किंमत रु.  100 /-
रचियता :- भक्तकविश्री थार्याभाई जशाणी
प्रकाशक
श्री माणेक थार्या जसाणी
झरपरा ता.मुंदरा-कच्छ
मो :- 9909578371

पुस्तक मेळववानुं सरनामुं
(1) डी. ऐस.ऑडियो
झरापरा ता.मुंदरा कच्छ
मो - 9624875233
(2) गोपालभाई जसाणी
भुजपुर ता.मुंदरा कच्छ
मो:- 9913424829
(3) नीलेश रास्ते मेडिकल भुजपुर मुंदरा कच्छ

चारण / गढवी समाज के विवाह योग्य युवक युवती के लिए योग्य चुनाव

*चारण / गढवी समाज के विवाह योग्य युवक युवती के लिए योग्य चुनाव चाहिए तो कृपया निम्न जानकारी 9828549170 इस नम्बर पर भेजे ।*

आप को पूरी तरह से सहयोग मिलेगा ।
नाम ----------             
गोत्र ----------               
उम्र  --------             
शिक्षा ---------          
गाॅव / शहर ------------         
जाॅब ---------          
अपेक्षा --   ------      
कैसा जीवन  साथी  चाहिए?            
माता_पिता का नाम  ----   
मोबाइल नंबर --------

  आप सभी के  साथ व सहयोग से ही समाज के इस काम को अंजाम देने की कोशिश करता रहूँगा । कृपया इसी तरह सहयोग बनाये रखने की जरूरत है । अधिक से अधिक विवाह योग्य बच्चो की जानकारी 9828549170 पर वहाट्सअप करै ।

छंद हरीगीत - रचना कविश्री माणेकभाई थार्या

छंद हरीगीत - रचना कविश्री माणेकभाई थार्या


चारणी साहित्य ब्लॉग

चारणी साहित्य ब्लॉग 

29 मार्च 2017

चारणो मानां चरणमां तमारुं सवॅस्व सोंपी दो तारे तो पण तुं अने मारे तो पण तुं ज

चारणो मानां चरणमां तमारुं सवॅस्व सोंपी दो. '' तारे तो पण तुं अने मारे तो पण तुं ''...!

देवतानुं रक्षण करती जगदंबा बाळकना दरेक कष्टोने निवारे छे, पण शरत ऐ छे के मांना शरणमां तमारुं सवॅँस्व सोंपी दो. '' तारे तो पण तुं अने मारे तो पण तुं ज ''

बस आ ज भावथी जो माने शरणे जवामां आवे तो मा अवश्य तारी दे छे. आ वात आपणे वांदरा अने बिलाडीना बच्चां द्वारा समजीऐ.

वांदरानुं बच्चुं मानी पीठ पाछळ वळगेलुं ज रहे छे. ते तेने चुस्त रीते पकडी राखे छे, तेथी मा तेना बच्चानी पकड पर विश्वास राखीने कुदका लगाव्या राखे छे  पण बच्चानी पकड ढीली पडता कयारेक ते बच्चुं गबडी पण पडे छे.

ज्यारे बिलाडीनुं बच्चुं माने वळगीने नथी रहेतुं, पण तेने मा पर विश्वास होय छे. ते संपूणॅ रीते तेना पर अवलंबित होय छे.
त्यारे बिलाडी तेना बच्चाने मोंमां लईने ऐवी रीते पकडे छे के बच्चाने दांत वागता पण नथी अने ते पडतुं पण नथी. बस बच्चा पर मानो आ विश्वास ज तेने सुरक्षित राखे छे.

अहीं कहेवानुं तात्पयॅ ऐटलुं ज छे के तन, मन अने घनथी माने समॅपित थई जाव.
दु:ख, ददॅ, आघि, व्याघि बघु ज तेने सोंपी दो, पछी जुओ ऐ मा ज बाळकनी सहाय करवा अघीरी बनीने दोडी आवे छे के नहीं. जेम आई श्री सोनल चारणोनी वारे आवी हती.

तो चारणो अहंकारने ऐकबाजु मूकीने बाळक बनीने माना सानिघ्यमां जाओ तो तमे तेनी आशिषनुं सौभाग्य अवश्य पामी शकशो.

जय नव लाख लोबडीयाळी.

प्रस्तुति कवि चकमक.

सवेॅना दु:ख हरनारी माता शकितनी उपासना केवी रीते विसरी शकाय ?

सवेॅना दु:ख हरनारी माता शकितनी उपासना केवी रीते विसरी शकाय ?

शकितनी उपासनानुं महत्वनुं ऐक कारण ऐ पण छे के शकित मातृस्वरुपा छे. तेने देवी-रुप के  मातृस्वरुपमां पूजवामां आवे छे.

माताना ह्रदयमां वात्सल्य तो हंमेशा मोजुद होय छे ते करुणामयी छे, दु:ख दूर करनारी छे. भकतोनी मुश्केलीओ तेओ सहन नथी करी शकता ऐटले ऐवुं कहेवाय छे के शकितनी उपासना करवाथी तत्काळ फळ मळे छे अने मुश्केलीनुं निवारण पण जल्दी आवे छे.

हिन्दुओमां प्राचीनकाळथी घमॅना बे पंथ चाले छे, ऐक तो पिता तरीके पुजातो शिवपंथ अने बीजो माता तरीके पुजातो शकितपंथ.

शिवस्वरुपने पुजनारा माटे हिमालयमां आवेला बद्रिकेदारनाथनी यात्रा जेम अंतिम अने छेवटनी मनाय छे तेम शकितपंथमां शकितपुजको माटे माता हिंगळाजनी यात्रा अंतिम गणाय छे. चारण समुदाये आ वात खास घ्यानमां लेवा जेवी छे. माता हिंगळाजनुं स्थानक हाल पाकिस्तानमां आवेलुं छे.

तो सवेॅना दु:ख हरनारी माता शकितनी उपासना केवी रीते विसरी शकाय  ?

जय माताजी.

प्रस्तुति कवि चकमक.

28 मार्च 2017

आईश्री सोनल विसामो अमदावाद नी वात - कविश्री जीलुभाई सील्गा (चकमक)

श्री समस्त अमदावाद शहेर गढवी ( चारण ) सेवा समाज संस्थाना ' जन सेवा ऐज प्रभु सेवा '' उदेश्यथी चालता '' सोनल विसामा '' विसामानी सेवाकीय प्रवृति निहाळवानो कवि चकमकने मळेलो ल्हावो..!
अमदावाद शहेरनुं न्यु सिविल होस्पिटल ऐशियाभरनुं मोटामां मोटुं अने अघतन साघन सामग्रीथी  सज्ज होस्पिटल छे.

आ होस्पिटलमां गुजरातभरमांथी तेमज राजस्थान, मघ्यप्रदेशमांथी पण चारण परिवारो पोताना आप्तजनोने लईने सारवार हेतु आवे छे. त्यारे सारवार दरम्यान बिमार व्यकित साथे आवेल सगा-स्नेहीऐ कयां रोकावुं ते समस्या मा सोनल कृपाथी हल थई गई छे.

सोनल विसामा माटे नवी केन्सर होस्पिटल सामे मेईन रोडनी बिलकुल नजीक त्रण माळनुं मकान हाल भाडा पेटे राखेलुं छे तेमां ददीॅना सगा-वहालाने रहेवा-जमवानी निशुल्क खरा ह्रदयना भावथी आपवामां आवती सेवा निहाळी हुं भावविभोर थई त्यां हाजर ददीॅना सगाओ कोई सुरतथी कोई अमरेलीथी, कोई मघ्यप्रदेशथी कोई राजस्थानथी ऐक कलाक जेटलो समय तेमनी साथे विताव्यो.

ददीॅओना मुख पर सेवाना लाभनो आत्मसंतोष नजरो नजर तेमनी भाषामां जोवा मळतो हतो तथा तेओ पोतानुं पण योगदान आपवा उत्सुक चारणो में जोया. मारी नजरे ऐक ददीॅना सगाऐ 2100 रुपिया रोकडा आपी योगदान नोघाव्युं. कोईनी पासे पैसा मागवामां न आवता होवा छतां स्वेच्छाऐ चारणो पोतानुं योगदान आपे छे.
बीजु किरिटभाई नोंघुनी निस्वाथॅ सेवा दाद मागी ले तेवी छे.

मारा जाणवा मुजब टुंक समयमां नवुं मकान वेचातुं राख्युं छे तेनो दस्तावेज थई जाय ऐटले तेने पण सुख सुविघाथी सज्ज बनावी समाज सेवामां उपयोगमां लेवा समाज सेवको उत्सुक छे.
आनाथी रुडुं बीजु शुं होई शके मा सोनल सौने शकित आपी आवा रुडा समाज उपयोगी कायोॅ करवानी प्रेरणा अने आत्मबळ आपे ऐवी अभ्यथॅना साथे कवि चकमक प्राथना करे छे.
जय माताजी.

कवि चकमक.

सरधार नी सिंहमोय - रचियता : कवि श्री नागदेव


आवतीकाले आई श्री सिंहमोई ( जीवणी ) माताजीनो प्रागट्य दिवस छे ते निमिते आईमांनी नी चरज माणीयें  
माडी तारी लीली रे वाडी ने लीलो तारो नेहडो ,
लीलो राखजे चारण कुळनो नेह रे सरधारनी सींहमोय .......
आइ ते तो बाकरने मारयो रे भरी बजारमां

पहेला प्रणाम पृथ्वी मातने ,
पछी लीधा काई रवेशी रवराई ना नाम रे सरधारनी सींहमोय ........
आइ ते तो बाकरने मारयो रे भरी बजारमां

आपा रे धनराज हीमत तमे ना हारसो ,
वारे तारी सिंहण जीवणी आइनो साथ रे ,
सरधार नी सिंहमोय .......
आइ ते तो बाकरने मारयो रे भरी बजारमां

माडी तमे बादशाहना चीरीने कर्या बे भाग जो .,
माडी ( एने ). उंधो रे पछाडी ने थाप्यो पीर रे सरधार नी सिंहमोय .............
आइ ते तो बाकरने मारयो रे भरी बजारमां

माडी दीकरीयु नी लाजु राखवा वेली आवजे ,,
नागदेव कहे वीलंब ना करजे मोरी मात रे सरधार नी सिंहमोय ........
आइ ते तो बाकरने मारयो रे भरी बजारमां

रचियता  कवि श्री नागदेव गढवी

पोस्ट.  मनुदान गढवी

 भुल चुक क्षमा करजो  

|| रचना-गंगा मैया || || कर्ता मितेशदान गढ़वी(सिंहढाय्च) ||

*|| रचना- गंगामैया ||*
      *|| कर्ता -मितेशदान महेशदान गढ़वी(सिंहढाय्च) ||*
       *|| छंद - नाराच(चतुष्पदी) ||*

मोक्ष मुक्तदायनी सदाने शुद्ध   मायली,
करत तप्प जप्पवट शंकरे     समायली,
धरा धरे फेलायेली प्रचंड धार  धारिणी,
नमामी मात गंग तु जगतपाप जारिणी(1)

करे किल्लोल ढंग डोल दैव वर  सारिणी,
प्रसिद्ध वेण वायका पदम प्रथम धारिणी,
अप्रम ज्ञान शान ध्यान विमलवेद वारिणी,
नमामी मात गंग तु जगत पाप   जारिणी,(2)

पाताल काल चाल जाल लाल रंग पायके,
कपिल क्रोध काल संग भु परे तू जायके,
हरे जले हजार साठ पुत्र तु    बचावणी,
नमामी मात गंग तु जगत पाप जारिणी,(3)

वीरा जणी बणी घणी पवित्र पुत्र पारिणी,
सपूत भीष्म पोषिणी प्रकृत प्राण शोषिणी,
कथित मीत गंग हे खमा घणी खमा घणी,
नमामी मात गंग तु जगत पाप    जारिणी,(4)

*🙏-----मितेशदान(सिंहढाय्च)-----🙏*

*कवि मीत*

|| नवदुर्गा आराधना || || कर्ता मितेशदान गढ़वी(सिंहढाय्च) ||

*|| रचना ; नवदुर्गा आराधना ||*
           *|| छंद- नाराच ||*
     *||कर्ता - मितेशदान महेशदान गढ़वी(सिंहढाय्च) ||*

नमामी भद्रकालिका प्रचंड मात    शैलजा,
नमामी  सिंहवाहिनी  अखंड रूप आत्मजा
नमामी तेजवाहिनी  विशालनीय  ऊर्जितं,
नमामी  कालनाशिनी  सदाभवानी पूजितं,(1)

नमामी  चक्रधारिणी प्रकोप चंड  कोपितं,
नमामी  दैतमारिणी दुताय दंड    सोपितं,
नमामी  ब्रह्मचारिणी रूपाय शक्त शारदा,
नमामी  वेद वारिणी मयासुणोय आरदा,(2)

नमामी  लोकतारिणी सुधारणाय  सर्जितं,
नमामी  शंखधारिणी निनादनाद   गर्जितं,
नमामी चंद्रघंटिकाय  शीतसोम     सर्वदा,
नमामी  रौद्रचंडीका  निशायकाल गर्वदा,(3)

नमामी कुष्मकाण्डये ब्रह्मांड राज राजिनी
नमामी  दिव्यचेतना स्वरूप मान आंजिनि,
नमामी व्योमराजिनी भुराजिनि सरोजितं,
नमामी प्राणपोषणि प्रकांड भेद भावितं,(4)

नमामी स्कन्धमात जगख्यात रूप  दैवकं,
नमामी ज्ञान कर्मरूप अग्निज्वाल   सेवकं,
नमामी   सत्यशाम्भवी तपस्विनी वृधामता,
नमामी  सुर सुन्दरी   वीणाकरे   जयामता,(5)

नमामी शुद्धक्रोधिनि अज्ञात ज्ञान  भोगणी,
नमामी  कष्टदारनी सुखांकिताय    जोगणी,
नमामी  कात्ययायनी क्रोधरूप    कालिनी,
नमामी   नम्रदायनी जगत   हेत    शालिनी,(6)

नमामी    भुवमोचिनी     बलप्रदा   माहेश्वरी,
नमामी   भव्यरूपीणी     पवित्र     परमेश्वरी
नमामी    सर्ववाहिनी    जलोदरी भवाप्रीता,
नमामी   कालरात्रिया    भयंकरा प्रकोपिता,(7)

नमामी   प्रेमवर्षिणी महामया   शाकम्भरी,
नमामी   हेतहर्षिणी  महाकुशा    शूलंधरी,
नमामी   श्वेतआननी श्वेताम्बरा   सोहावनी,
नमामी   धेनुवाहिनी  सुखायकाज पावनी(8)

नमामी  सिद्धिनायका अमर्ष द्वेष जारीणी,
नमामी  शिवस्हायका   त्रयभुवन  तारिणी,
नमामी  *मीत* मंगला  गुणाय गान   गावतं,
नमामी  नवचंडिके  नमो नमस्तु   ध्यावतं,(9)

*🙏~~~~~मितेशदान(सिंहढाय्च)~~~~~🙏*

*कवि मीत*

PSI / ASI / IO / AIO Document Verification Call Latter Start Now

PSI / ASI / IO / AIO Document Verification Call Latter Start Now

Call Latter ::- Click Here


Free Download SSC IBPS Handwritten Books in Hindi 2017



Download Quiz Material ::- Click Here


Download Current Affairs ::- Click Here



नेजाळी उजवे नोरता - कविश्री कागबापु

आजथी नवरात्रीनो पारंभ थाय छे.ते नीमीते कविश्री कागबापुनी एेक रचना माणीये


नेजाळी उजवे नोरता ...... सोनल उजवे नोरता.

माडी तारे नोरता उजववाना नीम ......नेजाळी उजवे नोरता

माडी आज पाटे पेला गणेश पधारीया ,
माडी एेना घुघरा घमक्या ने दाळदर भाग्या रे दु:ख सौ दाग्या ..... ......नेजाळी उजवे नोरता
माडी आज बीजे नवलाख लोबडीयुं टोळे वळे ,
आहळ ओपे अन्नपुंर्णा ने अंबा रे जोराळी जगदंबा ......नेजाळी उजवे नोरता
माडी तमे त्रीजे सिध्ध चोरासी तेडाव्या ,
साधु तमे वस्ती चेतावो भगवे वेश आपोने उपदेश ......नेजाळी उजवे नोरता
माडी तमे चोथे चारण वरण नोतर्या ,
माडी एेना काढ्या आळस अभिमान विध्याना दीधा दान ... ......नेजाळी उजवे नोरता
माडी तमे पांचमे बळभद्रने बोलावीया ,
माडी तमे कीधा हळधर केरा मान धोरीना सनमान ...... ......नेजाळी उजवे नोरता
माडी तमे छ्ठे भुत भैरवने भेगा कर्या ,
माडी एणे तजी बीजा खोळियानी आश वोळावया कैलाश ...... ......नेजाळी उजवे नोरता
माडी अेवा सातमे रती देव आवीया ,
माडी एेणे स्वीकार्या नारकीनो निवास पापयोनो व कुठवास ....... ......नेजाळी उजवे नोरता
माडी एेवा आठमे दानव सघळा आवीया ,
माडी एेतो जाडाने जोराळा ठीमे ठाम मदिराना लीधा जोम ......... ......नेजाळी उजवे नोरता
माडी तमे नोमे रे खांडाने खडग नोतर्या ,
माडी तमे उगार्या बकरीना मुंगा बाळ उतार्या जुना आळ........ ......नेजाळी उजवे नोरता
माडी तमे दशमे हवन होम आदर्यो ,
माडी एेमां होम्या ईर्षाने अभिमान अग्नाने मद्धपान ......... ......नेजाळी उजवे नोरता
माडी तुं जो जनमी न होत जगतमां जोगणी ,
तो हुं "काग" कोना गुण गात मारा पातक कयांथी ..... ....नेजाळी उजवे नोरता
रचयता :- कवि दुला भाया काग

सर्वे मित्रोने नवरात्री पर्वनी हार्दिक शुभकाना

26 मार्च 2017

चरज मेगेझीन मेळववानी माहिती

.                       *जय माताजी*

*चरज मेगेझीन मेळववानी माहिती*

प्रथम अंक नुं 31-12-2016 (सोनल बीज) ना रोज विमोचन करवामां आवेल बीजो अंक ऐप्रिल-2017 मां बहार पडशे

*"चरज" मेगेझीन त्रिमासिक छे. बे वर्षनुं लवाजम रु.499/ छे.*

*🔵लवाजम भरवानी माहिती*

*(1) ONLINE PAYMENT*

नाम :- NEOPULSE MEDIA PRIVATE LIMITED
बेंकनुं नाम :- SBI
CURRENT ACCOUNT NO.3309 6679 982 ,
IFS code SBI NO 0030142

ओनलाईन / चेक / केशथी पण करी शको छो.

(2) आप चेक पण मोकली शको छो

सरनामुं :-
चरज मेगेझीन
जी-1, समुद्र ऐनेकसी बिल्डीग,
सी.जी.रोड, गिरीश कोल्ड-ड्रिक्स चार रस्ता,
नवरंगपुरा, अमदावाद - 380009, गुजरात

(3) आ उपरांत आप डेबिट / क्रेडीटकार्ड के नेटबेन्किग द्वारा ईन्स्टामोजोनी लिंक https://imjo.in/BWXNs पर सिंगल क्लीकथी पण लवाजम भरी शको छो.

*🔵ख़ास नोंध*

(1) लवाजम भरेलना आधार नीचेना नंबर पर मोकलवानुं रहेशे.

(2)लवाजम भरी आपनु पुरु नाम, सरनामुं नीचे आपेल नंबर पर मोकलवानुं रहेशे.

*अन्य कोईपण माहिती माटे आप WhatsApp नंबर 9428412555 पर "चरज" नेटवर्क टीमनो संपर्क करी शको छो.*

25 मार्च 2017

Download SSC IBPS Handwritten Books in Hindi-2017

Download SSC IBPS Handwritten Books in Hindi-2017 :- Click Here

अमारी घरती कंई वांझणी नथी...!

अमारी घरती कंई वांझणी नथी...!

लोक कविओऐ अने सौराष्ट्रना साहित्यकारोऐ सौराष्ट्रनी भोमकानी पेटभरीने प्रशंसा करेल छे त्यारे वेरान जेवा भासता वढियार प्रदेशनी भोमका माथे ' ताराेरा ' गामना ' कवि मोडजी ' कहे छे, कोई नजर तो नोंघो..! तमने धणुं धणुं जोवा मळशे. आ घरती कांई वांझणी नथी.

उत्तर गुजरातना साहित्यकार ' शिवदान झुला '  ना पुस्तक ' वराणे वाग्या त्रंबाळु ढोल ' मांथी प्रस्तुत करवानुं कवि चकमक गौरव अनुभवे छे कारण के पोतानुं गाम पण वढियारने स्पशीॅने छे.

'' जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी  ''...!

जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी
अहीं घमॅ, घामो, सुरा, सत्संगी

वढियार तळमां गाम छे वराणा,
खोडियार घामे नित जमता परोणा,
महा सुद अाठमे मेळो जंगी,
जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी....अहीं...1.

आ घरामां ज वराणानी खोडीयारनां हजारेक वषॅथी बेसणां छे. ऐनी फरकती घजाने लोको श्रद्घाथी नमी रहयां छे.

पांडवो समयनी पुराणी सत्य निष्ठा,
महा लोहेश्वरनी प्रकाशे प्रतिष्ठा,
भादरवा मेळे भूत भागत घतंगी,
जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी....अहीं...2.

' लोटेश्वर ' ऐवा तळपदा शब्दोथी अपभ्रंश थयेल लोहेश्वर महादेव पांडव काळथी बिराजमान छे. जेना तापथी पाखंडिया अने भूत भागे छे.

शंखेश्वर पारसनाथना घामो,
हजारो जैन आवी त्यां करता विसामो,
उभा छे देवळो ऐकशो आठ अंगी,
जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी....अहीं...3.

जैनोनुं महातीथॅ शंखेश्वर ज्यां पाश्वनाथ भगवान अहिंसानो संदेशो अविरत आपी रहया छे .

मुजपुरमां महाराज जन्म्या गुरु गामी,
संतोना शिरोमणी सच्चिदानंद स्वामी,
हाले सवॅ दुनियामां प्रवचनो प्रसंगी,
जुओ भोम वढियार आ उमंगी...अहीं...4.

मुजपुर गाम आपणा महान संत अने लेखक सच्चिदानंदनी जन्म भोमका छे.
रामवाडीना गोदडीया महाराज, अमरापुरामां काशीगिरि, गायोनी वहारे चडनार सोलंकी युवाननी वात गौरवथी कहे छे.

छलके रसोडां नित शीरा पुरीनां,
हाले सदाव्रत हीरा पुरीनां,
रटता रामेश्वर अभय ऐकरंगी,
जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी....अहीं....5.

गहके गोदडीयानी रुडी रामवाडी,
प्राणदास बापुनां चरण ल्यो पखाळी,
तारोराना तीरे, बाला बजरंगी,
जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी....अहीं....6.

जे भोम नारायण स्वामी संचरिया,
उदार सदाराम अहीं पाव घरिया,
अमरापुरा आरे काशीगिरि नकलंगी,
जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी....अहीं....7.

सदारामे अहींनी घरतीने पावन करेल.

सोलंकी कुळनो क्षत्रिया सुरो,
चढयो घेन वारे अघॅ परणीत पुरो,
आई देवले कीघो अमर अभंगी,
जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी....अहीं....8.

कुंवर वास कीघो, शकित शेण बाई,
भरवाड नेहमां देतां वघाई,
राफु रणचंडी मा सभाई,
जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी....अहीं....9.

कुंवर गाममां शेणबाई, आई सभाई वगेरे आ विस्तारनां लोकपूज्य स्थळो अने व्यकितओ छे.

सुरा संत दातानी चालु छे सरिता,
अखंड घ्रुव घारा अमर आ अजिता,
मोड कहे महा भोम छे श्याम रंगी,
जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी....अहीं....10.

----------------------------------

ज्यां शीवदान झुला, कवि चकमक,
नित नवा साहित्य पीरसता,
रंग चडे नित नवा नव रंगी
जुओ भोम वढियारनी आ उमंगी...अहीं...!

जय माताजी.

प्रस्तुति कवि चकमक.

ए चारणनुं कर्म हतुं - पद्मश्री कागबापु

💐 *चारणकवि पद्मश्री कागबापु द्वारा रचीत त्रीभंगी-छंद* 💐

🙏🏻🙏🏻 *ए चारणनुं कर्म हतुं* 🙏🏻🙏🏻

सत् उच्चरवानुं,तप करवानुं ए चारणनुं कर्म हतुं -
जी, ए चारणनुं कर्म हतुं. (टेक)

इर्षा करवानुं,मद धरवानुं,मागण वृत्तिए फरवानुं
पर धन हरवानुं,संघरवानुं,भीखे उदर भरवानुं
घर घर फरवानुं, काम विनानुं,देवि बाळकमां न हतुं
सत उच्चरवानुं...

सदगुुण सजवानुं,हरि भजवानुं,गान मनोहर गावानुं
इतिहास कथा,शुभ राज प्रजानी,समजीने समजावानुं
आळस तजवानुं सुपथ जवानुं,शीलयुक्त द्रढ सूत्र हतुं
सत उच्चरवानुं...

मन सबर विनानुं, पशु-पंखीनी,कबर उदरमां करवानुं
दारु पिवानुं भांग मफरने,अफीण कदी कर धरवानुं
झोंका खावानुं तसगरवानुं देव तणे अंगे न हतुं
सत उच्चरवानुं...

इश्वरथी डरता,परदुख हरता,मातृभुमी माटे मरता
साचुं करता मुख उच्चरतां मन महिपतपतिथी न जरा डरता
त्रंबाळ गगडतां,सन्मुख मरता,मन कायर एनुं न हतुं
सत उच्चरवानुं...

लंपट बनवानुं,हडतडवानुं,गाेत्रज गरदन करवानुं
चाडी खावानुं,नहीं ना'वानुं,कुटुंबकलेश आदरवानुं
आमंत्रण विण पर घर जवानुं, कदीये दिल एनुं न थतुं
सत उच्चरवानुं...

निज वंश विचारी,गौरवधारी,प्रिय त्रिपुरारी संस्कारी
कविता परचारी,पर उपकारी,दक्ष विचारी, दातारी
एवा अवतारी,चारणभारी,"काग" निरखवा दिल थतुं
सत उच्चरवानुं, तप करवानुं, ए चारणनुं कर्म हतुं,
जी, ए चारणनुं कर्म हतुं...

💐 *रचना=चारणकवि पद्मश्री कागबापु* 💐

🌹 *टाइपिंग=राम बी.गढवी* 🌹
*नविनाळ=कच्छ*
*फोन नं.=7383523606*

👏🏻 *भुलचुक सुधारीने वांचवी* 👏🏻

🙏🏻 *आ छंद कागवाणी भाग-२ मांथी लीधेल छे* 🙏🏻

💐 *वंदे सोनल मातरमं* 💐

24 मार्च 2017

मोगल शासन समये गौहत्या निवारनार 'अवतार चरित्र ' ग्रंथना रचियता चारण कविराज नरहरिदानजी...!

मोगल शासन समये गौहत्या निवारनार  'अवतार चरित्र ' ग्रंथना रचियता चारण कविराज नरहरिदानजी...!

न्यायनो धंट गाये वगाडयो. बादशाह कहे गायनी शुं फरियाद होई शके ? त्यारे नरहरिदानजीऐ ऐक कवित सभामां वहेतुं कयुॅ के गायनी पण आ फरियाद छे.

अरही दंत तृण घरही, तो ही मारत न सबल कोही.
में अहॅनिश तृणचरती, बचन उचारती दीन होही.

अथाॅत : गमे तेवो बळवान माणस होय पण तेनो शत्रु ऐकवार मोंढामां धासनुं तरणुं लईने कहे छे के बस मने मारशो नहि तमारी गाय छुं. तो पेलो बळवान तेने मारतो नथी. ज्यारे हुं पोते ऐक गाय रोज खडना तरणां मोंमा लई भांभरडा नाखुं छुं. तोय मारो वघ केम ?

अमृत सम पैही श्वरी, बच्छ मोही थंभ कहावे.
हिन्दु ही अमृत देत, कटु तुरकेन नही आवे.

अथाॅत : मारा आंचळमां अमृत समान दूघ सदैव झरे, मारा बचडा बळद खेतीना थंभ गणाय. वळी मारुं दूघ हुं हिन्दुओने मीठुं अमृत जेवुं अने मुसलमानने कडवुं आपुं ऐवो भेद अमारे अबोल जानवरोने पण नथी. त्यारे तम मानवीओने आवो भेदभाव शामाटे ?

नरहरि कहंत अकबर सुनो, विनवे गौव जोरे करन,
अपराघ कौन मोरा मारीयात, चाम मोरी सेवत चरन.

कविराज नरहरिदान कहे छे के अकबर गाय तने विनवे छे के मारा मृत्यु बाद मारां चामडाना जोडा लोकोना पगनी रखवाळी करे छे. तोय मारो शुं अपराघ छे. के मारो वघ करवामां आवे छे.

अाटलुं सांभळता ज नरहरिदानना शब्दो अकबरना हैये कोतराई गया, अकबरना मनमां गायो पर करुणा भराई आवी अने कहेवाय छे के बादशाह अकबरे ऐ ज समये ऐना राजमां गौहत्या पर प्रतिबंघ जाहेर कयोॅ हतो.

नोघ : चारण अस्मितामां जांहगीरनुं नाम आवे छे. मने ऐक लेख मळ्यो ऐमां अकबर नाम आवे छे.

कवि चकमक पण सौने अरज करे छे कारण हुं पण ऐक चारण छुं. कोई पण जीवनी हत्या करवानो आपणो अघिकार नथी. कोईनुं जीवन आपी नथी शकता तो अबोल पशुनुं जीवन निदॅयताथी लेवानो तमने शुं अघिकार छे ?

जय माताजी.

प्रस्तुति कवि चकमक.

Gujarat Post Department Recruitment-2017

Gujarat Post Department Recruitment-2017

More details ::- Click Here

चारण कवि प्रविणभा मधुडा रचीत हिंगळाज मांनोभाव

💐 *चारण कवि प्रविणभा मधुडा रचीत हिंगळाज मांनोभाव* 💐

.               *|| दोहो ||*

*मोटी छो तुं मलकमें,राखणहारी लाज*
*लाज 'प्रविण' के राखजे,हरदम तुं हिंगळाज*

🙏🏻 *ढाळ=अवघोळनी छे आंटी* 🙏🏻

मुळीया सोतो उखाडी,डुंगर उपाळी डाडी(२)
हिंद आव्यने हेताळी रे,हिंगोळ माडी (टेक)

शक्ति त्यांथी सिधावो,आयल हिंद आवो(२)
मां मेर्य वरतावो रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

तुं थाइश नइ खोटी,तारे वात नथी मोटी (२)
दे सिमाओ वळोटी रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

पाकेथी मां पधारो,वंश वाडीयुं वधारो (२)
शैतानने संहारो रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

तारा स्नेहनो छे त्रोटो,कां अइ अमाणे ओटो (२)
ताेय मां भरोसो मोटो रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

सरहद नखाणी आडी,आविये केम माडी (२)
थाक्या छी राडु पाडी रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

माफी दो कां तो मारो,व्रण चारण छे तारो (२)
एने कळीयुगथी उगारो रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

बगीचा अमाणा बंहेके,गळाओ छंदे गंहेके (२)
मलकमां बधा मंहेके रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

रदयथी थइने राजी,मलकमें आव माजी (२)
केवी न वात जाजी रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

हवे आव्य तो हेताळी,हरखे हिंदनी हरीयाळी (२)
वधावे चारण वाडी रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

सुख समृद्धि समरपे,तारो होय कर शिरपे (२)
पशे घातनो रीये घरपे रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

आयल अमाणी अरजे,चारण 'प्रविण' चरजे (२)
फोरम थइने फरजे रे,हिंगोळ माडी
मुळीया सोतो उखाडी....

💐 *रचना-चारण कवि प्रविणभा मधुडा* 💐

🌹 *टाइपिंग-राम बी. गढवी* 🌹
*नविनाळ- कच्छ*
*फोन = 7383523606*

🙏🏻 *आइश्री सोनल वंदना बुकमांथी लीधेल छे* 🙏🏻

👏🏻 *भुलचुक सुधारीने वांचवी* 👏🏻

💐 *वंदे सोनल मातरमं* 💐

PSI-ASI Exam cut off Declared

PSI-ASI Exam cut off  Declared

More Details ::- Click Here

23 मार्च 2017

#सोनल_स्वमान_अभियान










सहीदो ना सरदार रचना: जोगीदान गढवी(चडीया)

🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
*भगतसिंग ने हजारो वंदन....*

*पाक्यो भड प्रथमी परे. भारत मेटण भार*
*जवां मरद ईक जोगडा.सिंग भगत सरदार.*

.            *||  सहीदो ना सरदार  ||*
.           *रचना: जोगीदान गढवी(चडीया)*.
*(राग : एकली उभी कोई अटुली एक अयोध्या नी नार......)*

*भार उतारण भारती मां नो.उतर्यो तुं अवतार*
*गाम बंगा ना बंकडा बेली.वंदीये वारम वार ...........टेक*

*छोडी निहाळुं ने छेक तुं पोग्यो.जलीया वाले ज्यार.*
*बेनडी ने राती रेत बतावी.धधकी आंसु धार.......01*

*तिरछी टोपी ने वांकडी मुछो.सोभीयो तुं सरदार.*
*उंघ भागी अंगरेज नी तारो.भय एवो भेंकार.......02*

*लालाजी ने ज्यारे लाठीयुं वागी.उकळ्यो तुं अणपार.*
*सार्डील ने ते शेरी वचाळे.ठेकी ने मारेल ठार.......03*

*एसेम्बली मां तुं आवीने उभो.दारु गोळे दळ दार.*
*काळ समो विंण थडके काळज.म्रद तुं विर मुछार ....04*

*राम बिस्मील ने राज गुरु वळी. सुखदे ने सुंणनार.*
*आझाद ने तारी ओथ हती ते. पेलो गीयो पर वार......05*

*फांसीयुं सुंणी ने फाळ पडी थ्यो हींन्द मां हाहा कार.*
*भारत आखुंय भड़की उठ्यु. लाहोर थ्यो ललकार......06*

*किशन सिंग नुं कुळ उजाळ्युं. सहीदो ना सरदार.*
*व्हाली जनेता ई विध्यावति ने. जोगी दान जुहार......07*

*जोगीदान गढवी (चडीया) कृत*
*मो.नं.989836 0102*

*सहीदो ना सरदार.सरदार भगतसिंग ने भावांजली.*
🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Sponsored Ads

ADVT

ADVT