.

"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

WhatsApp Update

.

Notice Board


Sponsored Ads

Sponsored Ads

Sponsored Ads

31 अक्तूबर 2015

|| सेंण कजे सणगार सजे || रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)

.                 || सेंण कजे सणगार सजे ||
.          रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)
.                  छंद: गीरधारी त्रोटक
.   ( गीरधारी= स,न,य,स./ त्रोटक= स,स,स,स)
पग घुंघर फोलरी बिछीया नेवरी, आवल ने पगपान कडा
चिप चौपलि झांझर तोडोय पायल, टणका फुलडी छेड छडा.
पद पातळी पाजेब मोरपखो, ओली हीरण नैंण न ताल तजे
जोगीदान अती गुंणवान त्रीया नीज सेंण कजे सणगार सजे.||01||
(गुंणीयल त्रीयाये जे पगमां  सणगार सज्या छे ते.. घुंघर,फोलरी,बिछीया,नेवरा,आवला,पगपान,कडा,चिप,चौपली,झांझर,तोडा, पायल,टणका,फुलडी, छेड, छडा,पद पातळी (सेर) पाजेब, मारपखो (सवेंटीया)अने  हीरण नैंण,..आटलुं पगमां पेहर्युं छे..)
हथ मुंदडी विटीयुं पांचियां कंगन,चुडीय बंगडी हाथ चुडा.
हथ फुल अंगुठीय अरसी गोखरु,राखडी बोर थी खुब रुडा
बाजुबंध अणात फुदां टहडां, हथ पांन ने डोरणी धोप हजे.
जोगीदान अती गुंणवान त्रीया नीज सेंण कजे सणगार सजे.||02||
(सेंण काजे त्रीयाये हाथमां..मुंदडी, विंटियु,पांचीया,(पंजो) कंगन,चुडीयु,बंगडी,हाथ चुडा,हथ फुल,अंगुठी, अरसी, गोखरु,राखडी बोर,बाजुबंध,अणात,फुदां, टहडा, हथपान,डोरणी,अने धोप..आटला सणगार हाथमां सज्या छे)
अती नाजुक केड्य पे कंणधनी,वळी पंचतडी रटकां परती
जुडो हेम कंदोरो ने जंजीरीयुं, कंणकंती न चंपकली करती
ऐनी नांभीये मोती ने वाळो झुलो,वळी त्रागडी मंडली केम तजे.
जोगीदान अती गुंणवान त्रीया नीज सेंण कजे सणगार सजे.||03||
(सोहागण सुंदरीये तेनी तेनी अती नाजुक कमर पर..कंणधनी,पंचतडी,राटका, जुडो, कंदोरो,जंजीरीयां,कंणकती,चंपकली,तथा नांभी मां वाळो(सोनानो) परोवेल जेमां मोती लटके छे..तथा त्रागडी (तगडी) अने मंडली ने पण कमर पर सज्यां छे..)
हिये कंठीय हार ने हांहडीयुं,माळा मंगळ सुत्तर मादळीयां
बोर हुरसी डोकीयां हैहलीया, वळी हालरो झालर हादळीया
तुलसी तिमडी बिजमाळ मगां,गळे खेंगळ मट्टर माळ गजे
जोगीदान अती गुंणवान त्रीया नीज सेंण कजे सणगार सजे.||04||
(ई गुंणीयल रंभा ये..पोताना हैया पर..कंठी,हार, हांसडी, माळा, मंगळ सुत्र,मादळीया,बोर माळा,हुरसी ,डोकीयां, हैहली, हालरो, झालर, तुलसी, तिमडी, बिजमाळ (बिजना चंद्र जेवो हार) मगमाळा, खेंगाळी, अने मटर माळा..वगेरे सणगारो हैया पर गळा मां धारण कर्या छे...)
सजी कांन सुरेलीय ओगणीया वळी ऐरींग टोप ने वालरीया
झेला झुमखा झुम्मर ने झुमणा,टोटी टोप अकोटा ने टालरीया
कर्ण फुल ने कुंडळ ने कडीयुं, लळता लटकाणीया जाय लजे.
जोगीदान अती गुंणवान त्रीया नीज सेंण कजे सणगार सजे.||05||
(सोहागण सुंदरी ये कानमां जे सणगार सज्या ते..सुरेलीया,ओगणीया,ऐरींग,टोप, वाली,झेला,झुमखा, झुम्मर,झुमणा, टोटी, टोप, अकोटा, टालरीयुं, कर्णफुल, कुंडळ, कडीयुं, लटकणीया, ..वगेरे सणगार कांने  सज्या छे..)
चुंप रस्सण रवोय दांत चढ्या, वळी नथ्थणी डांमणी नाक नथा.
लुंग वल्लनी फींणीय चुंक धरी,तापे कांटोय दांणोय नेह कथा.
टीको चांदलो मांग ने शिसफुलां,बिंदी भाल मे टीलडी नाथ भजे.
जोगीदान अती गुंणवान त्रीया नीज सेंण कजे सणगार सजे.||06||
(सौदर्य मुरती रमणीये ..पोताना दांत पर सोनाना चुंप,रसण,अने रवो मढ्यो छे..नाके..लुंग, वलनी,फिणीं, चुंक,कांटो, अने नंगवाळो दांणो..धारण कर्युं..अने कपाळ मां..टीको,चांदलो,मांग, शिसफुल, बिंदी, अने टीलडी लगावी छे जे नेह थी ऐना नाथ ने ऐना प्रियतम ने भजी रही छे..)
माथे राखडी बोर ने सांकळीयुं, सणगार सज्यो ईती सुंदरीये.
ऐनो वाल्यम आज विदेस वळ्यो, दील देह झुले मधरा दरीये.
धणुं हेत करी धुमती झुमती ज्यारे बारणे प्रित टकोर बजे
जोगीदान अती गुंणवान त्रीया नीज सेंण कजे सणगार सजे.||07||
( वाल्यम नी वाट जोती वनीता..माथा मां राखडी बोर, अने सांकळी नो सणगार सजी ने विदेस थी परत फरी रहेल पियु नी राहमां बेठी छे..तेनो प्रियतम अने पोताना हैया ना भाव बंन्ने मधरा मधरा दरीया ना हीलोळे चड्या छे..पण ज्यां पोताने बारणे प्रितना टकोरा थया त्यांतो बाई..अती हेत थी जांणे धुंमवा मांडी छे...)
रचना: जोगीदान गढवी (चडीया) कृत " सृंगार सप्तक"
मो.नं. 9898 360 102
मारा मोबाईल नंबर नी पाछळ आवता त्रण आंकडा" 102 " आवे छे..माटे उपरोक्त रचना मां में स्रीयो ना गरेणा ना नाम पण 102 लीधां छे..वधु आभुषणो नां नाम आपने ध्यान मां होय तो जणावशो...जेथी अमुक आभुषणो नो भुतकाळ नो भव्य वारसो काव्य मां जीवीत रहे...


जुनियर विभागनुं परिणाम

.        जय माताजी
------------------------------------------
स्व. रामभाई करमणभाई गेलवा चेरीटेबल ट्रस्ट आयोजित
लोक गायक कच्छ-2015
_________________________
आजे ता.31-10-2015 ना रोज श्री लक्ष्मण राग चारण बोर्डिंग मांडवी खाते जुनियर विभागनो ऑडीशन हतो.

जुनियर विभागनुं परिणाम नीचे मुजब छे.
➡ जुनियर विभागमां कुल रजीस्ट्रेशन करावेल उमेदवारोनी संख्या - 100
➡ हाजर रहेल उमेदवारोनी संख्या - 85
➡ तेमांथी पास थयेल उमेदवारोनी संख्या - 29

➡ जुनियर विभागना ऑडीशनमां पास थयेल उमेदवारोना नामोनी यादी नीचे मुजब छे.

क्रम               नाम                 गाम
1  हर्ष भीखुभाई               - आदिपुर
2 धीरजभा दिनेशभा         - भचाउ
3 सभाई वरजांग              - मोटा भाडिया
4 विरम भारमल              - मोटा भाडिया
5 जीवण हरि                  - मोटा भाडिया
6 विरबाई वालजी            - मोटा भाडिया
7 क्रिष्ना माणेक             - मोटी उनठोड़
8 राज अनिल                 - रामपर वेकरा
9 गौरव राजभा               - गांधीधाम
10 पुनशी शिवराज          - झरपरा
11 देवश्री राम                 - मोटा करोडीया
12 मोहन खीमराज           - भाड़ा
13 जयश्री सामत              - भाड़ा
14 सचिन डोसा                 - भाड़ा
15 किरण महेश                - काठडा
16 अंकित महेश               - काठडा
17 मिरल देवराज              - काठडा
18 वंदना राणशी               - काठडा
19 सुरेश भीमशी               - काठडा
20 जानवी भोजराज          - काठडा
21 डिम्पल रतन                - शीरवा
22 पुनम गोविंद           - कन्या छात्रालय मांडवी
23 मधुबेन विश्राम              - मोटा लायजा
24 सोनल शिवराज             - मोटा लायजा
25 नागश्री खीमराज           - हालापर
26 देवल वालजी               - रायण
27 बलराम पुनशी             - भुजपुर
28 राजेश सामत।             - भुजपुर
29 पुनशी पालु                 - मोटी खाखर

➡ ता.01-11-2015 ना रोज सीनीयर विभागना उमेदवारोनुं ओडीसन छे
समय :- 9-00 कलाके
स्थळ :- श्री लक्ष्मण राग चारण बोर्डिंग मांडवी कच्छ

वधारे माहिती माटे संपर्क :-
भावेशभाई काठडा - 9825770692
हरजीभाई काठडा - 9979252911

टाईप :- www.charanisahity.in

     वंदे सोनल मातरम् 

30 अक्तूबर 2015

चारण कवि श्री अविचळदान महेडु

चारण कवि श्री अविचळदान महेडु----- जय माताजी
(વેજાંધ વીરો લાડકો)
આપણા ચારણ સમાજ ના લાડકવાયા અને નવ યુવાન (કચ્છી માડુ) વેજાંધ ગઢવી ઉપર લખેલ મારા ભાવનું નાનું નઝરાણું હું આપના કળ કમળમાં આપના મોબાઇલ/લેપટોપ/કોમ્પ્યુટર ધ્વારા ઇન્ટરનેટ ના માધ્યમ ધ્વારા શ્રીમાન વેજાંધ ગઢવી એ લોંચ કરેલ વેબ સાઇટ www.charanisahity.in
ધ્વારા આપના ચારણ ચક્ષુ/સાહિત્ય પ્રેમી ચક્ષુ સામે મુકું છું.
ટેક ઃવેજાંધ વીરા ઘોડલા હળવે હળવે હાંક,
વેજાંધ વીરા ઘોડલા હળવે હળવે હાંક,
તારા ઘોડાને નથીએ થોડોય થાક,
તારા ઘોડાને નથીએ થોડોય થાક,
તારા ભેરો રે મનુદાન મોઝીલો હો રાજ..(૧)
તારા ઘોડાને નથી આ ચારે પગ,
તારા ઘોડાને નથી આ ચારે પગ,
તો પણ તું નીસરો દુનીયા દેશમાં માણા રાજ..(૨)
બેઠો તું જો કોમ્પ્યુટર કી બોર્ડ માથ,
બેઠો તું જો કોમ્પ્યુટર કી બોર્ડ માથ,
તારો ઘોડો રે દોડો વેબસાઇટ ના મારગે માણા રાજ..(૩)
એક હાથે માઉસ ઝાલતોને બીજા હાથે સોનેરી કલમ,
એક હાથે માઉસ ઝાલતોને બીજા હાથે સોનેરી કલમ,
એકવીસમી સદીએ પોચો ચારણ યુવાનડો માણારાજ રાજ..(૪)
ધન્ય ધન્ય તારા મા-બાપને આજે,
ધન્ય ધન્ય તારા મા-બાપને આજે,
તમારા ખોળલા ખુંદી ઉછરો વેજાંધ માણારાજ..(૫)
કવિ અવિચળ તારા કેટલા કરે વખાણ,
કવિ અવિચળ તારા કેટલા કરે વખાણ,
આતો જગદંબાના આર્શિવાદ ઉતરા માણા રાજ..(૬)
હરિ ઓમ તત્ સત્ જે માતાજી.
चारण कवि श्री अविचळदान महेडु
avichalgadhavi@gmail.com
Mobile No. 74053 59042
અવિચળ ગઢવી (લોક-વાર્તાકાર/ગીતકાર), ગાંધીનગર.

|| खोड़ल तार खेल || रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)

©             || खोड़ल तार खेल ||
.        रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)
पोगेय तुं  पताळमां,  गगने करती गेल.
जोया चारण जोगडे, खोडल तारा खेल.||01||
(हे मा खोडल..तुं पलक मां पाताळे पोगे तो बीजी क्षणे गगन मां गेल करती होय..तारा खेल ने अमे जोई शकीये पण एनो पार न पामी सकीये)
मामडीया मादा तणी, आठेक सदीये आई
जो वढीयारे जोगडा, राज थळां नी राई.||02||
(हे मामडीया मादा चारण नी दीकरी मां खोडल.. राजस्थान नी धरती परथी तुं वढीयार नी धरा पर आशरे आठमी सदी मां दरसाई )
आवड खोडल आवियुं, सातेय बेनड साथ
जननी जायो जोगडा, हाड मेरखियो हाथ.||03||
(मां खोडल ने आवड वगेरे सातेय बेनुं अने साथे हाड वालो भाई मेरखीयो पण हारे हतो..)
डसीयो वीर ने डोकरी, नफ्फट काळो नाग
जानल हाली जोगडा, ताण लियां घर ताग.||04||
(ज्यारे ते धरती पर वीर मेरखिया ने सर्प दंश थयो त्यारे हे मां खोडल त्यारे तारुं नाम जानल हतुं तुं घरणी नो ताग लेवा पाताळे पोगी..)
आवड वीर अहांगळे, (थोडु) मांठुंय बोली मां
जानल पग मां जोगडा,(के )कर खोडी थई कां.||05||
(वीर मेरखीया नो घरती पर ढळेलो देह जोई ने विर नो अहांगळो करती मां आवड जानबाई ने आवतां वार लागेल जोई ने थोडुं मांठुं बोल्यां..के जानल खोडी थई के शुं??)
आँयां सूरज उगशे, (ऐवी) जो थई आवड जांण
(त्यारे)जटक्यो छेडो जोगडा, भोंय गरीग्यो भांण. ||06||
(हमणां सूरज उगशे अने भाई ने भारे पडशे ई जोगमाया आवडने जांण थतां भेळीया नो छेडो झटक्यो अने सुरज पाछो भुमी मां गर्त थयो..)
अमियल कुंपो आंणीयो , व्रांणा धर वढीयार
जानल त्यांथी जोगडा, खोड थतां खोडीयार.||07||
(अमिनो कुंप लई ने मां जानल आव्यां पण मां आवड ना वेंण हतां के क्यांय खोडी थई के शुं?? माटे मां जानल ने खोड थई अने त्यारथी ते खोडीयार तरीके (हालना वरांणां वढीयार थी) प्रसिद्ध थयां..)
आवड खोडल उरथी, वड़ दियुं वरदान
मोटी खोडल मावडी, जग पर जोगीदान.||08||
( त्यारे मां खोडीयार ने भगवती आवडे वरदान आप्युं के भले जन्मे हुं मोटी छुं..पण जगत तने मोटी मानशे..)
नई दउं आवड नाम हुं, धीडीयुं मामड धार
जानल खोडल जोगडा, वर आंणा वढीयार.||09||
( मां आवडे खोडल ने वरदान आप्युं के हुं ज्यां पण रहीश मारुं नाम आवड तरीके नही आपुं..जेथी जगत मां मारी बेन खोडीयार नुं नाम मोटुं थाय...जेना द्रस्टांत रुप आप जोई शको छो के राजस्थान मां जेटलां पण आवड ना मंदीर छे..तेनां नाम आवड नही पण..भादरीयाजी..तनोट राय..तेमडाराय..बेडाराय...चाळकनेसी ..वगेरे थी पुजाय छे..आ वर(वरदान)आंणा (मेळव्युं) ते धरती ऐटले वरांणा(वरआंणा)..)
अमरत खातां उठीयो, मेरखीयो दई मट्ट
जेर उतरतां जोगडा, तोगड दे तलवट्ट.||10||
(अमि कुंपा थी उठी ने वीर मेरखीयाये.आंख खोली..त्यारे नानी बेन तोगडे तलवट्ट लावी ने भाई ने खवराव्या...आ प्रसंग नी यादी मां आजे पण माताजी ने (भाई मेरखीया माटे) तलवट धराववा मां आवे छे जेने ते लोको घांणी कहे छे..जेमां तल अने गोळ खांडेला होय छे...आ स्थळ सिवाय बिजे कोई मंदीरे खोडीयार ने तलवट नथी देवाता..)
फरती भाळी फुनडे, भोळ गोवाळे भोर
जोगण खोडल जोगडा, दुधड नेहे दोर.||11||
(नजीक ना  दुधड नेह ना भोळ गवाळ फुनडा ने पोते त्यां होवानी खात्री आपी अने भोळ गवाळ  फुनडाये माताजी खोडल ने अहीयां भाळी ..पछी माताजी नुं तथा माताजी ना भाई मेरखिया क्षेत्रपाळ नुं त्यां स्थापन करायुं ईस.1365 ने आसो सुद अस्टमी ने रविवारे...)
आंम मॉं जानल  नुं नाम खोडीयार थवुं, मॉं आवड नुं वरदान, तथा उगता सुरज ने रोकवा नी घटना ना साक्षी ऐवा वरांणा नी धरती ने मारां वंदन छे..
रचना: जोगीदान गढवी (चडीया) मो.नं. 9898 360 102


28 अक्तूबर 2015

मध्य गुजरात चारण-गढवी समाज द्रारा समूह लग्ननुं आयोजन

चारण प्रतिभा एवॉर्ड




गंगासती ना भजनों


        गंगासती ना भजनों  Click Here 

वाला तेदी ध्रुजशे वाणी

जय माताजी
आजे कागबापुनी ऐक रचना माणीये
        वाला तेदी ध्रुजशे वाणी
वाला तेदी ध्रुजशे वाणी प्रभु तने पूछशे प्राणी .... टेक
आंख दीधी ऐने ओळखवाने शुभ जोवाने काज
ऐ दोष जोया दुनिया तणा रे (ते तो) ऐवुं कर्युं अकाज
सदा रह्यो नेण चडावी निर्मळता आंखमां नावी .... वाला
कर दीधा तने सुकृत करवा दीनने देवा दान,
ऐ भजीआ नहीं भगवानने रे (ते तो) झाझा लीधेल जान,
हाथे हराम तें चाख्यां माळा साथे रूसणां राख्या ..... वाला
जीभ दीधी जपवाने कारण केवाने रूडां केण,
ऐ वेण थकी गळां वाढिया रे तारी जीभ बनी जीवलेण,
ऐने हराम चखाडयु बीजानुं बहु बगाडयुं .... वाला
ओचिंताना जम आवशे त्यारे रेवा नहि दे रात,
ऐ सांज बपोरे साचवीने वळी प्रेम थकी परभात,
हजी मन भज हरिने हैया मध हाम धरीने ... वाला
काम कर्या तें कोप करामण जीव हवे तुं जाग,
ऐ ऐक दी तारे उठवुं जोशे कांक करी लेने "काग"
गुना तारा माफ़ ऐ करशे दयाळु छे. दिल नव धरशे ....वाला
रचियता :- दुला भाया काग (भगत बापु)
टाईप :- www.charanisahity.in
            9913051642
         वंदे सोनल मातरम् 

27 अक्तूबर 2015

चारण-गढवी लोक गायक कच्छ-2015

.           जाहेर आमंत्रण
            _____________
स्व.श्री रामभाई करमणभाई गेलवा चेरीटेबल ट्रस्ट आयोजीत
चारण-गढवी लोक गायक कच्छ-2015
जुनियर विभाग

    ➡ उमर :- 6 थी 15 वर्ष
    ➡ जन्म ता.01-10-2000 थी 01-10-2009 सुधी
    ➡ ओडीसन ता.31-10-2015
    ➡ समय :- सवारे 9-00 कलाके

सीनियर विभाग
     ➡ उमर :- 16 थी 28 वर्ष
     ➡ जन्म ता.01-10-1987 थी 01-10-2000 सुधी
    ➡ ओडीसन ता.01-11-2015
    ➡ समय :- सवारे 9-00 कलाके

स्थळ :- श्री लक्ष्मण राग चारण बोर्डिंग लायजा रोड मांडवी-कच्छ

ख़ास नोंध :- लोक गायक कच्छ-2015 मां भाग लेनार उमेदवारो ऐ समयसर हाजर रहेवुं.

वधारे माहिती माटे संपर्क :-
  भावेश गढवी - काठडा - 9825770692
  हरजी गढवी - काठडा - 9979252911

                निमंत्रक
            
श्री विजयभाई के.गेलवा - ट्रस्टी श्री
श्री प्रभुभाई आर.गेलवा - ट्रस्टी श्री
श्री ईश्वरभाई ऐ.मधुंडा
टाईप :- www.charanisahity.in
             || वंदे सोनल मातरम् ||



26 अक्तूबर 2015

युवा महोत्सव-2015

.        जय माताजी
कच्छ जील्ला कक्षानुं युवा महोत्सव-2015
_____________________________
युवा अने सांस्कृतिक विभाग गांधीनगर अने जील्ला रमत-गमत कचेरी भुज-कच्छ द्रारा ता.25-10-15 ना रोज ऐम.ऐस.वी.हाईस्कुल माधापर खाते जील्ला कक्षानो युवा महोत्सव-2015 नो आयोजन करवामां आवेल.
युवा महोत्सव-2015 मां कच्छ चारण-गढवी समाजना युवानो नीचे मुजबना विजेता थई समाजनुं गौरव वधारेल छे.
प्रथम नंबर विजेताओ
---------------------------
क्रम      स्पर्धानुं नाम         विजेतानुं नाम
1   दुहा-छंद-चोपाई - करशन गढवी - मोटा भाडिया मांडवी कच्छ
2  लोक वार्ता - ईश्वर गढवी - काठडा ता.मांडवी कच्छ
3 लोकगीत, लग्नगीत - महेशदान गढवी  - रापर-कच्छ
हवे आ विजेताओ प्रदेश कक्षाना युवा महोत्सवमां भाग लेशे.
प्रथम नंबरे विजेता थयेल तमामने खूब खूब अभीनंदन अने प्रदेश कक्षाऐ पण सफळता प्राप्त करी समाज अने पोताना परिवारनो नाम रोशन करो ऐवी मां भगवती पासे प्रार्थना
➡ हजी कोईना नाम रही गया होय के नाममां भूल होय तो आ नंबर 9913051642 (वेजांध) पर जाण करवा नम्र विनंती छे.
आ माहिती आपवा बदल श्री करशनभाई नाराणभाई  नो खूब खूब आभार
टाईप :- www.charanisahity.in
Forward To All Friends & Groups
        वंदे सोनल मातरम्  

ब्लॉग

.        जय माताजी
www.charanisahity.in
➡ सर्वे ज्ञातिजनो ने जणावतां आनंद थाय छे के आज ना दिवसे चारणी साहीत्य ब्लॉग शरू करीने ईन्टनेटना माध्यमथी माहिती आपवा माटे नानकडो प्रयास करेल हतुं.
➡ मां भगवती सोनल अने कुळदेवीमां मोमायना आशीवार्द तथा वडीलोना आशीर्वाद अने बधा भाईओ ना सहकारथी आजे आ ब्लॉगने 1 वर्ष पुरो थाय छे.
➡ आप सौ मित्रोना संयोगथी चारणी साहित्य, भरतीना समाचार,अवनवा समाचार वगेरेनी जाणकारी मळी रहे ते माटे मारा तरफ नानकडो प्रयास करेल छे.
➡ हेतु :- आ ब्लॉगना माध्यमथी युवानोने भरतीनी माहिती आपवी अने चारणी साहित्यनुं प्रचार प्रसार करवुं, संगठन करवुं, साहित्यनुं जतन करवा आ नानकडू प्रयास करेल छे.
➡ ब्लॉग शरू 26-10-2014
➡ ब्लॉगना कुल मुलाकातीयो - 1,13,092
➡ ब्लॉगनी मुलाक़ात लेनार दरेक मुलाकातीओनो खूब खूब आभार
➡ आ ब्लॉग बनावी आपनार मारा परम मित्र श्री पुरणदास गोंडलियानो खूब खूब आभार (http://www.pgondaliya.com)
➡ आ ब्लॉगनी मुलाक़ात लेंनार तथा संयोग आपनारानो हूं खूब खूब आभार मानु छु.
➡ आ ब्लॉग माटे आपना सुचन अने प्रतिभाव अवकार्य छे.
➡ आप आ ब्लॉगना माध्यमथी चारणी साहित्य, सारा लेख, कविता, समाचार के अन्य माहिती आ ब्लॉग पर मुकवा मांगता होय तो
vejandh@gmail.com
9913051642 पर मोकली शको छो आ माहिती मोकलनारना नाम साथे मुकवामां आवशे.
➡ तमारा वोटसेप नंबर पर चारणी साहित्य ब्लॉगना अपडेट तमारा नंबर पर मेळववा माटे   आ नंबर 9913051642 सेव करी तमारू नाम अने सरनामु लखी मेसेज करो
      www.charanisahity.in
      वेजांध गढवी
      मोटा भाड़िया ता.मांडवी-कच्छ
       9913051642
        सहकार माटे आभार
Forward To All Groups & Friends
       वंदे सोनल मातरम् 

25 अक्तूबर 2015

ऑडियो राम कथा चोटिला



1- DEVRAJ GADHAVI(NANO DERO) - KUTCH

  1. PART-1
  2. PART-2     

2- KIRTIDAN GADHAVI

3- LAXMAN BAROT




मोगल भैरवी रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)

.               || मोगल भैरवी ||
.     रचना: जोगीदान गढवी (चडीया)
.    राग: कसुंबीनो रंग/वाया विरम गाम
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ...टेक.
हे ऐवा घांघणीया देवसूर चारण घर चंडीका..जनमी तुं सगती जोराळ...
हे ऐवा भव भव ना भरियेला भावो लई भेळा मां..छोरुं नी लेजे संभाळ..
हे ऐवी चारण गण चरताळी..माता तुं ममताळी..हैया नी भाळी हेताळ....
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ....(०२)....||01||
हे ऐवा कांकण ने भेळीयो ने.. सोयरो रे सोहतो..नव खंडे तारो नेजाळ..
हे ऐवी खुल्ली लट काळीयुं ने तरवारा ताळीयुं..कर मां ते दुशमन नो काळ...
हे ऐवा दैत्यो ने डमवा ने..रण घेली रमवा ने..परगट छे तुंरे परचाळ..
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ....(०२)....||02||
हे ऐवी डणकंती डुंगरे ने..गजवे तुं गाळीया..घड़कावे घरणीं घ्रुजाळ..
हे ऐवा खांडा तरहूर लई खेले तुं खल्लक मां..मल्लक मां माडी मुछाळ...
हे ऐवी अहूरो पर अट हांसे..वेरी ना दळ वासे..व्रेमंडी खेले विकराळ...
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ....(०२)....||03||
हे एवा झणणणणण झांझर ने.,नैपुर रणकार मात..खणकंतो कांबी खणकार..
हे ऐवा धणणणणण धरणी ने ..अंबर पण ध्रुजता..थातां तुज पग नो थड़कार..
हे ऐवी जगदंबा जयकारी..अंबा तुं अवतारी..वारी हुं चारण विगताळ..
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ....(०२)....||04||
हे ऐवुं ओखाधर ओपतुंय थानक थड़ थाहरुं..रांणेहर रुडुं रढीयाळ..
हे ऐवा चारण जोगीदानो हैया थी चिंतवी..ढुकडुं मा तारे ढेढाळ..
हे ऐवी ब्ह्रंमांडे भमनारी.. संचालन करनारी..अंबर धरणी ने पाताळ..
हारे मात जय जय जय मोगल मछराळ....(०२)....||05||

चारण चंडीका भगवती मोगल ना जन्म दीन नी समस्त मोगल छोरुं ने शुभःकामना...सह मोगल वंदन...

24 अक्तूबर 2015

लश्करी भरती मेळो - जामनगर

लश्करी भरती मेळो


05- ओकटोबर-2016 थी 25 ओकटोबर-2016

आर.आर. लालन कॉलेज भुज-कच्छ खाते लश्करी भरती मेळो योजाशे

ऑनलाईन फॉर्म शरू तारीख :- 06-08-2016

छेल्ली तारीख :- 20-09-2016

ऑनलाईन फॉर्म भरवा माटे :- Click Here
टाईप :- www.charanisahity.in

आ पोस्ट फॉर्वड करजो कोईनुं कॅरियर बनी जाशे


               वंदे सोनल मातरम्







वधारे माहिती माटे (PDF FILE)  :- Click Here

आ पोस्ट फॉर्वड करजो कोईनुं कॅरियर बनी जाशे

               वंदे सोनल मातरम्


.    लश्करी भरती मेळो - जामनगर
--------------------------------------------------
ऑनलाइन फॉर्म भरवाना चालु छे
www.joinindianarmy.nic.in
➡ जग्यानुं नाम :-
(1) सोल्जर जनरल डयूटी(GD)
___________________________
     लायकात     :- धो.10 पास
     ऊंचाई         :- 168 से.मी
     वजन          :- 50 किलो
     उमर           :- 17.5 थी  21 वर्ष
(2) सोल्जर ट्रेंडसमेन
___________________________
     लायकात     :- धो.10 पास / 8 पास / ITI
     ऊंचाई         :- 167 से.मी
     वजन          :- 50 किलो
     उमर           :- 17.5 थी  23 वर्ष
(3) सोल्जर टेकनिकल
___________________________
     लायकात     :- धो.12 सायन्स,फिजिक्स,मेथ्स,केमेस्ट्री 45 % साथे पास
     ऊंचाई         :- 167 से.मी
     वजन          :- 50 किलो
     उमर           :- 17.5 थी  23 वर्ष
(4) सोल्जर क्लार्क
___________________________
     लायकात     :- धो.12 पास
     ऊंचाई         :- 167 से.मी
     वजन          :- 50 किलो
     उमर           :- 17.5 थी  23 वर्ष
➡ अरजी केवी रीते करवी :-
________________________
     www.joinindianarmy.nic.in
पर ओनलाईन फॉर्म भरवानुं छे. फॉर्म नी प्रिंट आउट काढी साचवी राखवी.
जील्ला वाईझ भरती कार्यक्रम
--------------------------------------
तारीख------------------- जील्लानुं नाम
____________________________
16-12-15 - जामनगर
17-12-15  - राजकोट,मोरबी
18-12-15 - सूरेन्द्रनगर,अमरेली
19-12-15 - भावनगर
21-12-15  - देवभूमि द्रारका, दीव
22-12-15 - जूनागढ़
23-12-15  - कच्छ, गीर सोमनाथ
24-12-15 - पोरबंदर,बोटाद
ता.25-12-15 थी 30-12-15 सुधी मेडीकल
वधारे माहिती माटे :-
लश्करी भरती कार्यालय
सोलेरियम रोड, जामनगर
02882550346
टाईप :- www.charanisahity.in
आ पोस्ट फॉर्वड करजो कोईनुं कॅरियर बनी जाशे
          सहकार माटे आभार
       वंदे सोनल मातरम् 

23 अक्तूबर 2015

सुरविर नी समसेर रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)

.      || सुरविर नी समसेर ||
. रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)
बघडाटी रण बोलती, वट भर लेती वेर
जुवो रडे छे जोगडा, सुरविर नी समसेर
दशमन माथे दपटती, काळ व्रते जो केर
जो मुंगी थई जोगडा, सुरविर नी समसेर
धरम हीणा ने घरबती, ढुंढ तणो कर ढेर
जंपी गई कां जोगडा, सुरविर नी समसेर
अधरम जे नर आचरे, खलक न ऐनी खेर
जोवा मळे न जोगडा, सुरविर नी समसेर
मान हणें मा भोम नुं, एने, ठेकी करती ठेर
जंग लगी ई जोगडा,(हवे)सुरविर नी समसेर
हमची खुंदण हालती,(जई) घुसती दुशमन घेर
जडे हवे ना जोगडा,  (ई)  सुरविर नी समसेर
मरद कटावे माथडां, (अने)पडे कदी ना पेर
जुकवा मांडी जोगडा, सुरविर नी समसेर


राहडो सुरज रांण रमे रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)

.           || राहडो सुरज रांण रमे ||
.      रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)
.     राग: मोर बनी थनगाट करे नो लय..
" रुडोय मजानो राहडो, रचीयो सुरज रांण
  जग जोतो र्यो जोगडा, भव भव तुंने भांण."
राहडो सुरज रांण रमे..जीय राहडो सुरज रांण रमे..(०२)
ऐनी आगळ पाछळ आरतीयुं..ऐने गीत नगारा ने घाव गमे..
जीय राहडो सुरज रांण रमे........…..(०२) .....................टेक.
किलकाट जुवो रजनी करती..धरती सरती फरती फरती
चोडी भाल मां पुनम चांदलीयो, ऐनी आंखडीये अमियुं झरती.(०२)
ओढ्युं ओढण टांकल तारलीये, तिंणा साद थी तम्मर तम्म तमे.
जोगीदांन तणां गुंण गांन सुंणी.. नीत राहडो सुरज रांण रमे. ||01||
जळेळाट नभे जळकाट करे, प्रित सांज परोढ नी थाट पडे..
ऐनी ठेक वचे घन घोर मचे, बणीं नीर घरा प्रसवेद पडे..(०२)
दीये ताल हेताळीय ताळीय थी, ऐने न्याळीय नारीय नेह नमे.
जोगीदांन तणां गुंण गांन सुंणी.. नीत राहडो सुरज रांण रमे. ||02||
दखणांयन ने उतरांयण मां, दीस देह हींडोळीय ताल दीये..
निरखे नवढा नीज नेंणलीये, प्रितमाळ अयो ज्यम पालखीये..(०२)
लई लाल हींगोळीय देह लजा.,सरमाई  उभो होय सांज समे..
जोगीदांन तणां गुंण गांन सुंणी.. नीत राहडो सुरज रांण रमे. ||03||
सनमांन सगत्तीय उर सदा, लीये रास ने सुरज जाय लच्यो
नीशी सांज परोढ ने किरण सुं, मन मानीय रांदल नेह मच्यो..(०२)
रच्यो रास महा नभ मंडळ मां..नव ग्रह निहाळीन पाय नमे
जोगीदांन तणां गुंण गांन सुंणी.. नीत राहडो सुरज रांण रमे. ||04||
|| प्रजा पालक भगवान भास्कर ने हजारो वंदन ||

भरोसो ऐ ज भजन

सौराष्ट्र क्रांती-सांध्य दैनिक

जय माताजी
सौराष्ट्र क्रांती-सांध्य दैनिक
प्रथम नवरात्री अने ता.13-10-2015 ना रोज शरू थयेल सांध्य दैनिक सौराष्ट्र क्रांती -राजकोट
मालिक तथा तंत्री श्री :- अशोकभाई गढवी
आ सांध्य दैनिक समाचार आपना मोबाईल पर मेळववा माटे नीचेनी लिंक ओपन करी App डाउनलोड थई शकशे.



दैनिक समाचार पत्र शरू करवा बदल श्रीअशोकभाई ने खूब खूब अभीनंदन



       वंदे सोनल मातरम् 
आईश्री देवल मां आयोजीत दुर्गाष्टमी यज्ञ महोत्सव वेरावळ नो अहेवाल

21 अक्तूबर 2015

दुर्गाष्टमी यज्ञ महोत्सव

.         जय माताजी
____________________________

Live Post Deval Ma Ni Vadi At- Veraval Gir-Somnath

वेरावळ :- आजे आईश्री देवल मां द्रारा दुर्गाष्टमी यज्ञ महोत्सव नो आयोजन करवा मां आवेल हतु.

सवारे 6-00 वाग्या थी यज्ञ शरू थयेल अने 11-15 कलाके आईश्री देवलमां द्रारा आध्य अंबा ने बिडु अर्पण करवामां आवेल.त्यारबाद बपोरे 12-00 कलाके महाप्रसाद नो भकतजनो अने आजुबाजु ना 5 गामोना लोको प्रसादनो लाभ लीधेल हतुं.

बपोरे 3-00 कलाके धर्मसभानु आयोजन करवा मां आवेल हतु धर्मसभानी शरुआत पुनशी गढवी द्रारा हे चारणी प्रार्थना बाद साधू संतो अने माताजी ओ तेमज आगेवानो ना हाथे दीप प्रागट्य करवामां आवेल.

➡ आ  यज्ञ महोत्सव करवा नो हेतु  आईश्री देवल मां नु ऐवु हतु के गीर मां वसता चारण समाज नी समस्या ओनुं निकाल अने समाज मां ऐकता अने संगठन मजबुत बने. ऐ माटे आईश्री देवलमां ऐ यज्ञ महोत्सव नुं आयोजन करेल हतुं.

आ कार्यक्रम मां (1) आईश्री देवल मां (2) चारण महात्मा पालु भकत-काळीपाट (3) डायाभाई गढवी (मोटी खाखर) (4) भारतीबापु (5) देवनाथ बापु (6) विजयभाई गढवी(प्रमुख श्री कच्छ चारण समाज) द्रारा प्रासंगिक प्रवचन करवा मां आवेल.

आ कार्यक्रम मां कच्छ, सौराष्ट्र ,गीरना  5000 जेटला माई भकतो यज्ञ महोत्सवनो लाभ लीधेल.

आईश्री देवलमां द्रारा मांडवी खाते बनती चारण कन्या छात्रालय माटे 1 लाखनो चेक श्री विजयभाईने आपवामां आवेल.

आ कार्यक्रमनुं संचालन :- विश्रामभाई गढवी मोटा लायजा-कच्छ अने थारु भाईगढवी भाड़ा-कच्छ ऐ करेल.

आ कार्यक्रमने सफ़ळ बनाववा माटे भाड़ा चारण समाजना युवानो तेमज आजुबाजु ना सयंम सेवको सेवा आपी हती

रात्रे 10 वाग्ये भव्य संतवाणी छे जेमां श्री देवराज गढवी , पुनशी गढवी , राजभा गढवी, रामदास गोडलीया
वगेरे द्रारा भव्य संतवाणी जेनु GTPL चेनल द्रारा आखा गुजरातमां सीधो प्रसारण करवा मां आवशे.

अहेवाल :- वेजांध गढवी
              www.charanisahity.in

            जय मां देवल

    🙏 वंदे सोनल मातरम् 🙏

20 अक्तूबर 2015

गझल रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)

.                       || गझल ||
.         रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)
करुं बस हुं करुं आ में कर्युं, केवो अहम करता.
जपे नई नाम जागीने, मुरख माया महीं मोया..||01||
समजता जे सिकंदर जातने, जुकवीश हुं दुनिया.
अरे अहींया महांणे ऐय, छांणां सेज पर सोया...||02||
कर्यां ना कोई सत कर्मो, फर्या बस फांकडा थईने..
धरम पर प्रित ना घारी, बुरई नां बीजडां बोया...||03||
मर्या ऐ स्वान ने मोते, रझळते देह रस्ता मां.
सगी आंखे सगा व्हाले, खलक मां ऐमने खोया..||04||
कठण करणी बुरी करनार ने, ईश्वर नही छोडे.
परावर ऐय पछतासे, रदय थी जे नथी रोया...||05||
हजी नर चेत नहीतर भागवा,  रस्तो य नई भाळे.
धरम ना खेत रक्षक ज्यां, टपी ने आवशे टोया...||06||
करे कीरतार सामैयां,  सरग नी शेरीयुं माथे..
चतुर चडीया जीवी जाशे, धरम ना दुधडे धोया..||07||
करीले काम नेकी ना , जगत पर दान जोगी तुं..
भटकता कैक भोगी ना, अमेतो आत्यमा जोया..||08||


चारण समाज नुं गौरव

चारण समाज नुं गौरव


19 अक्तूबर 2015

लोक गायक कच्छ -2015,


मोगल आवोेने

--------- || जय माताजी || -----------
आजे सातमु नोरतु छे ते निमिते श्री रुपाळीबा रचीत एेक मोगलमाँ नी चरज माणींये...
कळह थपावुं मदिरमां आयुने अपवास
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
तेव तेवडी टोळे मळी तरवाडा व्होराय
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
वोरवा ते सांधण सोयरो ने डाबर भरीया तेल
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
काळी ते लाईनुं कापडुने घुघर वट घेहवाळ
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
डोके ते टुंपीयो हेमनोने काने झबुके झाल
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
नाके ते नथडी शोभतीने टीलडी तपे ललाट
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
सेंथो पुर्यो सींदुरनोने चोटले वशीयल नाग
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
बांये बाजु बंध बेरखाने दशे आंगळीये वेढ
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
पगे ते पांवळ शोभताने वींछीयानो शणगार
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
माजी ते रमवा नीसर्याने सोळ सज्या शणगर
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
नव दाडा नव नोरता माअे गरबो लीधो हाथ
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
लीलो राखो मां नेहने ने अवीचळ रेजो आई
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
कळह थपावुं मंदिरमां आयुने अपवास
.......मोगल आवोेने ...( टेक )
 
टाईप मां भुल होयतो क्षमा करजो
रचयता :- श्री रुपाळीबा कानदासजी , महेडु राणेसर
टाईप :- मनुदान गढवी - महुवा
           9687573577
 वंदे सोनल मातरम् 

18 अक्तूबर 2015

भवानी पुकार अष्टक

.                    || भवानी पुकार अष्टक ||
.          रचना: जोगीदान गढवी (चडीया) कृत
.                         छंद : शैल भुजंग
.           (भुजंग=य य य य/ शैल= य य य ज )
हशे पुर्व ना जे करम मात काळा, वध्यां पाप वाळा बुढां यौन बाळा
हटे ना कटे आखटे जो उताळा, जप्ये नाम तोळां जले जेम ज्वाळा
अनादी तणीं आई आवी उगारो, धर्युं अंतरे ध्यांन मां ऐक धारुं
जणेता जपुं दान जोगी जुबानी, पुकारुं भवानी तुने हुं पुकारुं ||01||
पड्यो आकरो कां करो काळ परदो, दळोने खळो दोयलां देह दरदो
हवे हीबके ना चडे मात हरदो, भवां द्वार हुं बाळ जोलीय भरदो
थक्यो हुं  तक्यो वाट तोळी नीहारी सगत्त्ती करो भेर तो मात सारु
जणेता जपुं दान जोगी जुबानी, पुकारुं भवानी तुने हुं पुकारुं ||02||
नथी राह कोई  चिते आद चंडी, घणों घट्ट मां मां हतो हुं घमंडी
भवां दक्ख भारी पड्यांछे भ्रकंडी, द्रगे मात देखुं दीयो धर्म दंडी,
त्रहीमाम बोली पडुं पाय तोळे, हवे मात क्योतो हिमत्त हुंय हारुं
जणेता जपुं दान जोगी जुबानी, पुकारुं भवानी तुने हुं पुकारुं ||03||
तुंही तुं तुंही तुं बज्यो ऐक तारो, पड्या आर्त नादे भवां ना पुकारो
भमर ने चडावे दधी जग्ग भारो, बचावो ग्रही बांय ने काढ्य बारो
जगी खुब्ब जोयुं रुदु चिक्ख रोयुं, बच्या नुं नथी मात ऐकेय बारुं
जणेता जपुं दान जोगी जुबानी, पुकारुं भवानी तुने हुं पुकारुं ||04||
करी ने क्रीपा दोयलां दक्ख कापो, थडो मां तिहारो असां घट्ट थापो
जुवो भाव भोळे जपु मात जापो, धरम मात धारो  मति थी न मापो
पड्यो ऐकलो आतमो देह पिंडे ,रखे कोण रेमे मया ध्यांन मारु
जणेता जपुं दान जोगी जुबानी, पुकारुं भवानी तुने हुं पुकारुं ||05||
नमुं नाम नारायणी नित्य नामी, सुंणी साद छोरु तणां आव्य सामी
डणंकी दीयो बाळ ना दक्ख डामी, थरेर्या अमे मात ले हाथ थामी
शिवो ब्रह्म विष्णुं जपे जुग्ग जाता, धरे ध्यांन माता त्रणें लोक तारुं
जणेता जपुं दान जोगी जुबानी, पुकारुं भवानी तुने हुं पुकारुं ||06||
करे ना क्रीपाळी मया आंम मोडुं, दयाळी सदा आपनी पास दोडुं
करी बंध आंखो अने हाथ जोडुं, सदा संसयी शंक रा बंध छोडुं
विचारो विकारो तणी सब्ब घारो जगत्मात तोळा चरण मां जुहारु
जणेता जपुं दान जोगी जुबानी, पुकारुं भवानी तुने हुं पुकारुं ||07||
पड्या पंड विधीं घटे कैक घावो , रदे रेम राखी अरे अंब आवो
तजी योग निंद्रा धरम जांण धावो, बीये बाळ तोळो औ माता बचावो
नथी शब्द कोई नयन बस नीहारुं. उगारो उगारो उगारो उचारुं
जणेता जपुं दान जोगी जुबानी, पुकारुं भवानी तुने हुं पुकारुं ||08||
.                ईतीः श्री भवानी पुकार अष्टक
(नोंध: नविन प्रयोग होई ने काव्य द्रष्टी मां..दरेक अंतरा नी प्रथम बे हरोळ मां यती प्रमांणे चार प्रास तथा बाकी नी बे हरोळ मां अंत्यानुप्रास )
(भगवती भवानी आध्य शक्ती पराम्बा ने कोटी कोटी वंदन)


ऑडियो बचुभाई गढवी

17 अक्तूबर 2015

मा सोनलनो गरबो

मा  सोनलनो गरबो

माडी तु मढडावाळी
   शोभे छे त्रिशुळधारी
      अवतारी आई छो
भली छो भेळीयावाळी
जोया तारा परचा भारी
            अवत़ारी आई छो

आई सोनल ना हमीर तात छे हो
सती राणबाई जेवा मात छे  हो
   चारणोने तारनारी
       वंशने वधारनारी
           अवतारी आई छो

गांडा धेला बाळने बोलावजे  हो
     हेते तु खोळले खेलावजे   हो
    लीली वाडी राख सदाय
     देजे ऐमा फुलडा भारी
          अवतारी आई छो

माडी अमी भरी आंखडी तारी
लागे हसमुखीने वळी हेताळी
   सेवकोने राख संभारी
       नवेखंड नाम नेजाळी 
            अवतारी आई छो
        
        (कताॅ::खबर नथी)
(टाईपिग :; गढवी भाया ।धुमथर।)

माडी तुं तो अंबा आरासुरवाळी-रचयता :- कवि श्री कागबापु

|| जय माताजी ||
आजे पांचमु नोरतु छे
ते नीमिते कागबापु रचीत एेक गरबो माणीये
माडी तुं तो अंबा आरासुरवाळी , अनादि अंबीका
देवोने दु:ख ज्यारे आवे , अनादि अंबीका :

ते'दि तुंने राक्षसना रण भावे , काळी कालीका .
     ......||1||

माडी, तारा रुडा नगारा वागे , अनादि अंबीका : 

त्या तो सुता त्रिभुवन जागे . काळी कालिका .
     .....||2||

माडी . तुं तो नवरात्रे रमनारी , अनादि अंबिका :

तुं तो पावागढ वसनारी , काळी कालिका .
      .....||3||

माडी माडी तारो गरबो सागर गाजे , अनादि अंबिका : 

जेने जोईने असुरो लाजे . काळी कालिका.
        .....||4||

माडी . तारा प्यारा नगारा गाजे अनादि अंबिका : 

तुं तो सेवक साद सुणी थाजे . काळी कालिका.
    ..... . ||5||

माडी . तारे खोळे मुक्ति खेले . अनादि अंबिका : 

तारा हुकम कोई ना ठेले. काळी कालिका.
       .......||6||

माडी . तुं तो घट घटनी घूमनारी , अनादि अंबिका :

माडी. तुं तो "काग" कृपा करनारी , काळी कालिका .
......||7||

टाईप मां भुल होयतो क्षमा करजो
रचयता :- कवि श्री कागबापु
टाईप :- मनुदान  गढवी - महुवा 

          9687573577


       वंदे सोनल मातरम् 

दुर्गाष्टमी यज्ञ महोत्सव


कच्छ ना युवानो नवी राह पर




आंव रे बाळक आंजो मढवाडी मात

ढाळ -- आंव रे हलैया भेण नगर बजार


आंव रे बाळक आंजो मढवाडी मात
अरज करीया मांडी, आंव आंके 
आंजे चरण ने शीस जुकाय
आंव रे बाळक आंजो मढवाडी मात

सजे संसार में कच्छडो वडो आय
मां तेमे वडो ताेजो मढ रे धाम 
आंव रे बाळक आंजो मढवाडी मात

जाडेजा वंस जी कुळदेवी मां
वजती नोंबत नवखंड मां 
आंव रे बाळक आंजो मढवाडी मात.

डाडा मेकरण आंजी भक्ती कर्येंता
जीनाम जीनाम अलख जगाय 
आंव रे बाळक आंजो मढवाडी मात

 रचना -- संत श्री मेकरण दादा 
 टाइपिंग -- राम बी गढवी 
नविनाळ कच्छ
फोन नं.-- 7383523606

 भूलचुक क्षमां 

16 अक्तूबर 2015

आई श्री सोनल स्मृति संस्थान राजकोट द्रारा द्रित्य चारण प्रतिभा ऐवोर्ड




.       जय माताजी
___________________________
चारण-गढवी समाज योग संदेश
आई श्री सोनल स्मृति संस्थान राजकोट द्रारा द्रित्य चारण प्रतिभा ऐवोर्ड समारंभ नुं आयोजन आगामी दिवसो मां करवामां आवनार छे जेमां नीचे मुजबनी केटेगरीओ ना ऐवोर्ड समाजनी व्यकितओ ने आपवामां आवशे.
1- लोक साहित्य
2-शैक्षणिक (धोरण-12 पछी)
3-विशिष्ट प्रतिभा ( शैक्षणिक सिवाय)
4- रमत-गमत (जिल्ला कक्षा अथवा उपर)
5- सौर्य,बहादुरी वगेरे
6-समाज सेवक
7-वेपार/वाणिजय/नोकरी तथा औधोगिक क्षेत्रे विशेष कामगीरी
8-GPSC/UPSC/PSI 2015 मां पास थयेल तमाम उमेदवारो
9- अन्य
➡ जेनी समाजना लोको ऐ नोंध लेवा विनंती तथा लागता वळगताओ ने जाण करवा विनंती अने पोताना बायोडेटा नीचे दर्शावेल सरनामे मोकलवा विनंती छे.
सरनामुं :-
किशोरभाई गढवी
जलाराम ट्रान्सपोर्ट
मोची बजार मेईन रोड
गोरधन घर सामे
केशरी पुलनी बाजुमां-राजकोट
वधारे माहिती माटे संपर्क :-
हेमुभाई -9879569771
किशोरभाई - 9824425480
➡ आ कार्यक्रम माटे नीचे दर्शावेल दाताश्रीओ ऐ अनुदान आपेल छे.अन्य कोई ज्ञाति बंधुओ अनुदान आपवा मांगता दाताश्रीओने उपरोकत सरनामे अथवा आपेल मोबाईल नंबर पर संपर्क करवा विनंती छे.
आ कार्यक्रमना दाताश्रीओना नाम
1-श्री मुन्नाभाई अमोतीया
2- श्री किशोरभाई गढवी
3-श्री पार्थभाई गढवी
4- श्री पी.ऐम.गढवी(जाम खंभाडीया)
5-श्री कमलेशभाई गढवी
6-श्री करणभाई बी.गढवी
➡ आ मेसेज आपणा समाजना दरेक भाईओ सुधी पहोचाडवा विनंती छे.

टाईप :- मनुदान गढवा - महुवा
             9687573577

       वंदे सोनल मातरम् 

आईश्री सोनल शकि्त चालीसा

आजे चोथु नोरतुं छे ..
ते नीमिते कागबापु रचीत अदभुत आईश्री सोनल शकि्त चालीसा .माणीये
माडी तारां बेसणा गढगिरनार , नवे खंड नजरुं पडे रे .....जी ; 

माडी तारो मढडे नेसळ  वास , अुगमणे ओरडे रे.....जी ; (टेक)

माडी. तें तो कळजगमां चारण कुळ , आइ ऊुजळुं कर्यु रे .......जी ;

माडी. तें तो दीपाव्यो सोरठ देश , धजाळी खोळियुं धर्यु रे......जी ; ||1||

माडी . तारी मेर्युना मेवला मंडाणा , गोम वोम गाजी ऊुठ्या रे .......जी ; 

माडी. जेणे हैडाना खेतर खेड्या , वावणीया वे' ता कर्या रे ......जी ; ||2||

माडी. तारा वचनुंनां बी वाव्या , कोठारे रुडा कण भर्या रे..... जी ;

माडी. अेने दाणे दाणे दीनोनाथ , 
विशंभर वातुं करे रे......जी ; ||3||

माडी. अेतो बियारण खाईने बेठो , खेप अेनी खाली गई रे......जी ; ||4||

माडी तारी दया डुंहरडानां पाणी , कायरनी दे " युं कंपे रे.....जी ; 
माडी. जेणे शंकानी छतरी उुघाडी , काळज साव कोरां रिया रे .....जी ; ||5||

माडी. तारी मोजुंनो दरियो मोटो , लाख लाख लेरुं चडे रे .....जी ; 

माडी. तारा शबदुंना सढ बांधी , निवेडी जेणे नावडी रे ......जी ; ||6||

माडी. अेमां ओगळी रात अंधारी , काळकाअे काजळ घोळ्या रे.....जी ; 

माडी. अेणे नवलख आंखडी आंजी,तारलियाएे लोचन बीड्यां रे ....जी ; ||7||

माडी. एवी नाविकनी नजरुं मूंझाणी, सोनबाई . वारे चड्ये रे.....जी ; 

माडी. तुं तो करुणाने उुजळे कांठे , 
झबूकी जोत्य जोगणी रे.....जी ; ||8||

माडी. तारा खमकारा गगने गाज्या , पाणीमां अंजवाळां पड्या रे......जी ; 

माडी. तारां वचनुंना जे विशवासी , बूडे नई अेनी बेडली रे .....जी ; ||9||

माडी. एवो जादवे रणथंभ रोप्यो , प्रभासने पादरे रे .....जी ; 

माडी. अेवा बेटाने बापे संघार्या , द्वारकामां दरियो रेल्यो रे......जी ; ||10||

माडी. अेवा दारुना दैत्यथी दुभाणो , देवकीनो दीकरो रे...जी ; 

माडी. ई तो सोड्युं ताणीने सूतो , पाटणने पीपळे रे.....जी ; ||11||

माडी. अेणे देवनां दलडा दुभाव्यां , सोरठने शरम घणी रे .....जी ; 

माडी. अेवा दारुने देशवटो देवा , अंबा तुं अवतरी रे .....जी ; ||12||

माडी. पाछा दारुडे देवळ बांध्यां , देवने दु:ख पड्या रे....जी ; 

माडी. आज दावानळ डुंगरे लाग्यो , बाई. जो भडका बळे रे ....जी ; ||13||

माडी. अेणे लाखुंने भरखी लीधा , मेडियुंमां मसाण कीधां रे .....जी ;  

माडी. तारा नेहडामां दैत जो नाचे , जणेता कां जोई रई रे....जी ? ||14||

माडी. तारा तपनां तरशूळ धारी , सोनल था साबदी रे .....जी ; 

माडी. हवे जाडा रथडा जोडो , धरती धमधमे रे .....जी . ||15||

माडी. तारे चोसठ जोगणी साथे , चोरासनी चारण्युं रे ....जी ; 

माडी. आखा वर्णनी करजे वार्यु , असुरने अुथापजे रे.....जी ; ||16||

माडी. कैक मनना मानवी मेला , पाघडियुं तारे पगे धरे रे ....जी ; 

माडी. तारी छबियुं घरमां चोडे ,कीधेल तारुं नव करे रे.....जी ; ||17||

माडी. अेतो दारुनी घंटीए दळाणा , रुदियामां राखुं उुडे रे......जी ; 

माडी. अेणे विशवासने वटलाव्यो , आतमो उज्जड थियो रे.. .. जी ; ||18||

माडी. अेतो दुबजानी घाणीअे पिलाणा , अे तलमां तेल नथी रे.....जी ; 

माडी. अेना छेल्ला जीवन - झबकारा , दीवामां दीवेल नथी रे....जा ; ||19||

माडी अेतो भाग्यनी वातुं भांखे , कामवानी नंद्या करे रे ..... जी ; 

माडी अेनो ओलातो जीवडो जागे , आशिषुं  आपजे रे ....जी ; ||20||

माडी. अमे छोरु कछोरु सांभळ्या छे , पण मावडी न माया मेले रे.....जी ; 

माडी. तें तो ठारी हत्यानी होळी , तोळाणी सत त्राजवे रे.....जी ; ||21||

माडी. तें तो दोरा धागाना वे " म टाळ्या , करमनी केडी चींधी रे ....जी ; 

माडी. तारी आण छे रामनी रेखा , आगळे रावण उुभो रे.....जी ; ||22||

माडी. तारा लीटाने लोपीने जाशे , तो जानकीनां जोखम थाशे रे ......जी ; 

माडी. तारा ऊुजळा आवकार माथे , ओळघोळ काया करुं रे .....जी ; ||23||

माडी. तारे पगले फलुडांनी फांटुं , भमर थईने भम्या करुं रे ......जी ;

माडी. तारा कंठमा कायम बोले , वा'लाजीनी वांसळी रे .....जी ; ||24||

माडी. तारां नमणा नरंमळ रुप , क्रोड क्रोड वंदन करुं रे... .जी ; 

माडी. तारा गरवा गूढा वेश , भजे रुडो भेळीअो रे......जी ; ||25||

माडी. तारी लटमां जमना झूले , जीभडीये गंगा झरे रे .....जी ; 

माडी. तारां रिध्धिअे भरीआं राज , संकल्पमां सिध्धिअे भरी रे .....जी ; ||26||

माडी. तुं तो रमझमता रथडामां , नेहडामां नीसरी रे......जी ; 

माडी. आज सोळे सज्या शणगार , नोरतांनी नोबत वागे रे..... जी ; ||27||

माडी. तारे माथडे सांधेल तेल , सेंथामा सिंदुर पुर्या रे....जी ; 

माडी. अेवी काळी बे वादळी वताळे , श्रावणनी संध्या खीली रे.....जी ; ||28||

माडी. अेवी तांत ने टीलडी शोभे , अकोटडे आंटी वळे रे......जी ; 

माडी. तारी नथमां नरमळ मोती , चांदलीअे बीज शोभे रे......जी ; ||29||

माडी. गळे हींडळे हूलर हार , सीड ने सांकळी रे ......जी ; 

माडी. पगे कांबी ने रुमझोळ रुडा , वींछीआ वातुं करे रे .....जी ; ||30||

माडी. तारां नेपुरनी घूघरी नाचे , हंसनां बाळक बोले रे ......जी ; 

माडी. तारो चोसरो खळके चूडो , आभ अेने ओछो पडे रे.....जी ; ||31||

माडी. में तो कोई दी कीधां होय , पुण्य तारे पगे धरु रे ....जी ; 

माडी. हुं तो उुपाडी एकलो हालुं , मारुं पापनुं पोटलु रे.....जी ; ||32||

माडी. मने अेटलां वरदान देजो , भोगवीने भव तरुं रे......जी ; 

माडी. मारी दे"युं ने आगमां ओरुं , कायाने कंचन करुं रे ......जी ; ||33||

माडी. कोई दुखीयाना दु:खने दोरे , नट जेम नाच्या करुं रे.....जी ; 

माडी. मारुं जीवतर होडमां हारुं , त्राजवडे माटी तोळुं रे... जी ; ||34||

माडी. मारे माथडे करवत मेलुं , वर्णना प्राछत वोरुं रे.....जी ; 

माडी. तुंने पारखशे कोई पुण्यवाळो , अंतर आंख उुघडी रे......जी ; ||35||

माडी. अमे भमीअे रात - दी भेळा , जेम आउुमां ईंतडी रे.....जी ; 

माडी. जेना ओला भवना अपराध , के आ भव आवी मळ्या रे.....जी ; ||36||

माडी. अेनां डा"पणनां नीर साव डोळा , भोळा संगे भूतडा रे.....जी ; 

माडी. तुं तो आभथी अेवडी ऊुंची , आज मने खबर पडे रे ......जी ; ||37||

माडी. में तो गीतनो हारलो गुंथ्यो , पोगाडुं केम कंठडे रे.....जी ; 

माडी. में तो आभमां मीटडी मांडी , आंखडियुं ओछी पडी रे .....जी , ||38||

माडी. हुं तो थाकी ग्यो दूबळी दे' ये ,बेसी ग्यो तारे पाये पडी रे.....जी ; 

मांडी. हुं तो आंख्युं वींचीने अकळाणो ; लोबडियाळी तेडी लीधो रे......जी .||38||

मांडी. आ तो नथी चमेली मोगरानां , वगडानां फूलडां रे.....जी ; 

मांडी. मने शारदाअे फूलडा दीधां , फूलडांमां फोरं रे... ...जी ; ||40||.

मांडी. आ छे शकि्तना चालीसा , शीखे ने जे सांभळे रे....जी ; 

मांडी. जे वांचे विचारे ने पाळे , को सघळा संकट टळे रे ......जी ; ||41||.

मांडी. मने " काग " के रुदिये रे'जो , ध्यान तारा धामनुं रे......जी ; 

मांडी. हुं तो छेल्ली घडीअे नव चूकुं , समरण सीता - रामनुं रे .....जी , ||42||

(भुल होयतो सुधारीने वांचवु )
:- रचियता कविश्री दुला भाया काग ( भगतबापु ) 

टाईप मां भुल होयतो क्षमां करजो

पोस्टबाई :- www.charanisahity.in
टाईप :- मनुदान गढवी - महुवा 

     9687573577

 वंदे सोनल मातरम् 

Sponsored Ads