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"जय माताजी मारा आ ब्लॉगमां आपणु स्वागत छे मुलाक़ात बदल आपनो आभार "
आ ब्लोगमां चारणी साहित्यने लगती माहिती मळी रहे ते माटे नानकडो प्रयास करेल छे.

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Notice Board


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30 मार्च 2016

मनवा दो दीन का महेमान रचना :- चारण महात्माश्री पालु भगत

.          मनवा दो दीन का महेमान
.          ढाळ :- भाई तुं तो भजी ले ने किरतार
.         रचना :- चारण महात्माश्री पालु भगत
मनवा दो दीन का महेमान, दो दीन का महेमान,
छोड कपट आलस अंतर से, भजी ले तुं भगवान,
              मनवा दो दीन का महेमान.... टेक
बडे बडे राजा महाराजा, बहु सेना बलवान,
चले गये काल चककरमें (2), रहा न नाम निशान,
                मनवा दो दीन का महेमान...1
महिषासुर हिरणाकंस रावण, आभ अडयो अभीमान,
सुर नर दानव जीत लीये सो(2), हो गये सपन समान,
                     मनवा दो दीन का महेमान...2
तनका मनका भरा भवनका, मत कीजे अभीमान,
कल न परत छन ऐक पलक की(2), कब छुट जावे प्रान,
                    मनवा दो दीन का महेमान...3
चला चली आदी से चलती, जल थल सकल जहान,
"पालु" भजन कर अवसर पायो (2), भावाधिन भगवान,
                     मनवा दो दीन का महेमान...4
रचना :- चारण महात्माश्री पालु भगत- ववार कच्छ हाले काळीपाट राजकोट
संदर्भ :- श्री सुबोध बावनी मांथी
       वंदे सोनल मातरम् 

मोटा रतडीया



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આરતી ઉતારતા આઈશ્રી દેવલમાં, ખીમશ્રીમાં, ધનબાઈમાં, કંકુ કેસરમાં તથા અર્જુનનાથ બાપુ, કલ્યાણનાથ બાપુ વિગેરે

 આરતી ઉતારતા સાધુ સંતો
 આરતી ઉતારતા યજમાનો

વકતાશ્રી કશ્યપભાઈ જોષી - મોટા ભાડિયા



કથાનું રસપાન કરતા ભકતજનો


ફોટો બાય :- કનૈયા સ્ટુડીયો મોટા ભાડિયા માંડવી-કચ્છ

ફોટાઓ મોકલવા બદલ હું કનૈયા સ્ટુડીયો મોટા ભાડિયાનું આભાર માનુ છુ.

लश्करी भरती मेळानु टाईम टेबल

लश्करी भरती मेळानु टाईम टेबल
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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन चालु छे 


पर ओनलाईन फॉर्म भरवानुं छे. फॉर्म नी प्रिंट आउट काढी साचवी राखवी.
अत्यारे फकत रजिस्ट्रेशन चालु छे. फोर्म ओकटोबर मां भराशे . परंतु रजिस्ट्रेशन कराववु जरुरी छे.

वधारे माहिती माटे (PDF FILE)  :- Click Here

आ पोस्ट फॉर्वड करजो कोईनुं कॅरियर बनी जाशे

                            वंदे सोनल मातरम्

29 मार्च 2016

भीखुदानभाई गढवीने पह्मश्री ऐवोर्ड

चारण समाजनुं गौरव 
 राष्ट्रपति भवन खाते राष्ट्रपतिश्री द्रारा श्री भीखुदानभाई गढवीने पह्मश्री ऐवोर्ड थी सन्मानवा मां आवेल.




VIDEO DOWNLOAND :- Click Here

BHIKHUDAN GADHAVI NO DAYRA NA VIDEO

























 

E-BOOK आई श्री सोनल वंदना

राम नवमी ना शुभ दिवसे चारण कवि श्री प्रविणभा हरुभा मधुुडा रचियत आई श्री सोनल वंदना पुस्तक ई-बुक स्वरूपे मुकववानो नानकडो प्रयास करेल छे. 

पुस्तकनुं नाम :- आई श्री सोनल वंदना

लेखक :- श्री प्रविणभा हरुभा मधुुडा - राजकोट 

आ पुस्तक डाउनलोड करवा माटे :-  Click Here

आ पुस्तक ई-बुक स्वरूपे मुकववा आपवा बदल श्री प्रविणभा हरुभा मधुुडानो खूब खूब आभार मानु छु 


28 मार्च 2016

कच्छ चारण समाजनी शैक्षणिक अने सामाजीक उत्थान माटे योजायेल मीटींगनुं अहेवाल

कच्छ चारण समाजनी शैक्षणिक अने सामाजीक उत्थान माटे तेमज भुज बोर्डिंगना आर्थिक विकास माटे अखिल कच्छ सभाना तमाम होदेदारो, समाजना तमाम दाताओनी मीटींगमां 

ता.27-03-2016 ना रोज चारण समाज वाडी मोटा भाड़िया मांडवी कच्छ खाते योजायेल.


मीटींगनुं टुंकमां अहेवाल श्री विजय साहेब (प्रमुखश्री अखिल कच्छ चारण समाज)नी सुचना थी नीचे मुजब छे.

कागबापुनी रचना रजु करतां  भीमशीभाई काकुभाई 

मीटींग मां हाजर रहेल महेमानो 



विजय साहेबनुं सन्मान करता वालजी केशव शेडा 
पुष्पदानाभाईनुं सन्मान  करता पुनशीभाई 
भीमशीबापानुं सन्मान   करता नाराणभाई 






27 मार्च 2016

ब्रह्मानंद स्वामीने ऐक रचना

या मगरी मग री तगरी, नगरी न गरी सगरी बगरी हे;
वाट परी डगरी डगरी,खगरी खगरी कगरी अगरी हे;
सीस भरी गगरी पगरी, पगरी घुघरी  उगरी  भु गरी हे;
ब्रह्ममुनि द्रगरी दगरी, लगरी लगरी फगरी रगरी हे; ।।
में अटकी अटकी नटकी, चटकी चटकी मटकी फटकी हु;
घुंघटकी घटकी रटकी, लटकी लटकी तटकी कटकी हु;
ज्यों पटकी थटकी थटकी, खटकी खटकी हटकी हटकी हुं;
ब्रह्म लज्यो झटकी झटकी, वटकी वटकी जटकी जटकी हुं; ।।
जोबनमें खनमें दिनमें, घनमें तनमें कनमें मनमें जूं;
माखनमें खनमें न नमें, धनमें धनमें उनमें गनमें जूं;
आपनमें पनमें रनमें, छनमें छनमें जनमें अ नमें जूं;
ब्रह्ममुनि फनमें थन, मेडनमें भनमें भनमें चनमें ज्यूं; ।।
मुखपें अलके झलके, ललके व्रजत्रिय मीलकें कलके कलके ही;
कुंडलके तलके चलके मनु, मिन मिनहुके बलके हलके ही;
नारी चली जलके छलके, गलके नलके वलके दलके ही;
ब्रह्ममुनि पलकेफलके भलके, सलके डलके ढलके ही; ।।
नहीं बात पहांनयकी पयकी, लयकी लयकी वयकी वयकी री;
या तयकी तयकी अयकी, मयकी मयकी भयकी भयकी री;
हे गयकी गयकी गयकी सयकी, सयकी बयकी बयकी री;
जो खयकी कयकी कयकी, कहे ब्रह्ममुनि जयकी जयकी री; ।।
आंखु बरी खुबरी लुबरी दुबरी, दुबरी बुबरी गुबरी हे;
हे जुं बरी जुबरी, छुबरी डुबरी डुबरी उबरी तुबरी हे;
में बुबरी थुबरी मुबरी कुबरी, कुबरी कुबरी कुबरी हे; ।।
रचियता :- ब्रह्मानंद स्वामी(लाडुदान गढवी)

25 मार्च 2016

रेणकी छंद - ब्रह्मानंद स्वामी

रेणकी छंद
સર સર પર સધર અમર તર, અનસર કરકર વરધર મેલ કરે,
सर सर पर सधर अमर तर अनसर,करकर वरधर मेल करै।
હરિહર સૂર અવર અછર અતિ મનહર, ભર ભર અતિ ઉર હરખ ભરે,
हरिहर सुर अवर अछर अति मनहर, भर भर अति उर हरख भरै
નિરખત, નર પ્રવર, પ્રવરગણ નિરઝર, નિકટ મુકુટ શિર સવર નમે,
निरखत नर प्रवर प्रवरगण निरझर, निकट मुकुट सिर सवर नमै।
ઘણ રવ પર ફરર ધરર પદ ઘૂઘર, રંગભર સુંદર શ્યામ રમે જી…રે….
घण रव पर फरर धरर पद घुघर, रंगभर सुंदर श्याम रमै।
ઝણણણણણ ઝણણ ખણણ પદ ઝાંઝર, ગોમ ઘણા ગણણણણ ગયણે
झणणणणण झणण खणण पद झांझर, गोम घणा गणणणण गयणै।
તણણણ બજ તંત ઠણણણ ટંકારવ, રણણણ સુર ધણણણ રયણે
तणणण बज तंत ठणणण टंकारव,रणणण सुर धणणण रयणै।
ત્રહ ત્રહ અતિ ત્રણણ ધ્રણણ બજ ત્રાંસા, ભ્રમણ ભમર વત રમણ ભ્રમે.
त्रह त्रह अति त्रणण ध्रणण बज त्रासा,भ्रमण वत रमण भ्रमै।
ઘણ રવ પર ફરર ધરર પદ ઘૂઘર, રંગભર સુંદર શ્યામ રમે જી…રે…..
घण रव पर फरर धरर पद घुघर, रंगभर सुंदर श्याम रमै।
ઝટ પટ પર ઉલટ પલટ નટવત ઝટ, લટ પટ કટ ઘટ નિપટ લલે
झट पट पर उलट पलट नटवत झट, लट पट कट घट निपट ललै।
કોકટ અતિ ઉકટ ત્રુકટ ગતિ ધિન કટ, મન ડરમટ લટ લપટ મલે.
कोकट अति उकट गति धुन कट, मन डरमट लट लपट मलै।
જમુના તટ પ્રગટ અમટ અટ રટ જૂટ, સૂર પટ ખેખટ તેણ સમે,
जमुना तट प्रगट अमट अट रट जूट, सूर पट खेखट तेण समै।
ઘણ રવ પર ફરર ધરર પદ ઘૂઘર, રંગભર સુંદર શ્યામ રમે જી….રે….
घण रव पर फरर धरर पद घुघर, रंगभर सुंदर श्याम रमै।
ધમંધમ અતિ ધમક ઠમક પદ ઘૂઘર, ધમધમ ફળ સમ હોત ધરા,
धमंधम अति धमक ठमत पद घूमर,धमधम फळ सम होत धरा।
ભ્રમ ભ્રમ વત વિષય પરિશ્રમ વ્રત ભ્રમ, ખમ ખમ દમ અહી વિડૂમ ખરા,
भ्रम भ्रम वत विषय परिश्रम व्रत भ्रम, खमखम दम अहि विडुम खरा।
ગમ ગતિ અતિ અગમ નિગમ ન લહત ગમ, નટવત રમઝમ ગમ મન મેં
गम गति अति अगम निगम न लहत गम, नटवत रमझम गम मन में।
ધણ રવ પર ફરર ધરર પદ ઘૂઘર, રંગભર સુંદર શ્યામ રમે જી….રે…
घण रव पर फरर धरर पद घुघर, रंगभर सुंदर श्याम रमै।
ગત ગત પર ઊગત તૂગત, નૃત, પ્રિયગત રત ઉનમત, ચિત્ત વધત રતિ,
गत गत पर ऊगत तूगत नृत प्रियगत, रत उनमत चित वधत रति।
તત પર ઘ્રત નચત ઉચત મુખ થૈથત, આબ્રત અત ઉત ભ્રમત અતિ,
तत पर घ्रत नचत उचत मुख थैथत, आब्रत अत उत भ्रमत अति।
ધિધીતત ગત વજત ભ્રદંગ, સૂર ઉધધત, કૃત ભ્રત નર તમ અતંત ક્રમે,
धिधितत गत वजत मृदंग सुर उपजत, कृत भ्रत नर तम अतंत क्रमै।
ધણ રવ પર ફરર ધરર પદ ઘૂઘર, રંગ ભર સુંદર શ્યામ રમે જી…. રે….
घण रव पर फरर धरर पद घुघर, रंगभर सुंदर श्याम रमै।
ઢલ ઢલ રંગ પ્રગલ અઢલ જન પર ઝલ ઝલ અણ કલ તેજ ઝરે
ढल ढल रंग प्रगल अढल जन पर झल,झल अल कल तेज झरै।
ખલખલ ભૂજ ચુડ ચપલ અતિ ખલકત કાન કતોહલ પ્રબલ કરે,
खलखल भुज चूड़ चपल अति खमकत, कान कतोहल प्रबल करै।
વલવલ ગલ હસ્ત તુ મલ ચલ ચિતવલ, જુગલ જુગલ પ્રતિ રંગ જમે
वलवल गल हस्त तु मल चल चितवल, जुगल जुगल प्रति रंग भरै।
ધણ રવ પર ફરર ધરર પદ ઘૂઘર, રંગભર સુંદર શ્યામ રમે જી….રે….
घण रव पर फरर धरर पद घुघर, रंगभर सुंदर श्याम रमै।
સરવસ વસ મોહ દરસ સુરથિત શશિ, અરસ પરસ ત્રસ ચરસ અતિ
सरवस वस मोह दरस सुरथित शशि, अरस परस त्रस चरस अति।
કસકસ પટ હુલસ વિલસ ચિત આક્રશ, રસ બસ ખુસ હસ વરસ રતિ,
कसकस पट हुलस विलस चित आकृष, रस बस खुश हस वरस रति।
ટ્રસ નવ રસ સરસ ભયો બ્રહ્માનંદ, અનરસ મનસ તરસ અધમે,
ट्रस नव रस सरस भयो ब्रह्मानंद, अनरस मनस तरस अधमै।
ધણ રવ પર ફરર ધરર પદ ઘૂઘર, રંગભર સુંદર શ્યામ રમે જી….રે….
घण रव पर फरर धरर पद घुघर, रंगभर सुंदर श्याम रमै।
रचियता :- ब्रह्मानंद  स्वामी (लाडुदान गढवी)

माँ मोगल शक्ति अेवोर्ड तेमज 20 मा पाटोतस्व (भगुडा)

जय माताजी

"भगुडा गाम एेज मोगल धाम"

( माँ मोगल शक्ति अेवोर्ड )

आईश्री मोगल धाम भगुडाना आंगणे पूज्य मोरारीबापु ना संन्निधीमां 20 मा पाटोतस्व तथा
  ( चोथो माँ मोगल शक्ति अेवोर्ड ) अर्पण समारोह
तेमज भव्य संतवाणी नुं आयोजन राखवामा आवेल छे

पू. मोरारीबापुना संन्निधीमां निचे मुजब अेवोर्ड आपवामां आवशे

(1) श्री हेमु गढवी (राजकोट)
(2) श्री बचुभाई गढवी (लींबडी)
(3) आई रुपाळीबा देवी ( राणेश्वर )

ता.18 - 5 - 1016 ने बुधवारना दिवसे रात्रे 9  कलाके पू. मोरारीबापुना हस्ते आई श्री माँ मोगल शक्ति अेवोर्ड आपवानां आवशे .

माँ मोगल शक्ति अेवोर्ड मेळववा बदल खूब खूब अभिनंदन
💐💐💐💐💐

तेमज भव्य संतवाणीना कलाकारो :-
          :- देवराज गढवी (नानो डेरो)
          :- किर्तीदान गढवी
          :- राजभा गढवी
          :- भरतदान गढवी
          :- महेशदान गढवी
          :- ओसमाण मीर
          :- मायाभाई आहिर
          :- दिपक हरीयाणी
तथा नामी अनामी कलाकारो पधारशे

आई श्री मोगल धाम भगुडा पधारवा जाहेर आमंत्रण पाठववामां आवे छे.

स्थळ :- आई श्री मोगलमां धाम भगुडा
           ता. महुवा जी. भावनगर

टाईप :- मनुदान गढवी - भादरा (महुवा)
           9687573577

          जय माँ मोगल

        वंदे सोनल मातरम्

22 मार्च 2016

चारण-गढवी समाजनी संस्था / ट्रस्ट नी माहिती

जय माताजी
चारण-गढवी समाजनी संस्था / ट्रस्ट नी माहिती बनाववानी होई नीचे मुजब माहिती मोकलवा विनंती छे.

संस्था / ट्रस्टनुं नाम :-
सरनामुं :-
कामगीरी :-
प्रमुखश्रीनुं नाम :-
मोबाईल नंबर :-

ऊपर मुजबनी माहिती आ नंबर 9913051642 पर मोकली आपवा नम्र विनंती छे

सहकार आपवा विनंती छे

       वंदे सोनल मातरम् 

सहीदो लाख सलाम .. रचना जोगीदान भाई गढवी (चडीया)

. सहीदो लाख सलाम....हिंद जाया नुं हालरडुं....
पिता किसन सिंह अने मां विध्यावती ने ज्यारे पोताना खोळाना खुंदनार ने फांसी नी पेहला छेल्ली वखत मळवा जवानुं हशे..ई चोविस मी मार्च ना लाहोर जेल ने दरवाजे मां पोताना दीकरा ने छेल्ली वार मळवाना अबरखे उभी हसे अने खबर मळे के फांसी तो काल रात्रेज अपाई गई..अने मृत देह सोंपाणो होय..ई आंखो बंद करी ने सुतेला त्रण सावजो ..मां भारती ना भुलकां...सुखदेव राजगुर अने भगतसिंह...ऐनी बंध आखो जोई मां ने काळजे केवा घा वाग्या हशे...आ हिंद ने बिजा तो शुं ठबका देवा ?
.            || हाला गाउं हिंद ना लाला ||
.        रचना : जोगीदान गढवी (चडीया )
.           राग:  बेटी बहुं बाप ने व्हाली


.       उर्मिलाबेन गढवी मुंदरा-कच्छ ना स्वरमां ओडियो   Click Here

लोट्यो तुंतो हिंद ना लाला, हैडा फाट गाउं हुं हाला
काळजडाने बोल ई काला, भोकें मारी छातीये भाला...टेक
निकळ्यो तो तुं निहाळ जावा ने, जलीया वाला जेल
दील दीधुं तुं देस ने तारा, मन मां नोंहतोय मेल
आग्युं घट सळगे आला..हाला गाउं हिंद ना लाला..||01||
खेतरे जई ने खेलतो तो तुं, हळ वावी हथीयार
जोई रहे केम सिखणीं जायो, मातृ भुमी ने मार
मंड्यो लईन हाथ मिशाला, हाला गाउं हिंद ना लाला..||02||
आटक्यो तुं अंगरेज ने माथे, बाटक्यो तुं बळवान
साटक्यो तें सारडील ने सेरी, जाटक्यो लीधेल जान
दागी त्रण गोळीयुं डाला..लीधूं तेंतो वेर ई लाला...||03||
दोसतारुं संग दीधीयुं तेतो, घारा सभा मां धिंह..
बोम फेंकी ने तुं बंकडा बोल्यो, हुं सिखणीं जायो सिंह
अंगरेजांय भर्य उचाला, हरखी तारा गाउं हुं हाला..||04||
थथरी गोरा ना काळजां कंप्या, पाडतां तुं  पड़कार
जुलतो लाहोर मांचडे जोया, अमे  हिंद माता नो हार
विरा त्रण लागीया वाला, हाला गाउ हिंद ना लाला..||05||
हिंद हैये तुं हीबकी हाल्यो, सहीद आजम नो सूर
जननीने जोगीदान जळेळ्या, पांपणे आंहुना पूर
ठबका शुं आ देस ने ठाला, हाला गाउं हिंद ना लाला..||06||

21 मार्च 2016

GPSC परीणाम

जय माताजी

GPSC द्रारा लेवायेल कलास-1 & 2 नी प्रीलीयम परीक्षानु ता.19-03-2016 ना रोज जाहेर थयेल परीणाममां चारण-गढवी समाजना जे उमेदवारो पास थयेल छे तेमनी माहिती आपवानो नानकडो प्रयास करेल छे.
(1) श्याम माणेक गढवी -झरपरा कच्छ
(2) वालजी मोहन गढवी - नानी रायण कच्छ
(3) विवेक मोहन गढवी- वीगणीया कच्छ
(4) यशपाल प्रकाशदान ईसराणी-जामनगर
(5) मनिषदान सागरदान ईसराणी-जामनगर
(6) जलदीपकुमार पी.टापरीया -हेबतपुर सूरेन्द्रनगर
(7) दुष्यंतदान महेशदान बोक्षा- सूरेन्द्रनगर
(8) विजयदान गढवी- वाव
(9) अनिलदान डी.सिंहढायच - देवरासण
(10) गौरवकुमार रमेशदान गढवी- देवरासण
(11) नयनाबेन लांबा - राजकोट
(12) धवलदान फतेसिंहजी आसीया - पालनपुर
(13) किर्तीदान भगवतसिंह गढवी - खेड़ा
(14) मितलबेन दिलीपदान सिंहढायच - देवरासण
(15) धरतीबेन आईदान रोहड़ीया (मीठवी राणा) वाव
(16) ऋतृबेन अमरसिंह राबा - राजकोट
(17) सुरजीतदान धनश्यामदान महेडु - गांधीनगर
(18) जयकरण महेशभाई गढवी - अमदावाद
(19) चेेतन गढवी - सरी
(20) कुणाल गढवी - सरी
(21) देवेन्द्रसिंह नटवरदान गढवी - कंजेली साबरकांठा
(22) मनन महेशदान गढवी - बोटाद
(23) रूद्र भरतदान गढवी - अमदावाद
(24) अनिरुध्धसिंह G गढवी - साबरकांठा
(25) हरेश्वरीबेन नारायण राबा - गांधीधाम-कच्छ
(26) निधीबेन मुकेश लांबा - राजकोट
(27) सुजीत विजयदान टापरीया - हेबतपुर सुरेन्द्रनगर
(28) हिरेनसिंह बी. गढवी - देवरासण
(29) मनहरदान समरथदान गढवी - सुरेन्द्रनगर
(30) नाराण ऐम. गढवी - जाम खंभाडीया
(31) अनिरुध्धसिंह भरतदान वरसडा - अमदावाद
(32) विजय गढवी - खेड़ा
(33) डॉ. रिध्धीबेन गढवी - हिंमतनगर
(34) जयदीप शंभुभाई गढवी - राजकोट
(35) सुनीताबेन शंभुभाई गढवी - राजकोट
(36) दिव्येश जबरदान गढवी - राजकोट
(37) डॉ. निर्मळसिंह अखुभा ईसराणी - वीर वदरका
(38) कुलदीप गढवी - राजकोट
(39) मयुर गढवी - जाम खंभाडीया
(40) जानकीबेन हरदेवसिंह रोहडीया - चारणका
(41) निसमाबेन नरसिंह गढवी - भुज कच्छ
(42) संदिप गंभीरसिंह मोड़ - राणेश्वर
(43) कुलदीप अजीतसिंह मोड - राणेश्वर
(44) विवेक प्रविणदान टापरीया - सुरेन्द्रनगर
(45) नरेन्द्रदान शिवदान देथा - कमलपुर-पाटण
(46) योगेशदान शिवदान देथा - कमलपुर-पाटण
(47) नुतनबेन जे महेडु - कोयली
(48) निरव प्रदीपदान ईसराणी घुनानागाम हाले मांडवी कच्छ
(49) आलाप प्रदीपदान ईसराणी घुनानागाम हाले मांडवी कच्छ
(50) मृणाल घनश्यामदान ईसराणी घुनानागाम
(51) चेतन धीरज गढवी - पनवी
(52) सपनाबेन रामसिंह गढवी - देवरासण
(53) हितेन्द्रकुमार फतेसिंह गढवी पालनपुर
(54) प्रशांत प्रफुलदान इसराणी - वीरवदरका
(55) पंकजदान बाबुदान खडीया - कवाडिया
(56) मृणाल बारहट - सुरत
(57) प्रीतीबेन नरसिंगभाई राबा - सुरेन्द्रनगर
(58) सामत के रुदाच - खंभाडीया
(59) नरेन्द्र भरत गढवी - गीर
(60) रीनाबेन विष्णुदान चारण - मोटेरा बनासकांठा
(61) रघुवीर नवलदान गढवी - सुरेन्द्रनगर
(62) आशिदान महेडु - वेगडवाव
(63) नवल शामराभाई खंभाडीया
(64) पृथ्वीराज मुकेशदान गढवी- सामरडा
(65) संजयदान अशोकदान रत्नु - धांकणीया
(66) अरुणदान ऐम गढवी - पनीयारी
(67) विक्रमदान मनहरदान गढवी
(68) मौलिक राजेशकुमार गढवी - अमदावाद
(69) आरतीबेन किशोरदान गढवी - गांधीनगर
(70) पूजाबेन लाभुभाई गढवी - गांधीनगर
(71) गायत्रीबेन दिलीपदान गढवी - मोटेरा
(72) विष्णुदान के गढवी - बनासकांठा
(73) मीताबेन मोहनदान रोहडीया - वींगणीया
(74) मितालीबेन नवलदान गढवी - वांकानेर
(75) भानुप्रताप जी गढवी - सामरडा
(76) राजलबेन जयदेव अयाची - भुज
(77) नम्रताबेन अंबादान पायक लोद्राणी भुज कच्छ
(78) निरुपाबेन तखतदान ईसराणी - धुनानागाम
(79) गायत्रीबेन गणपतदान गढवी - पालनपुर
(80) राधेश्याम गणपतदान गढवी - पालनपुर
(81) पंकजभाई शामळ - झामडी सुरेन्द्रनगर
(82) दर्शकदान हसमुखदान मोड - राणेश्वर
(83) विजय वीराभाई गढवी - छत्रावा
(84) किर्तीदान किशोरदान झूला - कुवारडा
(85)ध्रुपतसिंह महेन्द्रसिंह मोड - राणेश्वर
(85) राजा उदेसिंह गढवी - हळवद
(86) रविदान गढवी - राणेश्वर
(87) सागरदान गढवी - राजकोट
(88) वैभव नटवरसिंह मोड - राणेश्वर
(89) गौरवदान महेशदान बोक्षा - सुरेन्द्रनगर
(90) पार्थ महेन्द्रदान बोक्षा - सुरेन्द्रनगर
(91) प्रतिक महेन्द्रदान बोक्षा - सुरेन्द्रनगर 
(92) राजदीप जशदान टापरीया - हेबतपुर सुरेन्द्रनगर
(93) धर्मेश जगदीश गढवी - मोटी बोरडी
(94) डॉ.आलाप कैलाश गढवी - गांधीनगर
(95) विमलदान खेंगार गढवी - विगणीया कच्छ
(96) राजदीप देवीसंग गढवी -कवादीया
(97)
(98) राजदीप सागरदान झीबा - गांधीनगर
(99) डॉ.ऋतुराज कनुभाई वरसडा - अमदावाद


पास थयेल तमाम मित्रोने खूब खूब अभिनंदन

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आप GPSC नी मेईन परीक्षा तथा इंटरव्युमां पण सफळता मेलवीने आपनुं अने आपना परिवार तथा समाजनुं नाम रोशन करो ऐवी मां भगवती  पासे प्रार्थना

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आ लिस्टमां कोई नाम रही गयुं होय / नाममां भुल होय तो आ नंबर 9913051642 पर जाण करवा नम्र विनंती छे.

आ माहिती मने आपनार तमाम मित्रोनो खूब खूब आभार

आ माहिती खाली जाणकारी माटे ज छे तो कोई खोटुं अर्थघटन न करवा नम्र विनंती छे.

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      वंदे सोनल मातरम् 

20 मार्च 2016

मोगल आवड तुं महाकाळी .. रचना जोगीदानभाई गढवी (चडीया),

.               || मोगल आवड तुं महाकाळी ||
.                          छंद : अडल्ल
.               रचना : जोगीदान गढवी (चडीया)

जोगण पद वंदन हथ जोडी, त्रिय वीध ताप कटण दे त्रोडी
प्रोढ समय नामां तव पठणां, कळी काळ नाठत दख कठणा
परगट कळजुग मे परचाळी, थळवट चाळकणां धट थाळी
नमन लखो लख नीत लेहजाळी, मोगल आवड तुं महाकाळी..||01||

अजर अमर जग तुं अवतारी, व्रण चारण दीण लाज वघारी
जुग जूग लीयण अजनमा जनमा,गरजण खंड भुखंड गगनमा
पत रखणी लखणी लख परचा, चत सत जुग करत तव चरचा
धरम धारणी मात धजाळी, मोगल आवड तुं महाकाळी..||02||

अजब रुप घर आई अखंडी, पातल सत असमांण प्रचंडी
रौद्र भयंकर रूप रचावण, बांय ग्रहत नीज बाळ बचावण
जडधर ब्रंह्म हरी जप जपता,करत हाक दैतां कप कपता
तरहूर खपर खडग दै ताळी, मोगल आवड तुं महाकाळी..||03||

जय मोंगल आवड कई जागु, महा काली आशिस पद मागु,
साद करुं तहीं आवो सगती, भवां दीयो अढळक तव भगती
समरण हो तव सास उसासा, आयल करीयल ऐकज आसा
मळे प्रकट तुं मां ममताळी, मोगल आवड तुं महाकाळी..||04||

जण्यां गणीं मधरात जगावे, अहर नीशी अजपा घट आवे
दैवल रुप अनुपम दरसी, व्हाल अलौकीक मां अब वरसी
चडीया गण चारण गुण चावो, दरसण जोगीय दान द्रसावो
भय हरणी सूख करणीं भाळी, मोगल आवड तुं महाकाळी..||05||

कवि श्री काग एवोर्ड 2016

काग एवोर्ड ( कागधाम ) मजादर

19 मार्च 2016

किस देश वसे प्रितम मेरा रचना :- थार्या भगत

किस देश वसे प्रितम मेरा, कहो पवनदेव प्यारा.  टेक
दशे दिशा तुं आचे जावे, दामोदर कयों न दिखावे.
संग न लावे न पाती बतावे, मेरा अंतर जरे अंगारा.    १
निश्र्चें देख आये नाथको, बेपरवा भया भारी.
ॐकार ध्वनि अनहद उच्चारी, सब जग करे पसारा.   २
तुम देखा शेषकी शय्या तपासी, वैकुंठ होंगे अविनाशी.
मुजसे कब मिले सुखराशी, सोइ लावो समाचारा.         ३
थार्यो कहे शोधी लावो साही, मेरे दिलको धीरज नाही.
हजार वार पडुंमौं पाही, बतावो प्रभु का द्वारा.    ४

रचना :- थार्या भगत झरपरा-कच्छ

टाईप :- सामरा .पी. गढवी

17 मार्च 2016

शुं मांगु सोनबाई रचना - श्याम गढवी

.         शुं मांगु सोनबाई
.      रचना - श्याम गढवी
.      ढाळ - हवे प्रभु उगाडो द्रार

साखी - माग्युं तारा कने मावडी अने बमणुं आप्यु बाई
            श्याम कहे हवे आई हुं शुं मांगु सोनबाई

शुं मांगु सोनबाई तें तो अढळक आप्यो आई
           हवे माडी शुं मांगु सोनबाई....
फुलडा तारा बागना माडी अमे फोरमुं थी ओडखाई जी
चारण बाग-बगीचा केरी मालीक तुं छो आई
            तो हवे माडी शुं मांगु सोनबाई....
वर्ण अढार मां ज्ञाति चारण वेद मां वंचाय जी
गावे हरीगुन जगने गवरावे जेनी शारदा करे सहाय
        तो हवे माडी शुं मांगु सोनबाई....
चारण चित थी चाहे तने तारा नामथी मलकाय जी
सोनल शकित नाम समरता शुध्ध क्षमता समाई
            तो हवे माडी शुं मांगु सोनबाई....
काग जेवा कविओ मळया अमने ईशरनां अवतार जी
"श्याम" कहे सुरज रोकयो जेदी ऐवी आवळ आ कुळमांय
          तो हवे माडी शुं मांगु सोनबाई....

रचना :- श्याम गढवी साहित्यकार मोटा करोडीया-कच्छ
           9586584565

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|| गझल ||रचना : जोगीदान गढवी ( चडीया)

.               || गझल ||
रचना : जोगीदान गढवी ( चडीया)

ना कहे भिष्म पीता, के ना ई द्रोंण कहे..
चारणो बिन्न कहो, बिजुं ते कोंण कहे....
जांण कारो तो बधी, वातडी ने समजे छे
मानवुंज जेने नथी, ऐ वात मोंण कहे....
कृष्ण जेवाय अहीं, करे छे कोठा नी..
सात मां व्युह ने तो, छतां ई छोंण कहे..
सर्व सक्ती हती जे, सूरज ने थंभावे
अडधुं जे समज्या छे, ई एने ओंण कहे..
दान जोगी शुं कहुं, तूं साव भोळो पडे.
बात गेहरी ने बधा, हवा मां बोंण कहे...
ना कहे भिष्म पीता, के ना ई द्रोंण कहे..
चारणो बिन्न कहो, बिजुं ते कोंण कहे....

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